#रायडीह #महिला_सशक्तिकरण #महाधिवेशन : महिलाओं की भागीदारी से गूंजा शहीद बख्तर साय मुंडल सिंह स्टेडियम
रायडीह प्रखंड में महिला सशक्तिकरण का भव्य उदाहरण गुरुवार को देखने को मिला, जब महिला विकास मंडल रायडीह का 20वाँ वार्षिक अधिवेशन मुख्यालय स्थित शहीद बख्तर साय मुंडल सिंह स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस महाधिवेशन में प्रखंड के 13 पंचायतों से आई 844 महिला मंडलों की कुल 12,660 महिलाओं ने भाग लेकर एकजुटता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक बदलाव का मजबूत संदेश दिया।
- महिला विकास मंडल रायडीह का 20वाँ वार्षिक अधिवेशन आयोजित
- 13 पंचायतों की 844 महिला मंडल, 12,660 बहनों की सहभागिता
- सांसद सुखदेव भगत मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल
- महिलाओं के लिए स्थायी कार्यालय बनाने की घोषणा
- नुक्कड़ नाटक व झांकी से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार
रायडीह मुख्यालय स्थित स्टेडियम में आयोजित इस महाधिवेशन का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि सुखदेव भगत, विशिष्ट अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष किरणमाला बाड़ा, जिला परिषद सदस्य रश्मि मिंज, पंचायत समिति सदस्य हिमांशु गुप्ता तथा महिला विकास मंडल की अध्यक्ष रेजिना मिंज के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
समाज की रीढ़ हैं महिलाएं : सुखदेव भगत
महाधिवेशन को संबोधित करते हुए सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि घर, परिवार और समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाएं सीमित संसाधनों में भी कार्य कर आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
उन्होंने महिलाओं को बैंकों से जोड़ने, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और सरकारी योजनाओं को स्थानीय भाषा में सरल तरीके से समझाने पर विशेष जोर दिया।
सांसद ने अंधविश्वास, डायन-प्रथा, नशापान जैसी सामाजिक कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने महिला विकास मंडल रायडीह के लिए प्रखंड मुख्यालय में एक स्थायी कार्यालय निर्माण की घोषणा कर महिलाओं का उत्साह बढ़ाया।
एकजुटता और आत्मनिर्भरता का संदेश
इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष किरणमाला बाड़ा ने महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि संगठित महिलाएं समाज में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। जिला परिषद सदस्य रश्मि मिंज ने भी महिलाओं से एकजुट होकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
महिला विकास मंडल की दीदियों ने कार्यक्रम में आए अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। साथ ही सामाजिक जागरूकता को लेकर नुक्कड़ नाटक एवं आकर्षक झांकियों की प्रस्तुति की गई, जिसे उपस्थित महिलाओं ने खूब सराहा।
हजारों महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति
महाधिवेशन में प्रदीप मिश्रा, रजनी मिंज, किरण बाखला, चेरिया उरांव, लीलावती टोप्पो, जोस्फा खेस, सुशीला मिंज, अलमा एक्का, नीलम बेग, बिपुल मिश्रा, बसंत राम, शशि सहित हजारों महिलाएं मौजूद रहीं। पूरे आयोजन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और अनुशासन ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
न्यूज़ देखो विश्लेषण
रायडीह का यह महाधिवेशन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महिला शक्ति का जीवंत प्रमाण है। 12 हजार से अधिक महिलाओं की सहभागिता यह दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाएं अब अपने अधिकार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर सजग हो चुकी हैं। यदि ऐसे मंचों के माध्यम से उन्हें निरंतर मार्गदर्शन और संसाधन मिलते रहें, तो महिला सशक्तिकरण का सपना जल्द साकार हो सकता है।
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