
#रांची #छात्रवृत्ति_योजना : कल्याण मंत्री की सहमति से बदले प्रावधान, नौवीं से पोस्ट मैट्रिक तक सहायता।
राज्य सरकार ने ओबीसी विद्यार्थियों के लिए 400 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी दे दी है। कल्याण मंत्री चमरा लिंड की सहमति के बाद योजना के प्रावधानों में बदलाव किया गया है। इससे लगभग साढ़े पांच लाख पात्र छात्रों को नौवीं कक्षा से पोस्ट मैट्रिक स्तर तक आर्थिक सहायता मिलेगी।
- कुल 400 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति योजना को स्वीकृति।
- लगभग 5.5 लाख ओबीसी विद्यार्थी होंगे लाभान्वित।
- 100 करोड़ रुपये नौवीं और दसवीं कक्षा के लिए निर्धारित।
- 300 करोड़ रुपये पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए प्रावधान।
- प्रस्ताव को अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की सहमति।
राज्य में ओबीसी विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कल्याण मंत्री चमरा लिंड ने छात्रवृत्ति योजना के संशोधित प्रावधानों को अपनी सहमति दे दी है। इसके तहत 400 करोड़ रुपये की राशि से राज्य के लगभग साढ़े पांच लाख पात्र ओबीसी विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े वर्ग के छात्रों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नौवीं और दसवीं के छात्रों को विशेष लाभ
योजना के तहत 100 करोड़ रुपये का प्रावधान नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए किया गया है। इससे माध्यमिक स्तर पर पढ़ाई कर रहे छात्रों को आर्थिक सहयोग मिलेगा और ड्रॉपआउट दर में कमी आने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी छात्र पढ़ाई से वंचित न रहे।
पोस्ट मैट्रिक छात्रों के लिए 300 करोड़
वहीं 300 करोड़ रुपये पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित किए गए हैं। इससे इंटरमीडिएट, स्नातक, स्नातकोत्तर तथा अन्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत ओबीसी छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह सहायता महत्वपूर्ण साबित होगी।
विभाग ने दी औपचारिक सहमति
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने इस प्रस्ताव को अपनी सहमति दे दी है। विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब योजना के क्रियान्वयन की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल छात्रों को आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य में उच्च शिक्षा के प्रति रुचि और भागीदारी बढ़ने की संभावना है।
न्यूज़ देखो: शिक्षा में निवेश से सशक्त होगा समाज
छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की आधारशिला होती हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को समय पर सहायता मिलना उनकी शिक्षा यात्रा को मजबूत करता है। पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन से ही योजना का वास्तविक लाभ सुनिश्चित होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा ही सशक्त भविष्य की कुंजी
हर विद्यार्थी को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलना चाहिए। छात्रवृत्ति योजनाएं इसी दिशा में मजबूत कदम हैं।
यदि आप या आपके आसपास कोई छात्र इस योजना का पात्र है, तो उसे जानकारी जरूर दें।
खबर को साझा करें और अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें।






