
#उंटारीरोड #स्वास्थ्य_शिविर : प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेले में जांच, उपचार, चश्मा वितरण और टीकाकरण की सुविधा।
पलामू जिले के उंटारी रोड प्रखंड मुख्यालय स्थित स्वास्थ्य केंद्र में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला आयोजित किया गया, जिसमें कुल 423 लोगों को विभिन्न चिकित्सीय सेवाओं का लाभ मिला। शिविर का उद्देश्य दूरदराज़ और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना रहा। स्वास्थ्य जांच, चश्मा वितरण, टीकाकरण और मातृ-शिशु देखभाल जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया।
- उंटारी रोड स्वास्थ्य केंद्र में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला आयोजित।
- कुल 423 लोगों ने विभिन्न चिकित्सीय सेवाओं का लाभ लिया।
- 75 चश्मा और 42 मोतियाबिंद जांच से लाभान्वित हुए मरीज।
- गर्भवती महिलाओं का एएनसी, आयरन और कैल्शियम वितरण।
- बच्चों की निमोनिया जांच और टीकाकरण किया गया।
- सीओ बासुदेव राय और चिकित्सा पदाधिकारी राजेंद्र कुमार ने किया उद्घाटन।
पलामू जिले के उंटारी रोड प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला आयोजित किया गया। उंटारी रोड प्रखंड मुख्यालय स्थित स्वास्थ्य केंद्र में लगाए गए इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त किया। शिविर का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था, जो दूरी, संसाधनों की कमी या जानकारी के अभाव में नियमित इलाज से वंचित रह जाते हैं।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ
स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन चिकित्सा पदाधिकारी राजेंद्र कुमार एवं अंचल अधिकारी बासुदेव राय द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन अवसर पर अधिकारियों ने शिविर के उद्देश्य और सरकार की मंशा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य मेले समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उद्घाटन के बाद स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों की टीम ने अलग-अलग काउंटरों पर मरीजों की जांच और उपचार का कार्य शुरू किया।
423 लोगों को मिला प्रत्यक्ष चिकित्सीय लाभ
इस प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेले में कुल 423 लोगों ने पंजीकरण कराकर विभिन्न प्रकार की चिकित्सा सेवाओं का लाभ लिया। शिविर में आंख, महिला एवं बाल स्वास्थ्य, सामान्य रोग, टीकाकरण और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
विशेष रूप से आंखों की जांच के लिए अलग व्यवस्था की गई थी, जहां जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क चश्मा प्रदान किया गया।
आंखों की जांच में 75 को चश्मा, 42 की मोतियाबिंद जांच
शिविर में नेत्र जांच के दौरान 75 लोगों को निःशुल्क चश्मा दिया गया। इसके अलावा 42 मरीजों की मोतियाबिंद जांच की गई, जिससे भविष्य में उन्हें उचित इलाज और रेफरल की सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें पहली बार अपने ही प्रखंड में इस तरह की नेत्र जांच और सुविधा मिली है, जिससे उन्हें जिला या शहर जाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ी।
गर्भवती महिलाओं के लिए एएनसी और पोषण पर विशेष ध्यान
स्वास्थ्य मेले में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। शिविर में एएनसी जांच कराई गई और महिलाओं को आयरन एवं कैल्शियम की गोलियां वितरित की गईं। स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच, संतुलित आहार और समय पर दवा लेने के महत्व की जानकारी भी दी।
महिला स्वास्थ्य को लेकर यह पहल मातृ मृत्यु दर को कम करने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बच्चों की सेहत पर फोकस, निमोनिया जांच और टीकाकरण
शिविर में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती गई। बच्चों की निमोनिया जांच की गई और उम्र के अनुसार टीकाकरण भी किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने अभिभावकों को बच्चों के पोषण, समय पर टीका और बीमारी के लक्षणों को पहचानने की जानकारी दी।
इस पहल से छोटे बच्चों में होने वाली गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान और रोकथाम संभव हो सकेगी।
अधिकारियों ने बताया सरकार की मंशा
चिकित्सा पदाधिकारी राजेंद्र कुमार ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा आयोजित ऐसे स्वास्थ्य मेले का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना है।
चिकित्सा पदाधिकारी राजेंद्र कुमार ने कहा:
“सरकार की यह पहल दूर-दराज़ के ग्रामीणों के लिए बेहद उपयोगी है। इस स्वास्थ्य मेले से प्रखंड क्षेत्र के उन लोगों को भी लाभ मिला है, जो नियमित रूप से अस्पताल नहीं पहुंच पाते।”
उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि टीमवर्क के कारण ही शिविर सफल हो सका।
ग्रामीणों में दिखी संतुष्टि और भरोसा
स्वास्थ्य मेले में पहुंचे ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना था कि एक ही स्थान पर कई तरह की जांच और दवाइयों की सुविधा मिलने से समय और पैसे दोनों की बचत हुई।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के स्वास्थ्य मेले नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन में ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर बिनोद तिवारी, मनोज कुमार, एम.एम. प्रसाद सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मी, प्रशासनिक प्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर शिविर को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती की दिशा में कदम
उंटारी रोड का यह स्वास्थ्य मेला बताता है कि अगर योजनाएं ज़मीनी स्तर पर सही तरीके से लागू हों, तो उनका असर सीधे आम लोगों की ज़िंदगी पर पड़ता है। दूरदराज़ के ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है और ऐसे शिविर इस दिशा में भरोसा बढ़ाते हैं। अब जरूरत है कि इन प्रयासों की निरंतरता बनी रहे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ गांव, मजबूत समाज की नींव
जब इलाज गांव के पास मिलता है, तो जीवन सुरक्षित बनता है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सरकारी सुविधाओं का सही उपयोग हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इस खबर को साझा करें, अपने आसपास के लोगों को ऐसे शिविरों की जानकारी दें और स्वास्थ्य के अधिकार को मजबूत बनाएं। आपकी सहभागिता ही बेहतर व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है।





