
डुमरी में मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा कार्यक्रम, जनप्रतिनिधियों के आवास पर जुटे डुमरीवासी
#डुमरी #मकर_संक्रांति : जिला परिषद सदस्या सुनीता कुमारी एवं भाजपा नेता सुरेन्द्र कुमार के आवास पर पारंपरिक दही-चूड़ा कार्यक्रम का आयोजन।
डुमरी, गिरिडीह में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जिला परिषद भाग संख्या 32 की सदस्या श्रीमती सुनीता कुमारी एवं डुमरी भाजपा नेता श्री सुरेन्द्र कुमार के आवासीय कार्यालय में पारंपरिक दही-चूड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में डुमरीवासी शामिल हुए और आपसी सौहार्द व भाईचारे के साथ पर्व को हर्षोल्लास से मनाया गया।
- जिला परिषद सदस्या सुनीता कुमारी के आवासीय कार्यालय में आयोजन
- डुमरी भाजपा नेता सुरेन्द्र कुमार की उपस्थिति में कार्यक्रम
- मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा के साथ पारंपरिक उत्सव
- बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं समर्थक हुए शामिल
- आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश
डुमरी क्षेत्र में मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष भी पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। जिला परिषद भाग संख्या 32 की सदस्या श्रीमती सुनीता कुमारी एवं डुमरी भाजपा नेता सुरेन्द्र कुमार के आवासीय कार्यालय में आयोजित दही-चूड़ा कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। कार्यक्रम का माहौल आत्मीयता और उत्साह से भरा रहा।
जनप्रतिनिधियों के सान्निध्य में मना पर्व
कार्यक्रम के दौरान डुमरीवासियों ने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर मकर संक्रांति का पर्व मनाया। दही-चूड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजन के साथ लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
सुनीता कुमारी ने जताया आभार
जिला परिषद सदस्या सुनीता कुमारी ने कार्यक्रम में शामिल सभी डुमरीवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “आप सभी के स्नेह, सहयोग और उपस्थिति से मकर संक्रांति का यह पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया गया, जिसकी अनुभूति हमेशा स्मरणीय रहेगी।” उन्होंने लोगों के विश्वास और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
सामाजिक एकता का प्रतीक बना आयोजन
स्थानीय लोगों का कहना था कि इस तरह के आयोजन समाज में आपसी मेल-जोल को बढ़ावा देते हैं। मकर संक्रांति जैसे पर्व पर जनप्रतिनिधियों द्वारा आम लोगों के साथ बैठकर उत्सव मनाना सामाजिक एकता और जनसरोकार का प्रतीक है। कार्यक्रम में बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक की भागीदारी देखने को मिली।
डुमरी में दिखा उत्सव का रंग
दही-चूड़ा कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा। लोगों ने इसे एक पारिवारिक और आत्मीय आयोजन बताया। डुमरीवासियों ने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों की निरंतरता की उम्मीद जताई।
न्यूज़ देखो: परंपरा और अपनत्व का संगम
मकर संक्रांति पर आयोजित यह दही-चूड़ा कार्यक्रम न केवल एक पर्वोत्सव रहा, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और जनप्रतिनिधियों व जनता के बीच आत्मीय संबंधों को भी मजबूत करता नजर आया। ऐसे आयोजनों से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनता है और परंपराओं को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है।
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परंपरा से जुड़कर मजबूत होता समाज
मकर संक्रांति जैसे पर्व हमें आपसी प्रेम, सहयोग और समानता का संदेश देते हैं। जब जनप्रतिनिधि आम लोगों के साथ इस तरह पर्व मनाते हैं, तो समाज में विश्वास और एकता और भी सुदृढ़ होती है।





