
#जारी_थाना #गुमला : देविडीह गांव की घटना, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल।
जारी थाना क्षेत्र के देविडीह गांव में करीब एक माह पूर्व हुई मारपीट की घटना में घायल 85 वर्षीय बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
- देविडीह गांव में मारपीट में घायल 85 वर्षीय बुजुर्ग की मौत।
- घटना फरवरी माह की, इलाज के दौरान 10 मार्च को हुई मृत्यु।
- जारी थाना में पहले से कांड संख्या 08/26 दर्ज था।
- पुलिस ने मुख्य आरोपी इजिकल बाड़ा को किया गिरफ्तार।
- आरोपी को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल।
जारी थाना क्षेत्र के देविडीह गांव में करीब एक माह पूर्व हुई मारपीट की घटना में घायल 85 वर्षीय बुजुर्ग सदरक बेक की मंगलवार 10 मार्च 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
फरवरी माह में हुआ था हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक सदरक बेक (पिता स्व. रूबीन बेक) पर बीते फरवरी माह में जानलेवा हमला किया गया था। इस संबंध में जारी थाना में कांड संख्या 08/26, दिनांक 15 फरवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 126(2), 115(2), 117(2) और 109 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनका लगातार इलाज चल रहा था।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
गंभीर चोट लगने के कारण बुजुर्ग की स्थिति में सुधार नहीं हो सका। लंबे समय तक इलाज चलने के बाद आखिरकार 10 मार्च 2026 को उन्होंने दम तोड़ दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले के प्राथमिकी अभियुक्त इजिकल बाड़ा (21 वर्ष, पिता अलेकजेंदर बाड़ा), जो देविडीह गांव का ही निवासी है, को गिरफ्तार कर लिया।
थाना प्रभारी सन्नी कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस के अनुसार मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
न्यूज़ देखो : कानून के सामने कोई नहीं बच सकता
मारपीट और हिंसा जैसी घटनाएं समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि कानून के सामने अपराधियों को जवाब देना ही पड़ता है।
हिंसा नहीं, कानून पर भरोसा जरूरी
किसी भी विवाद का समाधान हिंसा नहीं है।
कानून व्यवस्था बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत पुलिस को देना जरूरी है।






