#कुरूमगढ़थाना #सड़कहादसा : नाबालिग की दर्दनाक मौत के बाद चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज।
कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र के चेरई गोड़ा गाँव के पास ट्रैक्टर से गिरकर 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। मृतक अरविंद पवन सिबिल गाँव का निवासी था और रविवार शाम घर लौटते समय हादसे का शिकार हुआ। परिजनों ने चालक पर नशे में तेज रफ्तार से वाहन चलाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
- चेरई गोड़ा गाँव के पास रविवार शाम हादसा।
- मृतक की पहचान अरविंद पवन (15 वर्ष), पिता एमानुएल असुर।
- चालक अंकित तिर्की पर नशे में लापरवाही का आरोप।
- कांड संख्या 03/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज।
- जांच की जिम्मेदारी SI संजय उरांव को सौंपी गई।
चैनपुर अंचल के कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत चेरई गोड़ा गाँव के समीप रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 15 वर्षीय किशोर की जान चली गई। मृतक की पहचान अरविंद पवन, पिता एमानुएल असुर, निवासी सिबिल गाँव के रूप में हुई है। घटना 1 मार्च 2026 की शाम लगभग 5:00 बजे की बताई जा रही है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
काम से लौटते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अरविंद पवन कुरूमगढ़ कुरुंद मोड़ से काम निपटाकर अपने गाँव लौट रहा था। वह गाँव के ही एक महिंद्रा ट्रैक्टर पर बैठकर घर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर सामान्य से अधिक गति में चलाया जा रहा था।
जैसे ही वाहन चेरई गोड़ा गाँव के पास पहुँचा, अरविंद का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रैक्टर से नीचे गिर पड़ा। गिरते ही ट्रैक्टर का पिछला चक्का उसके सिर पर चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
चालक पर नशे और लापरवाही का आरोप
मृतक के पिता एमानुएल असुर ने 2 मार्च को कुरूमगढ़ थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर चालक अंकित तिर्की कथित तौर पर नशे की हालत में था और वाहन को तेज गति व लापरवाही से चला रहा था।
एमानुएल असुर ने अपने आवेदन में कहा:
“मेरा बेटा काम से लौट रहा था। चालक तेज और लापरवाही से ट्रैक्टर चला रहा था, जिससे वह गिर गया और उसकी जान चली गई।”
उन्होंने यह भी बताया कि घटना रविवार शाम को हुई थी, इसलिए रात होने के कारण वे उसी दिन आवेदन नहीं दे सके और अगले दिन थाना में शिकायत दर्ज कराई।
कांड संख्या 03/2026 के तहत मामला दर्ज
कुरूमगढ़ थाना में इस संबंध में कांड संख्या 03/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया:
“मामले को गंभीरता से लिया गया है। जांच के लिए SI को जिम्मेदारी दी गई है और विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”
जांच की जिम्मेदारी SI संजय उरांव को सौंपी गई है, जो घटना के सभी पहलुओं की जांच करेंगे, जिसमें चालक की कथित नशे की स्थिति और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान शामिल हैं।
क्षेत्र में शोक और आक्रोश
घटना के बाद सिबिल और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर जैसे भारी वाहनों को सार्वजनिक मार्गों पर सावधानीपूर्वक चलाया जाना चाहिए, विशेषकर जब उस पर सवारियां बैठी हों।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और वाहनों के संचालन को लेकर सवाल खड़े करता है। बिना सुरक्षा इंतजाम के ट्रैक्टर पर सवारी बैठाना स्वयं में जोखिम भरा माना जाता है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद पुलिस क्या निष्कर्ष निकालती है और आरोपी चालक के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
न्यूज़ देखो: लापरवाही की कीमत एक मासूम की जान
चेरई गोड़ा की यह घटना बताती है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। यदि आरोप सही हैं तो यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर गैरजिम्मेदारी का मामला है। ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर से सवारी ढोने की प्रथा पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासनिक सख्ती और जागरूकता दोनों ही समय की मांग हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित सफर ही सच्ची जिम्मेदारी
हर वाहन चालक की जिम्मेदारी है कि वह दूसरों की जान को प्राथमिकता दे।
एक क्षण की असावधानी पूरे परिवार की जिंदगी बदल सकती है।
आइए, सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर बनें और नियमों का पालन करें।
यदि आप भी अपने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही देखते हैं, तो संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सुरक्षित समाज के निर्माण में भागीदारी निभाएं।