रसेल वाइपर के डसने से डुमरी में 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत, नवाडीह गांव में शोक

रसेल वाइपर के डसने से डुमरी में 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत, नवाडीह गांव में शोक

author Aditya Kumar
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#डुमरी #सर्पदंश #रसेल_वाइपर : जहरीले सांप के काटने से व्यक्ति की असामयिक मौत, गांव में मातम का माहौल।

डुमरी प्रखंड के नवाडीह गांव में सर्पदंश की दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां रसेल वाइपर के काटने से 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। घटना शुक्रवार शाम की है, जब सांप के डसने के बाद हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना से गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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  • नवाडीह गांव में रसेल वाइपर के डसने से मौत।
  • मृतक की पहचान ज्योतिष टोप्पो (40 वर्ष) के रूप में।
  • घटना शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे की।
  • अस्पताल पहुंचने से पहले ही हालत गंभीर।
  • पूरे गांव में शोक की लहर

डुमरी प्रखंड के नवाडीह गांव में सर्पदंश की एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवाडीह निवासी ज्योतिष टोप्पो (40 वर्ष), पिता स्वर्गीय निकोडिन टोप्पो, शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे एक जहरीले सांप रसेल वाइपर के शिकार हो गए। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।

घटना का विवरण

बताया जा रहा है कि ज्योतिष टोप्पो प्रखंड क्षेत्र के सुधीर तिर्की के घर के समीप मौजूद थे। इसी दौरान अचानक वहां छिपे रसेल वाइपर ने उन्हें डस लिया। सांप के काटते ही जहर का असर तेजी से फैलने लगा, जिससे उनकी तबीयत कुछ ही समय में गंभीर हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय ग्रामीण आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लेकर रवाना हुए। रास्ते में ही उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

अस्पताल में डॉक्टर ने किया मृत घोषित

परिजन उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, डुमरी लेकर पहुंचे। वहां मौजूद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने जांच के बाद ज्योतिष टोप्पो को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, जहर का असर अत्यधिक तेज होने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मृत्यु की पुष्टि होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं इस दुखद घटना की खबर फैलते ही पूरे नवाडीह गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इसे एक अत्यंत दुखद और असामयिक घटना बताया।

सर्पदंश से बचाव की जरूरत

ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बरसात के मौसम में जहरीले सांपों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और समय पर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।

न्यूज़ देखो: समय पर इलाज फिर भी नहीं बची जान

डुमरी प्रखंड के नवाडीह गांव में हुई यह घटना एक बार फिर सर्पदंश के खतरे को उजागर करती है। रसेल वाइपर जैसे अत्यंत जहरीले सांप के काटने पर कुछ ही मिनटों में हालत गंभीर हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सुविधा, एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता और जागरूकता अभियान बेहद जरूरी हैं।

सतर्कता ही बचाव

सर्पदंश से बचाव के लिए साफ-सफाई, रात में टॉर्च का उपयोग और खेत-खलिहानों में सावधानी जरूरी है। ऐसी घटनाओं से सबक लेकर यदि समय रहते सावधानी बरती जाए, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।
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Written by

डुमरी, गुमला

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