बोलबा अपर बाजार में 10 दिनों से जला ट्रांसफार्मर, बिजली ठप, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

बोलबा अपर बाजार में 10 दिनों से जला ट्रांसफार्मर, बिजली ठप, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

author Birendra Tiwari
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#बोलबा #बिजली_संकट : 100 केवीए ट्रांसफार्मर खराब—व्यवसाय और पढ़ाई प्रभावित, आंदोलन की चेतावनी।

सिमडेगा के बोलबा प्रखंड के अपर बाजार में 100 केवीए ट्रांसफार्मर 10 दिनों से खराब है। इससे पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। ग्रामीणों ने विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

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  • 10 दिनों से ट्रांसफार्मर खराब, बिजली ठप
  • स्थानीय लोगों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया
  • व्यवसाय और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
  • ग्रामीणों ने नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की
  • कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड मुख्यालय स्थित अपर बाजार में बिजली संकट गहरा गया है। यहां लगा 100 केवीए का ट्रांसफार्मर पिछले करीब 10 दिनों से खराब पड़ा हुआ है, जिससे पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। इस स्थिति से स्थानीय लोगों और व्यवसायियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रखंड मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी इतनी लंबी देरी विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।

विभाग की अनदेखी से बढ़ा आक्रोश

स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर खराब होने के तुरंत बाद बिजली विभाग को लिखित सूचना दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

इंद्र मोहन सिंह ने कहा: “इतनी बड़ी समस्या के बावजूद विभाग पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।”

छोटू शाह ने कहा: “राजस्व हम देते हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिलता।”

बार-बार मरम्मत, नहीं मिला स्थायी समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि हर बार नया ट्रांसफार्मर लगाने के बजाय पुराने जले ट्रांसफार्मर की मरम्मत कर उसे दोबारा लगा दिया जाता है।

रंजीत शाह ने कहा: “मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है।”

शेखर जायसवाल ने कहा: “लगाने के कुछ ही सेकंड बाद ट्रांसफार्मर फिर जल गया, यह बड़ी लापरवाही है।”

स्थानीय लोगों ने खुद उठाया खर्च

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने खुद चंदा इकट्ठा कर ट्रांसफार्मर को जिला मुख्यालय तक पहुंचाया और बिजली कर्मियों के सहयोग में भी खर्च उठाया।

प्रशांत जायसवाल ने कहा: “हमने खुद पैसा लगाकर ट्रांसफार्मर भेजा, फिर भी समस्या जस की तस है।”

व्यवसाय और पढ़ाई पर असर

बिजली आपूर्ति ठप रहने से दुकानदारों का कामकाज प्रभावित हो रहा है और छोटे व्यवसाय पूरी तरह ठप हो गए हैं।

एक दुकानदार ने कहा: “बिजली नहीं होने से दुकान चलाना मुश्किल हो गया है।”

वहीं, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि शाम के समय रोशनी नहीं मिल पा रही।

मरम्मत प्रक्रिया पर सवाल

ट्रांसफार्मर के बार-बार खराब होने के बाद ग्रामीणों ने जिला स्तर पर हो रही मरम्मत प्रक्रिया की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं।

एक ग्रामीण ने कहा: “मरम्मत सही तरीके से नहीं होती, इसलिए बार-बार समस्या आती है।”

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी: “यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो हम आंदोलन करने को बाध्य होंगे।”

प्रशासन से जांच की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

भीषण गर्मी में बढ़ी परेशानी

गर्मी के मौसम में बिजली नहीं रहने से लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई है।

न्यूज़ देखो: व्यवस्था की लापरवाही से संकट

बोलबा का यह मामला दिखाता है कि बुनियादी सेवाओं में लापरवाही आम लोगों के लिए कितना बड़ा संकट बन जाती है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बिजली हर घर की जरूरत

बिजली के बिना जीवन मुश्किल है।
समय पर समस्या का समाधान जरूरी है।
लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
आइए, हम अपने अधिकार के लिए खड़े हों।

इस खबर को शेयर करें और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाएं।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।

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Written by

सिमडेगा

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