#चतरा #सड़क_दुर्घटना : टायर ब्लास्ट से अनियंत्रित बस मुरैनवा टोल के पास पलटी।
चतरा-डोभी मुख्य मार्ग पर जोरी थाना क्षेत्र के मुरैनवा टोल प्लाजा के पास रायगढ़ से गयाजी जा रही एक यात्री बस पलट गई। टायर ब्लास्ट होने से बस अनियंत्रित हुई और हादसे में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को एंबुलेंस से सदर अस्पताल चतरा लाया गया, जहां एक को हजारीबाग रेफर किया गया। घटना के बाद पुलिस ने राहत-बचाव कार्य शुरू कर मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।
- मुरैनवा टोल प्लाजा, जोरी थाना क्षेत्र के पास हादसा।
- रायगढ़ से गयाजी जा रही थी यात्री बस।
- लगभग छह यात्री गंभीर रूप से घायल।
- सुजीत कुमार को हजारीबाग रेफर किया गया।
- बस में क्षमता से अधिक सवारी होने का आरोप।
चतरा जिले में होली से पहले एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। चतरा-डोभी मुख्य मार्ग पर वशिष्ठ नगर जोरी थाना क्षेत्र स्थित मुरैनवा टोल प्लाजा के समीप एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बताया जा रहा है कि बस छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से बिहार के गयाजी जा रही थी। हादसे में छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
टायर ब्लास्ट से हुआ हादसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बस मुरैनवा टोल प्लाजा से पहले पहुंची ही थी कि उसका अगला टायर अचानक ब्लास्ट कर गया। तेज रफ्तार में चल रही बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही चतरा सदर थाना और वशिष्ठ नगर जोरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। वशिष्ठ नगर थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया।
अमित कुमार सिंह ने कहा: “सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों के सहयोग से घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया और स्थिति को नियंत्रित किया गया।”
ये हैं घायल यात्री
हादसे में गंभीर रूप से घायल यात्रियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- राकेश कुमार (पिता रामाकांत शर्मा), जहानाबाद, बिहार।
- रंधीर कुमार (पिता स्व. कृष्णदेव सिंह), अड़मा, वजीरगंज, गया।
- सुशील कुमार (पिता अंबिका भुईयां), गोशाला, डुमरिया, गया।
- अमृत कुमार (पिता चरितर भारती), एघारा पंचायत जुड़ी, प्रतापपुर, चतरा।
- सुजीत कुमार (पिता ब्रह्मदेव महतो), बगरा।
- कमलेश कुमार।
सभी घायलों को एंबुलेंस की सहायता से सदर अस्पताल चतरा लाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, सुजीत कुमार की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर कर दिया गया। शेष पांच घायलों का इलाज चतरा में जारी है।
क्षमता से अधिक सवारी का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। कुछ यात्री बस की छत पर भी बैठे हुए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार यात्रियों की सुरक्षा के साथ लापरवाही बरती जा रही थी।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि यदि बस में निर्धारित संख्या में ही यात्री होते तो संभवतः नुकसान कम हो सकता था। इस मुद्दे पर परिवहन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अफरा-तफरी का माहौल
बस पलटने के बाद यात्रियों में अपने-अपने परिजनों को खोजने की होड़ मच गई। कई लोग बस के नीचे और आसपास फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में जुटे रहे। राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जिससे राहत कार्य में तेजी आई।
घटना में किसी की मौत नहीं होने से लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन छह लोगों के गंभीर रूप से घायल होने से माहौल गंभीर बना रहा।
सोते रह गए यात्री, बढ़ी मुश्किल
जानकारी के अनुसार, दो यात्री जिन्हें बगरा में उतरना था, वे नींद के कारण निर्धारित स्थान पर नहीं उतर सके। आगे जाकर बस पलट गई और दोनों घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल सुजीत कुमार को भी बगरा में उतरना था। अब उनका इलाज हजारीबाग में चल रहा है।
सांसद और पूर्व मंत्री पहुंचे अस्पताल
घटना की जानकारी मिलने के बाद सांसद कालीचरण सिंह और झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता सदर अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने घायलों का हालचाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अस्पताल परिसर में उन्होंने परिजनों से भी बातचीत की और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
न्यूज़ देखो: सड़क सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल
जोरी की यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। क्षमता से अधिक सवारी और वाहनों की तकनीकी जांच में लापरवाही गंभीर हादसों को न्योता दे रही है। प्रशासन को न केवल जांच करनी होगी, बल्कि नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। क्या इस घटना के बाद परिवहन विभाग ठोस कदम उठाएगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित यात्रा ही जिम्मेदार समाज की पहचान
सड़क पर निकलते समय हमारी एक छोटी लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। वाहन मालिकों और चालकों को नियमों का पालन करना चाहिए और यात्रियों को भी सुरक्षा के प्रति सजग रहना होगा। क्षमता से अधिक सवारी और बिना जांच के चलने वाले वाहनों के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
आपकी सतर्कता ही अगला हादसा रोक सकती है।
यदि आपने भी इस मार्ग पर अव्यवस्था देखी है, तो अपनी बात जरूर रखें।
कमेंट करें, खबर साझा करें और सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलाएं।
सुरक्षित यात्रा का संदेश घर-घर तक पहुंचाएं।