#लातेहार #सांस्कृतिक_कार्यक्रम : दीप प्रज्वलन से शुभारंभ—जिले की संस्कृति और प्रतिभा का प्रदर्शन।
लातेहार के 25वें स्थापना दिवस पर जिला खेल स्टेडियम में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधानसभा सभापति रामचंद्र सिंह और पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम ने दीप प्रज्वलित कर किया। मंच पर स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही।
- जिला खेल स्टेडियम, लातेहार में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित।
- रामचंद्र सिंह और बैद्यनाथ राम ने दीप प्रज्वलन किया।
- स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं।
- जिले की सांस्कृतिक विरासत को मंच मिला।
- कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी।
लातेहार जिले के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर जिला खेल स्टेडियम में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिले की सांस्कृतिक पहचान और लोक परंपराओं को सहेजने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों और छात्रों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ झारखंड विधानसभा सभापति सह विधायक रामचंद्र सिंह और पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
रामचंद्र सिंह ने कहा: “लातेहार की सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान है, जिसे आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
मंच पर सजी संस्कृति की झलक
कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें लोक नृत्य, गीत और पारंपरिक झांकियां शामिल थीं। कलाकारों ने जिले की समृद्ध संस्कृति को जीवंत कर दिया।
एक दर्शक ने कहा: “यह कार्यक्रम हमारी परंपराओं को करीब से देखने का अवसर देता है।”
स्थानीय कलाकारों को मिला मंच
इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिला, जहां उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया और दर्शकों की सराहना प्राप्त की।
दर्शकों की भारी उपस्थिति
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। दर्शकों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम का आनंद लिया और कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
उत्सव का माहौल
पूरे कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी को आकर्षित किया।
स्थापना दिवस की विशेषता
यह सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थापना दिवस के आयोजनों की प्रमुख कड़ी रहा, जिसने जिले के गौरवशाली इतिहास और परंपराओं को सामने लाने का काम किया।
सांस्कृतिक पहचान को मिला बल
इस आयोजन से यह संदेश गया कि विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी सहेजना जरूरी है।

न्यूज़ देखो: संस्कृति से जुड़ाव ही पहचान
लातेहार का यह आयोजन दर्शाता है कि सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज की पहचान को मजबूत करने का माध्यम होते हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाएं
हमारी संस्कृति हमारी पहचान है।
जरूरी है कि हम इसे सहेजें और आगे बढ़ाएं।
स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करना हमारा कर्तव्य है।
आइए, हम अपनी परंपराओं को जीवित रखें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और इस सांस्कृतिक पहल को आगे बढ़ाएं।
