
#गढ़वा #सामाजिक_सेवा : जन्मदिवस को सेवा दिवस बनाकर राग-द्वेष त्यागने का दिया संदेश।
गढ़वा जिले के डंडई प्रखंड अंतर्गत रारो बाजार में युवा समाजसेवी पंकज विश्वकर्मा के जन्मदिवस के अवसर पर भव्य सेवा कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कड़ाके की ठंड से राहत पहुंचाने के लिए लगभग 2500 बुजुर्ग अभिभावकों के बीच कंबल वितरित किए गए। कार्यक्रम में सामाजिक एकता, सद्भाव और सेवा भावना का स्पष्ट संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में यह आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
- रारो बाजार, डंडई प्रखंड में भव्य कंबल वितरण कार्यक्रम।
- युवा समाजसेवी पंकज विश्वकर्मा के जन्मदिवस पर आयोजन।
- लगभग 2500 बुजुर्ग अभिभावक हुए लाभान्वित।
- राग-द्वेष त्यागकर समाज सेवा के लिए एकजुट होने की अपील।
- प्रशासन की मौजूदगी में शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित आयोजन।
डंडई प्रखंड के रारो बाजार में रविवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सामाजिक सेवा और मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की। युवा समाजसेवी पंकज विश्वकर्मा ने अपने जन्मदिवस को व्यक्तिगत उत्सव न मानकर सेवा दिवस के रूप में मनाया। कड़ाके की ठंड के बीच हजारों बुजुर्ग अभिभावकों के चेहरे पर राहत और संतोष की मुस्कान देखने को मिली, जब उन्हें ठंड से बचाव के लिए कंबल प्रदान किए गए।
जन्मदिवस बना सेवा और सद्भाव का पर्व
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह से ही बुजुर्गों के जुटने के साथ हो गई थी। रारो पंचायत सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बुजुर्ग अभिभावक पहुंचे। आयोजन स्थल पर सुव्यवस्थित तरीके से कंबल वितरण की व्यवस्था की गई थी, जिससे किसी प्रकार की अफरा-तफरी न हो। यह आयोजन केवल राहत वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और एकता का संदेश देने का माध्यम भी बना।
बुजुर्गों के बीच भावुक हुए पंकज विश्वकर्मा
कंबल वितरण के दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंकज विश्वकर्मा भावुक हो उठे। उन्होंने कहा:
पंकज विश्वकर्मा ने कहा: “जब भी मैं इन माताओं, पिताओं और बुजुर्गों के सामने खड़ा होता हूं, तो मुझे एक अलग ही ऊर्जा मिलती है। इनका आशीर्वाद ही मुझे सेवा के कार्य करने की शक्ति देता है। मैं चाहता हूं कि इनका आशीर्वाद मुझ पर हमेशा बना रहे, ताकि मैं इनके बुढ़ापे का सहारा बन सकूं और भविष्य में इससे भी बड़े सेवा कार्यक्रम कर सकूं।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज के कमजोर वर्ग की सेवा ही उनके जीवन का उद्देश्य है और वे आगे भी इसी तरह समाजहित के कार्य करते रहेंगे।
राग-द्वेष त्यागने और एकता की अपील
अपने संबोधन में पंकज विश्वकर्मा ने ग्रामीणों से राजनीति और व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठने की अपील की। उन्होंने कहा:
पंकज विश्वकर्मा ने कहा: “हम सभी को आपसी राग-द्वेष, राजनीति और निजी मतभेद भूलकर समाज सेवा के लिए एकजुट होना चाहिए। समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब हम मिलकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक मदद पहुंचाएं।”
उनकी इस अपील को उपस्थित ग्रामीणों ने तालियों के साथ समर्थन दिया।
दिग्गज सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों ने शिरकत कर आयोजन की सराहना की। सुरेंद्र विश्वकर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष, विश्वकर्मा समाज, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा:
सुरेंद्र विश्वकर्मा ने कहा: “पंकज विश्वकर्मा जैसे युवा समाजसेवी आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। जिस तरह उन्होंने अपने जन्मदिवस को सेवा दिवस के रूप में मनाया है, वह समाज के लिए अनुकरणीय है।”
वहीं श्रवण चंद्रवंशी, भाजपा मंडल अध्यक्ष, ने कहा:
श्रवण चंद्रवंशी ने कहा: “जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक इस तरह मदद पहुंचती है, तभी ऐसे आयोजन वास्तव में सार्थक होते हैं।”
मोहन पासवान, जिला परिषद सदस्य, ने भी बुजुर्गों को संबोधित करते हुए भरोसा दिलाया:
मोहन पासवान ने कहा: “यदि आप सभी का आशीर्वाद इसी तरह बना रहा, तो आने वाले समय में भी सेवा का यह सिलसिला और बड़े स्तर पर जारी रहेगा।”
प्रशासनिक सहयोग से बना अनुशासित आयोजन
हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। डंडई थाना के प्रभारी कृष्णकांत प्रसाद अपने पूरे दलबल के साथ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस बल की मुस्तैदी के कारण कंबल वितरण कार्य पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। बुजुर्गों को कतारबद्ध तरीके से कंबल वितरित किए गए, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।
आभार और गर्व का भाव
कार्यक्रम के अंत में रारो पंचायत की पूर्व मुखिया मीना देवी ने आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पंकज विश्वकर्मा का जन्मदिन सेवा दिवस के रूप में मनाया जाना पूरे पंचायत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने प्रशासन, अतिथियों और आम जनता को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

न्यूज़ देखो: जब जन्मदिवस बन जाए समाज सेवा का संदेश
रारो बाजार में हुआ यह आयोजन बताता है कि व्यक्तिगत अवसरों को भी समाज सेवा से जोड़कर व्यापक सामाजिक संदेश दिया जा सकता है। बुजुर्गों के प्रति सम्मान, ठंड जैसे संकट में त्वरित सहायता और एकता की अपील इस खबर को विशेष बनाती है। सवाल यह है कि क्या ऐसे प्रयासों को नियमित और संस्थागत रूप दिया जा सकता है, ताकि जरूरतमंदों को निरंतर सहायता मिल सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा और एकता से ही मजबूत होगा समाज
जब समाज के युवा आगे बढ़कर बुजुर्गों और जरूरतमंदों का सहारा बनते हैं, तभी सामाजिक बदलाव संभव होता है। राग-द्वेष छोड़कर यदि हर व्यक्ति सेवा के लिए एक कदम आगे बढ़ाए, तो किसी को भी अभाव में नहीं रहना पड़ेगा। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे दूसरों तक पहुंचाएं और समाज सेवा की इस भावना को और मजबूत बनाएं।





