
#बरवाडीह #बाजारशेडविवाद : अंचल कार्यालय के नोटिस से चिंतित दुकानदारों ने विधायक से की मुलाकात, हितों की रक्षा का भरोसा
बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय स्थित बाजार शेड के अस्थायी दुकानदारों ने अंचल कार्यालय से मिले नोटिस को लेकर विधायक रामचंद्र सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी समस्याएं क्रमवार रखीं, जिस पर विधायक ने संबंधित अधिकारियों से बात कर गरीब दुकानदारों के हितों का ध्यान रखने का आश्वासन दिया।
- बाजार शेड के अस्थायी दुकानदारों का प्रतिनिधिमंडल विधायक से मिला।
- अंचल कार्यालय के नोटिस को लेकर जताई चिंता।
- विधायक रामचंद्र सिंह ने अधिकारियों से दूरभाष पर की वार्ता।
- बाजार क्षेत्र को स्वच्छ और अतिक्रमण मुक्त रखने की अपील।
- व्यवसायियों ने सड़क पर जाम और अतिक्रमण नहीं होने देने का दिया आश्वासन।
बरवाडीह (लातेहार) में शनिवार को बाजार शेड में दुकान संचालित करने वाले अस्थायी दुकानदारों का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक रामचंद्र सिंह के आवास पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने शेड में संचालित दुकानों से संबंधित अंचल कार्यालय द्वारा जारी नोटिस तथा अन्य समस्याओं को विधायक के समक्ष विस्तार से रखा। दुकानदारों ने बताया कि वे वर्षों से शेड में दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं और हालिया प्रशासनिक कार्रवाई से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
नोटिस से बढ़ी चिंता, विधायक से की हस्तक्षेप की मांग
दुकानदारों ने विधायक को अवगत कराया कि अंचल कार्यालय द्वारा जारी नोटिस के कारण उनके बीच असमंजस और भय का माहौल है। कई परिवार पूरी तरह इन दुकानों पर निर्भर हैं। ऐसे में यदि दुकानें बंद होती हैं तो उनके सामने आर्थिक संकट गहरा सकता है।
प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए विधायक रामचंद्र सिंह ने बाजार समिति के सचिव तथा संबंधित अनुमंडलीय पदाधिकारी से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बाजार शेड में दुकान चलाकर जीवन-यापन करने वाले गरीब और छोटे व्यवसायियों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाए।
“प्रखंड के सभी व्यवसायी हमारे परिवार के सदस्य हैं। उनके मान-सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना हमारा दायित्व है।”
विधायक ने अधिकारियों से आग्रह किया कि किसी भी निर्णय से पहले मानवीय पहलुओं पर विचार किया जाए और दुकानदारों को उचित अवसर प्रदान किया जाए।
स्वच्छ और व्यवस्थित बाजार की अपील
मुलाकात के दौरान विधायक ने यह भी कहा कि बाजार क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें व्यवसायियों और आम नागरिकों की भी समान भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने सड़क पर अतिक्रमण से बचने, कचरा न फैलाने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने में सहयोग की अपील की। विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि बाजार क्षेत्र व्यवस्थित रहेगा तो व्यापार भी बेहतर होगा और ग्राहकों को भी सुविधा मिलेगी।
व्यवसायियों ने दिया सहयोग का भरोसा
विधायक की अपील पर उपस्थित व्यवसायियों ने आश्वासन दिया कि बाजार क्षेत्र की सड़कों पर अतिक्रमण और जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वे प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था सुधारने के लिए सहयोग करेंगे, लेकिन साथ ही अपनी आजीविका की सुरक्षा भी चाहते हैं।
दुकानदारों ने उम्मीद जताई कि विधायक के हस्तक्षेप के बाद उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान निकलेगा और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
इस अवसर पर जिला परिषद प्रतिनिधि शशि शेखर, कांग्रेस अध्यक्ष प्रिंस प्रसाद गुप्ता, अनिल सिंह, शिवानंद तिवारी, वीरेंद्र ठाकुर, बजरंगी प्रसाद, कन्हाई प्रसाद, राहुल प्रसाद समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने दुकानदारों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए समाधान की दिशा में पहल की आवश्यकता जताई।
आजीविका बनाम प्रशासनिक व्यवस्था
बरवाडीह बाजार शेड का मामला केवल अतिक्रमण या नोटिस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छोटे व्यवसायियों की आजीविका से जुड़ा प्रश्न भी है। एक ओर प्रशासन बाजार को सुव्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाना चाहता है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से दुकान चला रहे लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
ऐसे मामलों में संतुलित समाधान ही स्थायी रास्ता साबित हो सकता है, जिसमें नियमों का पालन भी हो और गरीब दुकानदारों के हित भी सुरक्षित रहें।
न्यूज़ देखो: संतुलन ही समाधान की कुंजी
बरवाडीह बाजार शेड विवाद प्रशासनिक कार्रवाई और आजीविका के सवाल के बीच संतुलन का उदाहरण है। यदि संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए तो व्यवस्था भी सुधरेगी और गरीब व्यवसायियों का भरोसा भी कायम रहेगा। अब नजर इस पर रहेगी कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल कितनी जल्दी ठोस परिणाम देती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बाजार की तरक्की में सबकी भागीदारी जरूरी
व्यवस्थित और स्वच्छ बाजार न केवल व्यापार को बढ़ावा देता है, बल्कि पूरे क्षेत्र की पहचान बनाता है।
जरूरी है कि प्रशासन, जनप्रतिनिधि और व्यवसायी मिलकर समाधान का रास्ता निकालें।
संवाद और सहयोग से ही स्थायी विकास संभव है।
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