News dekho specials
Simdega

हुरदा स्वास्थ्य केंद्र के सामने सूखा सेमल पेड़ बना खतरा, ग्रामीणों ने प्रशासन से की कटाई की मांग

#बानो #सिमडेगा #सड़क_सुरक्षा : आकाशीय बिजली से क्षतिग्रस्त सेमल पेड़ से स्वास्थ्य केंद्र और राहगीरों पर मंडरा रहा बड़ा खतरा।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत हुरदा स्वास्थ्य केंद्र के सामने खड़ा एक सेमल का पेड़ आकाशीय बिजली गिरने के बाद अधिकांश रूप से सूख चुका है। यह पेड़ सड़क किनारे स्थित है, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है और ओडिशा जाने वाली बसों के यात्री यहीं प्रतीक्षा करते हैं। सूखी डालियों के गिरने से कभी भी गंभीर दुर्घटना होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने इसे अविलंब हटाने की मांग जिला प्रशासन और वन विभाग से की है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • हुरदा स्वास्थ्य केंद्र, बानो के सामने खड़ा सेमल का पेड़ आंशिक रूप से सूख चुका।
  • आकाशीय बिजली गिरने के बाद पेड़ की अधिकांश डालियां क्षतिग्रस्त।
  • ओडिशा रूट की बसों का प्रमुख ठहराव स्थल, दिनभर यात्रियों की भीड़।
  • स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे मरीजों और परिजनों की आवाजाही।
  • स्थानीय ग्रामीणों व व्यापारियों ने जताई बड़ी दुर्घटना की आशंका।
  • वन विभाग और जिला प्रशासन से पेड़ हटाने की मांग तेज।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में स्थित हुरदा स्वास्थ्य केंद्र के सामने खड़ा एक सेमल का पेड़ इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। यह पेड़ हाल ही में आकाशीय बिजली गिरने से बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसके कारण इसका अधिकांश हिस्सा सूख चुका है। सूखी और कमजोर हो चुकी डालियां कभी भी गिर सकती हैं, जिससे जान-माल का गंभीर नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।

यह स्थान केवल एक सामान्य सड़क नहीं, बल्कि क्षेत्र का व्यस्त चौराहा है। यहीं से ओडिशा की ओर जाने वाली बसें रुकती हैं, जहां लोग अपने परिवार के साथ बसों का इंतजार करते हैं। साथ ही, कुछ ही कदम की दूरी पर स्थित हुरदा स्वास्थ्य केंद्र में दिन-रात मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों का आना-जाना लगा रहता है।

स्वास्थ्य केंद्र के सामने मंडरा रहा खतरा

हुरदा स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। आसपास के ग्रामीण इलाकों से लोग इलाज के लिए यहीं पहुंचते हैं। ऐसे में सूखे पेड़ का ठीक सामने होना हर आने-जाने वाले व्यक्ति के लिए खतरे की घंटी है। बारिश या तेज हवा के दौरान सूखी डालियां गिरने की संभावना और बढ़ जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पेड़ को नहीं हटाया गया, तो कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।

बस स्टॉप और बाजार के दिन बढ़ती भीड़

यह चौराहा ओडिशा जाने वाली बसों का प्रमुख ठहराव स्थल है। यहां लोग घंटों बस का इंतजार करते हैं। कई बार यात्री पेड़ की छांव में बैठ जाते हैं, लेकिन अब वही छांव जानलेवा साबित हो सकती है।

स्थानीय होटल संचालक फीटूग सिंह ने बताया:

फीटूग सिंह ने कहा:
“बाजार के दिन यहां दिनभर लोगों की भीड़ रहती है। स्वास्थ्य केंद्र, बस स्टॉप और बाजार की वजह से यह जगह हमेशा व्यस्त रहती है। सूखा पेड़ कभी भी गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।”

News dekho specials

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को इस खतरे से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

स्थानीय निवासी राजेश बड़ाईक ने कहा:

राजेश बड़ाईक ने कहा:
“हमने वन विभाग से निवेदन किया है कि सड़क सुरक्षा को देखते हुए इस सूखे पेड़ को हटाया जाए। यह आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।”

ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सवाल प्रशासन के सामने खड़ा है।

वन विभाग और प्रशासन की भूमिका पर सवाल

सूखे और क्षतिग्रस्त पेड़ों को हटाना वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, खासकर तब जब वे सार्वजनिक स्थलों और सड़कों के किनारे हों। हुरदा स्वास्थ्य केंद्र के सामने खड़ा यह सेमल का पेड़ सड़क सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और जनजीवन तीनों के लिए खतरा बन चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आकाशीय बिजली से प्रभावित पेड़ अंदर से कमजोर हो जाते हैं और बाहर से देखने पर मजबूत लग सकते हैं, लेकिन अचानक गिरने का खतरा अधिक होता है। ऐसे मामलों में समय पर निरीक्षण और कटाई बेहद जरूरी है।

बड़ी दुर्घटना से पहले जरूरी कार्रवाई

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। यदि समय रहते इस सूखे पेड़ को हटा दिया जाए, तो बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है। खासकर बरसात के मौसम में हवा और बारिश के कारण जोखिम और बढ़ जाता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जल्द से जल्द स्थल का निरीक्षण कर पेड़ को सुरक्षित तरीके से कटवाया जाए, ताकि लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

न्यूज़ देखो: लापरवाही या इंतजार किसी हादसे का?

हुरदा स्वास्थ्य केंद्र के सामने सूखा सेमल पेड़ प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। जब खतरा साफ दिख रहा है, तब भी कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा को प्राथमिकता देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि प्रशासन समय रहते कदम उठाता है या किसी अनहोनी के बाद जागता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सुरक्षा पहले, लापरवाही नहीं

सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
आज आवाज उठेगी, तभी कल दुर्घटनाएं रुकेंगी।
आप भी इस मुद्दे पर अपनी राय साझा करें, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और प्रशासन का ध्यान जनसुरक्षा की ओर आकर्षित करें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 5 / 5. कुल वोट: 1

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

News dekho specials


IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009
आगे पढ़िए...
News dekho specials

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Shivnandan Baraik

बानो, सिमडेगा

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: