
#गिरिडीह #घरेलू_विवाद : आपसी कलह के बाद बुलाए गए मायके पक्ष पर मारपीट से बुजुर्ग की मौत का गंभीर आरोप।
गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र के चिचाकी गांव में घरेलू विवाद के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान भुवनेश्वर दास के रूप में हुई है, जिन पर बेटे की भाभी और उसके मायके पक्ष के लोगों ने हमला करने का आरोप है। घटना शुक्रवार दोपहर की बताई जा रही है, जब विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया है और जांच जारी है।
- सरिया थाना क्षेत्र के चिचाकी गांव में घरेलू विवाद के दौरान बुजुर्ग की मौत।
- मृतक की पहचान भुवनेश्वर दास के रूप में हुई।
- बेटे योगेंद्र राम ने भाभी समेत पांच लोगों को नामजद किया।
- मारपीट के बाद इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में हुई मौत।
- सरिया पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया।
गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चिचाकी गांव में एक पारिवारिक विवाद ने शुक्रवार को हिंसक और जानलेवा रूप ले लिया। इस घटना में बुजुर्ग भुवनेश्वर दास की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक के बेटे योगेंद्र राम ने सरिया थाना में आवेदन देकर अपनी भाभी समेत उसके मायके पक्ष के कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
घरेलू कलह से शुरू हुआ विवाद
योगेंद्र राम द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, उनके घर में पिछले कुछ समय से सास-बहू के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होता रहता था। हालांकि, परिवार के वरिष्ठ सदस्यों और आपसी समझदारी से हर बार मामले को सुलझा लिया जाता था। एक दिन पहले भी इसी तरह का विवाद हुआ था, जिसे आपसी बातचीत के बाद शांत कर दिया गया था।
परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात का अंदेशा नहीं था कि मामूली घरेलू कलह इतनी भयावह घटना का कारण बन जाएगी।
मायके पक्ष को बुलाने का आरोप
आवेदन में योगेंद्र राम ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार दोपहर उनकी भाभी रेखा देवी ने विवाद के बाद अपने मायके पक्ष के लोगों को घर बुला लिया। इसके बाद उनके पिता भुवनेश्वर दास के साथ गाली-गलौज शुरू हो गई। जब भुवनेश्वर दास ने इसका विरोध किया, तो मामला और अधिक उग्र हो गया।
इन लोगों पर लगा हत्या का आरोप
मृतक के बेटे ने जिन लोगों को नामजद किया है, उनमें शामिल हैं:
- रेखा देवी (भाभी)
- छोटू रविदास, निवासी नावाटांड़, डुमरी
- अजय रविदास
- मंजू देवी, निवासी नगरी, निमियाघाट
- कैलाश रविदास, पति मंजू देवी
- अंजू देवी, निवासी पैंक नारायणपुर, बोकारो
- गोवर्धन दास, पति अंजू देवी
आरोप है कि इन सभी ने मिलकर भुवनेश्वर दास के साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें पीसीसी सड़क पर पटक दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान हुई मौत
घटना के बाद परिजन घायल अवस्था में भुवनेश्वर दास को इलाज के लिए ले जाने लगे। लेकिन दुर्भाग्यवश, घर से कुछ ही दूरी पर उनकी हालत और बिगड़ गई और रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम का माहौल छा गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली है, क्योंकि घरेलू विवाद को समय रहते रोका जा सकता था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही सरिया थाना पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी नामजद आरोपियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
सरिया पुलिस के अनुसार: “मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
गांव में तनाव और भय का माहौल
घटना के बाद चिचाकी गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर चर्चा है कि घरेलू विवाद किस तरह अचानक हिंसक रूप ले सकता है। लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
घरेलू विवाद और सामाजिक चेतावनी
यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी देती है कि घरेलू विवादों को समय रहते शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाना कितना आवश्यक है। छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता तनाव और बाहरी हस्तक्षेप कई बार गंभीर अपराध का कारण बन जाता है।
सामाजिक जानकारों का मानना है कि परिवारों में संवाद की कमी और गुस्से पर नियंत्रण न होना ऐसी घटनाओं को जन्म देता है।
न्यूज़ देखो: घरेलू विवाद से हत्या तक, समाज के लिए गंभीर चेतावनी
चिचाकी की यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए गहरी चेतावनी है। घरेलू कलह जब हिंसा में बदल जाती है, तो इसका खामियाजा पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। अब जिम्मेदारी पुलिस और न्याय व्यवस्था की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवाद और संयम से ही रोकी जा सकती हैं ऐसी त्रासदियां
परिवार में विवाद हो तो संवाद को प्राथमिकता दें।
गुस्से और हिंसा से समस्याएं नहीं, बल्कि त्रासदी जन्म लेती है।
कानून का सहारा लें, लेकिन कानून अपने हाथ में न लें।
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