
#पलामू #मेदिनीनगर #अगलगीघटना : सिविल कोर्ट में आग लगी, कोई हताहत नहीं।
पलामू के मेदिनीनगर स्थित सिविल कोर्ट भवन में 06 जनवरी 2026, मंगलवार की सुबह कंट्रोल पैनल में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई। घटना के बाद कुछ समय के लिए कोर्ट परिसर में अफरा तफरी का माहौल बन गया, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों ने फायर एक्सटिंग्विशर का प्रयोग कर तुरंत आग पर काबू पा लिया। इस सूझबूझ भरी कार्रवाई से व्यवहार न्यायालय में किसी प्रकार की जनहानि या दस्तावेजों का नुकसान नहीं हुआ और एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। बिजली विभाग और तकनीकी टीम द्वारा कंट्रोल पैनल की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है।
- 06 जनवरी 2026 को मंगलवार सुबह की घटना।
- पलामू सिविल कोर्ट, मेदिनीनगर के कंट्रोल पैनल में लगी आग।
- आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट।
- कोर्ट के कर्मियों ने दो फायर एक्सटिंग्विशर से काबू पाया।
- लगभग 45 मिनट तक कोर्ट का कामकाज प्रभावित रहा।
- अगलगी में कोर्ट को कोई आर्थिक नुकसान नहीं हुआ।
मंगलवार की सुबह पलामू सिविल कोर्ट परिसर उस समय अचानक चर्चा में आ गया जब न्यायालय भवन के अंदर लगे मुख्य कंट्रोल पैनल में आग लग गई। आम तौर पर सुबह के समय कोर्ट में चहल पहल शुरू हो जाती है और सैकड़ों लोग अपने मुकदमों के सिलसिले में पहुंचते हैं। ऐसे में यह घटना यदि समय पर नियंत्रित नहीं होती तो गंभीर रूप ले सकती थी।
कंट्रोल पैनल में कैसे लगी आग
मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11:30 बजे कोर्ट बिल्डिंग में लगे इलेक्ट्रिक कंट्रोल पैनल के तारों में अचानक चिंगारी उठी और आग भड़क गई। तारों का गुच्छा जलने लगा जिससे पैनल से धुआं निकलने लगा। घटना कोर्ट के उस हिस्से में हुई जहां से पूरे भवन की बिजली व्यवस्था नियंत्रित होती है।
आग की लपटें देखते ही कोर्ट के कर्मियों के बीच थोड़ी देर के लिए अफरा तफरी मच गई। कई लोग इधर उधर भागने लगे। लेकिन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए हालात को संभालने का फैसला लिया।
कर्मियों ने दिखाई हिम्मत
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मौजूद कर्मियों ने तुरंत पास रखे गए फायर एक्सटिंग्विशर निकाले और आग बुझाने में जुट गए। उन्होंने एक नहीं बल्कि दो फायर एक्सटिंग्विशर का प्रयोग कर लगातार स्प्रे किया। कुछ ही मिनटों के भीतर आग नियंत्रित हो गई और लपटें समाप्त हो गईं।
कर्मियों की यह कार्रवाई इस बात का उदाहरण बनी कि आपात स्थिति में प्रशिक्षण और तत्परता कितनी महत्वपूर्ण होती है। यदि कर्मचारी घबरा जाते या उपकरण उपलब्ध नहीं होते तो यह आग तेजी से फैल सकती थी।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही व्यवहार न्यायालय के रजिस्ट्रार कमल प्रकाश सहित कई वरीय न्यायिक पदाधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और मरम्मत कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया।
पलामू व्यवहार न्यायालय के रजिस्ट्रार कमल प्रकाश ने कहा: “कोर्ट भवन के कंट्रोल पैनल में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। यह आग बहुत सीमित हिस्से में थी। कर्मियों ने फायर एक्सटिंग्विशर के माध्यम से समय रहते काबू पा लिया, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ।”
रजिस्ट्रार द्वारा यह भी बताया गया कि न्यायालय के सभी महत्वपूर्ण कंप्यूटर सिस्टम सुरक्षित हैं और कामकाज धीरे धीरे सामान्य हो रहा है।
बिजली विभाग ने लिया जायजा
आग लगने के तुरंत बाद इसकी जानकारी बिजली विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही बिजली विभाग के पदाधिकारी कोर्ट परिसर पहुंचे और जले हुए तारों तथा पैनल की स्थिति का निरीक्षण किया। तकनीकी टीम ने पाया कि कंट्रोल पैनल से जुड़े कई तार पूरी तरह जल चुके हैं, जिन्हें बदलना आवश्यक है।
फिलहाल समाचार लिखे जाने तक कंट्रोल पैनल को ठीक करने और नए तार लगाने का काम जारी था। कोर्ट प्रबंधन और बिजली विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जल्द से जल्द पूरी विद्युत आपूर्ति बहाल हो सके।
कोर्ट का कामकाज रहा प्रभावित
अगलगी की इस घटना के कारण कोर्ट का कार्य लगभग 45 मिनट तक बाधित रहा। आग लगने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से भवन के कई हिस्सों की बिजली काट दी गई थी, जिससे ऑनलाइन सिस्टम और सूचना नेटवर्क कुछ समय के लिए ठप पड़ गया।
सुबह के 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाली सामान्य ऑनलाइन प्रक्रिया में रुकावट आई। कई वकील और फरियादी अपने काम के लिए इंतजार करते नजर आए। लेकिन जैसे ही आग पर काबू पाया गया, अधिकारियों ने तत्काल बिजली बहाल करने का प्रयास शुरू कर दिया।
कंप्यूटर सिस्टम रहा सुरक्षित
कोर्ट के कंप्यूटर इनफार्मेशन सिस्टम के प्रभारी कर्मियों ने बताया कि घटना के दौरान न्यायालय का कंप्यूटर इनफार्मेशन सिस्टम सुरक्षित रहा। वेबसाइट, ई कोर्ट सेवा तथा मुकदमों से जुड़े डाटा सर्वर में कोई तकनीकी खराबी नहीं आई है।
आग बुझने के बाद न्यायिक कार्य नियमित रूप से प्रारंभ कर दिए गए। फाइलिंग काउंटर, केस लिस्ट डिस्प्ले और अन्य डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
सुरक्षा उपकरणों की अहम भूमिका
यह घटना पलामू सिविल कोर्ट सहित सभी सरकारी भवनों के लिए सबक के तौर पर देखी जा रही है। न्यायालय भवन में पहले से फायर एक्सटिंग्विशर उपलब्ध होना बेहद कारगर साबित हुआ। कर्मियों को इन उपकरणों के संचालन का ज्ञान था, जिसके कारण त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकी।
अगलगी की घटनाओं में अक्सर घबराहट के कारण ज्यादा नुकसान हो जाता है। लेकिन यहां सही समय पर सही कदम उठाने से एक बड़ा हादसा टल गया। इससे यह साबित होता है कि आग से बचाव के उपकरणों का रखरखाव और समय समय पर मॉक ड्रिल जरूरी है।
आम लोगों में रहा कौतूहल
घटना के बाद कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों, मुवक्किलों और आम नागरिकों में इस बात को लेकर चर्चा रही कि बिजली के पुराने तार और कंट्रोल पैनल की नियमित जांच होनी चाहिए। कई लोगों ने इसे प्रशासन की लापरवाही नहीं बल्कि अचानक उत्पन्न हुई तकनीकी समस्या बताया।
फिर भी यह मांग जोर पकड़ रही है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए भवन की वायरिंग व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए।
न्यूज़ देखो: सतर्कता से बची व्यवस्था
पलामू कोर्ट में हुई यह घटना बताती है कि किसी भी सार्वजनिक संस्थान में आपातकालीन प्रबंधन कितना महत्वपूर्ण है। यहां आग लगना निश्चित रूप से चिंता का विषय था, लेकिन जिस तरह कर्मियों ने बिना देर किए आग पर काबू पाया वह प्रशंसनीय कदम है। प्रशासनिक स्तर पर अब यह देखना होगा कि कंट्रोल पैनल और बिजली प्रणाली की समयबद्ध जांच की पुख्ता व्यवस्था बने। क्या सभी सरकारी कार्यालयों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया जाएगा, यह बड़ा प्रश्न है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित और जागरूक समाज बनाएं
पलामू सिविल कोर्ट में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने यह स्पष्ट कर दिया कि सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। सरकारी और सार्वजनिक भवनों में बिजली उपकरणों की नियमित जांच करवाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
कोर्ट कर्मियों की सूझबूझ से यह हादसा टला, ठीक उसी तरह हर नागरिक यदि सतर्क रहे तो बड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
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