
#पालकोट #संस्कृति_परंपरा : ऐतिहासिक कोलेंग गढ़ में माघ द्वितीय जतरा महोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न, कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन।
पालकोट थाना अंतर्गत कोलेंग पंचायत स्थित ऐतिहासिक कोलेंग गढ़ में माघ द्वितीय जतरा समिति के तत्वावधान में भव्य जतरा महोत्सव का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य अतिथि, समाजसेवी, कलाकार एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। जतरा महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- ऐतिहासिक कोलेंग गढ़ में माघ द्वितीय जतरा का भव्य आयोजन।
- मुख्य अतिथि मंगल भोक्ता रहे कार्यक्रम में शामिल।
- विशिष्ट अतिथि सोनू इक्का व प्रकाश नारायण सिंह ‘गुड्डू’ की गरिमामयी उपस्थिति।
- समाजसेवी कमल साहू रहे कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक।
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत, नृत्य और वादन की आकर्षक प्रस्तुतियां।
पालकोट प्रखंड के कोलेंग पंचायत स्थित कोलेंग गढ़ में आयोजित इस जतरा महोत्सव में पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक एकता की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल पर दिनभर उत्सव का माहौल बना रहा और ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
जतरा समिति की रही सक्रिय भूमिका
माघ द्वितीय जतरा समिति के पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समिति में
अध्यक्ष – केशरी साहू,
सचिव – भीम साहू,
कोषाध्यक्ष – आनंद साहू,
मुखिया संरक्षक – कमल साहू,
संरक्षक – गोपाल साहू
ने समन्वय के साथ कार्यक्रम की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गायक सरिया बड़ाईक ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं डांसर मनीषा कुमारी और सुष्मिता कुमारी की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने खूब तालियां बटोरीं।
मंदिर वादक हिल्स महतो के वादन से पूरे परिसर में भक्तिमय और सांस्कृतिक वातावरण बना रहा।
सामाजिक एकता का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य संरक्षक कमल साहू ने कहा कि इस तरह के आयोजन हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
जतरा समिति के अध्यक्ष केशरी साहू ने समिति की ओर से सभी अतिथियों, कलाकारों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया।
वहीं पालकोट प्रखंड मंडल अध्यक्ष गुड्डू सिंह ने अपने संबोधन में क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उत्साह के साथ हुआ समापन
माघ द्वितीय जतरा महोत्सव का समापन उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक एकता के संदेश के साथ हुआ। ग्रामीणों ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे हर वर्ष और भी भव्य रूप में आयोजित करने की इच्छा जताई।
न्यूज़ देखो: संस्कृति से जुड़कर ही समाज होता है मजबूत
कोलेंग गढ़ में आयोजित माघ द्वितीय जतरा यह दर्शाता है कि पारंपरिक आयोजनों से समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक चेतना को मजबूती मिलती है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
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जब परंपरा और संस्कृति मिलती है, तब उत्सव बनता है पहचान
कोलेंग गढ़ का यह जतरा महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर सामने आया है। आने वाले वर्षों में इसके और भी व्यापक स्वरूप की उम्मीद जताई जा रही है।





