#कोलेबिरा #विराटहनुमानचालीसासम्मेलन : 24 फरवरी को स्टेडियम में भव्य आयोजन तय।
कोलेबिरा प्रखंड के स्टेडियम में 24 फरवरी को हिंदू महासभा सह हनुमान चालीसा पाठ का विराट सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भैरव सिंह और जैन मुनि आचार्य पद्मराज जी के आने की स्वीकृति मिली है। आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। महिलाओं और सनातनी समाज से बड़ी संख्या में भागीदारी की अपील की जा रही है।
- 24 फरवरी को कोलेबिरा स्टेडियम में विराट सम्मेलन।
- मुख्य वक्ता के रूप में भैरव सिंह और आचार्य पद्मराज जी की स्वीकृति।
- आयोजन में हनुमान चालीसा पाठ और महासभा का कार्यक्रम।
- विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित कई संगठनों की सक्रिय भूमिका।
- दुर्गा वाहिनी और मातृशक्ति समूहों द्वारा महिलाओं को जागरूक करने का अभियान।
कोलेबिरा प्रखंड मुख्यालय स्थित स्टेडियम में आगामी 24 फरवरी को हिंदू महासभा सह हनुमान चालीसा पाठ का विराट सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजकों के अनुसार इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और सनातनी समाज के लोगों की उपस्थिति अपेक्षित है। आयोजन को धार्मिक और सांस्कृतिक एकता के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
मुख्य वक्ताओं की स्वीकृति से बढ़ा उत्साह
आयोजकों ने जानकारी दी है कि कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में हिंदू के फायर ब्रांड नेता भैरव सिंह और जैन मुनि आचार्य पद्मराज जी के आने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। दोनों वक्ताओं की उपस्थिति को लेकर समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।
सम्मेलन में धार्मिक प्रवचन, सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम धार्मिक जागरण और सामाजिक एकजुटता का संदेश देगा।
व्यापक स्तर पर चल रही तैयारियां
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कोलेबिरा प्रखंड विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता दिन-रात तैयारी में जुटे हुए हैं। स्टेडियम परिसर में मंच निर्माण, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी तैयारियां की जा रही हैं।
आयोजन समिति द्वारा आसपास के गांवों और पंचायतों में संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की जा रही है।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए दुर्गा वाहिनी और मातृशक्ति समूहों द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। महिलाओं को जागरूक कर उन्हें सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगी। हनुमान चालीसा पाठ में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम और भी भव्य रूप लेने की संभावना है।
धार्मिक और सामाजिक संदेश का उद्देश्य
सम्मेलन के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता का संदेश देने की बात कही जा रही है। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के जरिए श्रद्धालु एकजुट होकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करेंगे।
आयोजन समिति का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने का माध्यम बनते हैं। सम्मेलन में विभिन्न गांवों से लोगों के आने की संभावना है, जिसके मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक तैयारी की जा रही है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर भी ध्यान
बड़ी संख्या में लोगों की संभावित उपस्थिति को देखते हुए आयोजन स्थल पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वयंसेवकों की टीम बनाई जा रही है, जो कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेगी।
स्टेडियम परिसर में पेयजल, चिकित्सा सहायता और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
न्यूज़ देखो: धार्मिक आयोजन से सामाजिक सक्रियता का संदेश
कोलेबिरा में प्रस्तावित यह विराट सम्मेलन दर्शाता है कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर व्यापक जनसंपर्क और सामाजिक सक्रियता देखी जा रही है। विभिन्न संगठनों की सहभागिता और महिलाओं की बढ़ती भूमिका आयोजन को सामुदायिक स्वरूप दे रही है। अब यह देखना होगा कि कार्यक्रम में कितनी व्यापक भागीदारी होती है और इसके सामाजिक संदेश को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सहभागिता से ही सफल होता है कोई भी आयोजन
बड़े आयोजन केवल मंच और भाषण से सफल नहीं होते, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से प्रभावी बनते हैं। धार्मिक कार्यक्रमों में अनुशासन, आपसी सम्मान और सहयोग का भाव आवश्यक है।
यदि आप इस तरह के आयोजनों में शामिल होते हैं, तो शांति, सौहार्द और जिम्मेदारी को प्राथमिकता दें। सामूहिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने का माध्यम बनें, यही सबसे बड़ी सफलता है।