#पाकरटांड #सिमडेगा #महाशिवरात्रि_उत्सव : भेलवाडीह घाघरा में सांस्कृतिक कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़।
सिमडेगा जिले के पाकरटांड प्रखंड स्थित भेलवाडीह घाघरा में महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उद्घाटन मजदूर नेता राजेश सिंह और भाजपा नेता मंगल सिंह भोगता ने विधिवत पूजन कर किया। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। आयोजन ने क्षेत्र में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल बनाया।
- भेलवाडीह घाघरा, पाकरटांड में महाशिवरात्रि पर सांस्कृतिक आयोजन।
- उद्घाटन राजेश सिंह एवं मंगल सिंह भोगता ने किया।
- लोक गायक जगदीश बड़ाईक की शिव वंदना से शुरुआत।
- पाईका लोक नृत्य दल समेत कई कलाकारों की प्रस्तुति।
- शांतिपूर्ण आयोजन हेतु पुलिस बल की तैनाती।
सिमडेगा जिले के पाकरटांड प्रखंड अंतर्गत भेलवाडीह घाघरा गांव में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया। ग्रामीण परिवारों के साथ बड़ी संख्या में युवक-युवतियां एवं बुजुर्ग भी कार्यक्रम का आनंद लेने पहुंचे।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मजदूर नेता राजेश सिंह, भाजपा नेता मंगल सिंह भोगता तथा आयोजन समिति के पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से पूजन-अर्चन एवं रिबन काटकर किया गया। उद्घाटन के पश्चात लोक गायक जगदीश बड़ाईक ने शिव वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कलाकारों की प्रस्तुति ने बांधा समां
शिव वंदना के बाद मंच पर एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। चिंता देवी, पंकज महली, सुहाना देवी, डांसर सारिका नायक तथा पारंपरिक पाईका लोक नृत्य दल ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया। पारंपरिक लोक नृत्य और गीतों ने ग्रामीण संस्कृति की झलक पेश की।
स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा को दर्शकों ने खूब सराहा। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा कार्यक्रम स्थल गूंजता रहा। कई प्रस्तुतियां देर रात तक चलीं और लोग अंत तक डटे रहे।
सामाजिक एकता का संदेश
मुख्य अतिथि राजेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा:
राजेश सिंह ने कहा: “महाशिवरात्रि केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का अवसर भी है। ऐसे आयोजनों से गांव की प्रतिभाओं को मंच मिलता है और आपसी भाईचारा सुदृढ़ होता है।”
उन्होंने आयोजन समिति को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे आयोजन करते रहने की अपील की।
समिति और स्थानीय लोगों की रही अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुखिया डोमर उरांव, निकुंज बिहारी सिंह, योगेंद्र मेहर, सोनू साव, घूरन साहू, भाजपा नेता चन्दन प्रशुन्न, दिलीप साहू सहित कई स्थानीय लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन समिति के सदस्यों ने व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने में सहयोग किया।
विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासनिक सतर्कता के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। देर रात से लेकर सुबह तक चले इस आयोजन में किसी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।
न्यूज़ देखो: संस्कृति से सशक्त होता ग्रामीण समाज
भेलवाडीह घाघरा का यह आयोजन दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और पहचान का आधार भी हैं। स्थानीय कलाकारों को मंच देकर प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में यह सराहनीय पहल है। प्रशासन और समिति का समन्वय भी सकारात्मक संदेश देता है। ऐसे आयोजनों की निरंतरता ही सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखेगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संस्कृति से जुड़े, समाज को मजबूत करें
ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल उत्सव नहीं, समाज को जोड़ने का अवसर होते हैं।
ऐसे आयोजनों में भाग लें, स्थानीय कलाकारों का हौसला बढ़ाएं और सकारात्मक माहौल बनाए रखें।
क्या आपके गांव में भी ऐसा आयोजन हुआ?
अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सांस्कृतिक एकता का संदेश फैलाएं।