
#गुमला #माघ_जतरा : सेमरा गांव में परंपरा, संस्कृति और भाईचारे का संगम देखने को मिला।
पालकोट प्रखंड के कोलेंग पंचायत अंतर्गत सेमरा ग्राम में माघ जतरा के अवसर पर भव्य मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक प्रतिनिधि मनीष कुमार साहू द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही। पारंपरिक संस्कृति, लोककला और सामाजिक एकता का यह आयोजन पूरे दिन उत्साह और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। मेला शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित हुआ, जिससे क्षेत्र में सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक सहभागिता को बल मिला।
- सेमरा ग्राम में माघ जतरा के अवसर पर भव्य मेला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- विधायक प्रतिनिधि मनीष कुमार साहू ने फीता काटकर किया उद्घाटन।
- आयोजन समिति के अध्यक्ष पारसनाथ सिंह सहित कई गणमान्य लोग रहे मौजूद।
- पारंपरिक लोकगीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां।
- बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में मेले को लेकर दिखा खास उत्साह।
- पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम संपन्न।
पालकोट प्रखंड अंतर्गत कोलेंग पंचायत के सेमरा ग्राम में माघ जतरा के पावन अवसर पर आयोजित मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और आयोजन समिति के समन्वय से यह कार्यक्रम सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनकर सामने आया। कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ-साथ लोक कला की जीवंत झलक देखने को मिली।
फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक प्रतिनिधि मनीष हिंदुस्तान (मनीष कुमार साहू) ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवक-युवतियां और बुजुर्ग उपस्थित रहे। उद्घाटन के बाद पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह और उमंग का वातावरण बन गया।
अतिथियों और समिति सदस्यों की रही सक्रिय भूमिका
इस आयोजन में समिति के कई पदाधिकारी और समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से अध्यक्ष पारसनाथ सिंह, उपाध्यक्ष विजय कुल्लू, सचिव संजय गोप, कोषाध्यक्ष राम लखन, संरक्षक बसंत सिंह, बिरहा गोप, मुंडा खड़िया, लाल नगसिया, इंदर गोप, रोशन साहू, बबलू सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही। सभी ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
मुख्य अतिथि का संबोधन
उद्घाटन के बाद विधायक प्रतिनिधि मनीष कुमार साहू ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा:
मनीष कुमार साहू ने कहा: “माघ जतरा हमारी आदिवासी और ग्रामीण संस्कृति की पहचान है। ऐसे आयोजनों से आपसी भाईचारा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत मजबूत होती है। सेमरा ग्राम के लोगों ने जिस अनुशासन और उत्साह के साथ इस कार्यक्रम का आयोजन किया है, वह सराहनीय है।”
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में भी इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण संस्कृति और परंपराएं जीवित रह सकें।
आयोजन समिति अध्यक्ष का वक्तव्य
आयोजन समिति के अध्यक्ष पारसनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा:
पारसनाथ सिंह ने कहा: “माघ जतरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इस मेले के माध्यम से ग्रामीण कलाकारों को मंच मिलता है और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है।”
उन्होंने सभी ग्रामीणों और समिति सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक सहयोग से ही यह आयोजन सफल हो सका।
मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम की आकर्षक झलक
माघ जतरा मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानों, झूलों और खान-पान की व्यवस्था की गई थी। बच्चों में झूलों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला, वहीं बुजुर्गों और महिलाओं ने मेले की रौनक का भरपूर आनंद लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक गीत, नृत्य और लोक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक गीत-संगीत का सिलसिला चलता रहा और तालियों की गूंज से माहौल जीवंत बना रहा।
सुरक्षा व्यवस्था रही पुख्ता
कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के चलते मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे ग्रामीणों ने राहत और संतोष व्यक्त किया।

न्यूज़ देखो: परंपरा से जुड़ता ग्रामीण समाज
सेमरा ग्राम में आयोजित माघ जतरा यह दर्शाता है कि ग्रामीण समाज आज भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहराई से जुड़ा हुआ है। ऐसे आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संस्कृति से जुड़ें, एकता को मजबूत करें
माघ जतरा जैसे आयोजन हमारी पहचान और विरासत को जीवंत रखते हैं।
इन आयोजनों में सहभागिता सामाजिक सौहार्द को मजबूत करती है।
आप भी अपनी परंपराओं को सहेजने में भूमिका निभाएं।
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