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बाबा महत्वना धाम में 31 दिसंबर को लगेगा भव्य मेला, तैयारियां जोरों पर

#पलामू #विश्रामपुर #धार्मिक_समाचार : साल के अंतिम दिन आस्था और मनोरंजन का संगम, दूर-दूर से पहुंचेंगे श्रद्धालु।

विश्रामपुर प्रखंड के खुटिसोत नदी तट पर स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र बाबा महत्वना धाम में 31 दिसंबर को भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा। साल के अंतिम दिन लगने वाले इस ऐतिहासिक मेले को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

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  • 31 दिसंबर को बाबा महत्वना धाम में भव्य मेला
  • खुटिसोत नदी तट पर स्थित है प्रसिद्ध देव स्थल
  • बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला, जंपिंग सहित कई आकर्षण
  • भोजपुरी दुगोला और भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन
  • दूर-दूर से श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

संवाददाता, विश्रामपुर (पलामू) के अनुसार बाबा महत्वना धाम देव स्थल पर लगने वाला यह मेला वर्षों से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बना हुआ है। साल के अंतिम दिन आयोजित होने वाला यह मेला श्रद्धा, भक्ति और मनोरंजन का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।

मेले को यादगार बनाने की तैयारी

धाम के पुजारी सरयू चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष मेले को और भी भव्य व अविस्मरणीय बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए मेला परिसर में कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बच्चों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला, जंपिंग सहित अन्य खेल-तमाशों की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, पूरे दिन भोजपुरी दुगोला एवं भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिससे धार्मिक माहौल के साथ-साथ सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिलेगा।

प्रकृति की गोद में आस्था का केंद्र

गौरतलब है कि बाबा महत्वना धाम देव स्थल प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्र में स्थित है। खुटिसोत नदी के तट पर बसे इस धाम में मेला के अवसर पर लोग पूजा-अर्चना के साथ-साथ पिकनिक का भी आनंद लेते हैं। यही कारण है कि इस मेले में हर वर्ष दूर-दराज के इलाकों से श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

न्यूज़ देखो : आस्था, संस्कृति और मनोरंजन का संगम

बाबा महत्वना धाम में 31 दिसंबर को लगने वाला यह भव्य मेला न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत करता है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मेला खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

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Ram Niwas Tiwary

बिश्रामपुर, पलामू

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