#लोहरदगा #गंगाआरती : बड़ा तालाब में वैदिक मंत्रोच्चार और दीपदान के साथ भव्य आयोजन संपन्न।
लोहरदगा शहर के बड़ा तालाब परिसर में गंगा दशहरा के अवसर पर भव्य मां गंगा आरती का आयोजन किया गया। मंगलवार शाम 7 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और दीपों की रोशनी से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए और धार्मिक उत्सव में भाग लिया।
- लोहरदगा शहर के बड़ा तालाब में गंगा दशहरा पर भव्य मां गंगा आरती का आयोजन।
- कार्यक्रम का समय मंगलवार शाम 7 बजे, दीपों और विद्युत सज्जा से परिसर जगमगाया।
- वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और “हर-हर गंगे” के जयघोष से माहौल भक्तिमय हुआ।
- पुजारियों द्वारा पारंपरिक विधि से दीपदान और आरती का आयोजन किया गया।
- बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, युवा और बच्चे कार्यक्रम में शामिल हुए।
- आयोजन का उद्देश्य सनातन संस्कृति और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बताया गया।
लोहरदगा शहर में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार की संध्या को बड़ा तालाब परिसर में आयोजित मां गंगा आरती ने पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। कार्यक्रम में बनारस की प्रसिद्ध गंगा आरती की झलक देखने को मिली, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
वैदिक मंत्रोच्चार से हुई आरती की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित पुजारियों द्वारा सामूहिक रूप से मां गंगा की आरती संपन्न कराई गई।
पंडित तरुण पांडे ने कहा: “गंगा दशहरा का यह आयोजन लोगों में आस्था के साथ-साथ पर्यावरण और जल संरक्षण की भावना को भी जागृत करता है।”
शंखनाद और घंटियों की ध्वनि के बीच पूरा परिसर “हर-हर गंगे” के जयघोष से गूंज उठा।
दीपों की रोशनी से जगमगाया बड़ा तालाब परिसर
आरती के दौरान सैकड़ों दीपों से तालाब परिसर को सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण दिव्य और मनमोहक दिखाई दिया। आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों की सजावट ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
श्रद्धालुओं ने तालाब के किनारे दीप प्रवाहित कर सुख-समृद्धि, शांति और परिवार की खुशहाली की कामना की।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भक्ति का माहौल
इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। भक्ति गीतों और जयघोषों के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को वाराणसी के दशाश्वमेध घाट की अनुभूति जैसा बताया।
आयोजन का उद्देश्य और सामाजिक संदेश
आयोजकों ने बताया कि यह चौथा वर्ष है जब लोहरदगा में इस तरह की भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया है।
उनका कहना है कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति को बढ़ावा देना और लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन समिति की भूमिका
कार्यक्रम के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में पंडित तरुण पांडे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन समिति में पूजा अग्रवाल, मानसी कुमारी, कुमारी अंतरा, राखी कुमारी, सिमरन गुप्ता, राजनंदनी कुमारी, प्रियंका साहू, बृष्टि कश्यप, भावना मित्तल और सृष्टि पांडे सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

न्यूज़ देखो: आस्था और संस्कृति का संगम बनता लोहरदगा का यह आयोजन
यह भव्य गंगा आरती केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक एकता और पर्यावरण जागरूकता का प्रतीक बनकर उभरी है। स्थानीय लोगों की भागीदारी और प्रशासन की व्यवस्था इसे सफल आयोजन बनाती है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं और प्रकृति के संरक्षण का संदेश भी देते हैं।
दीपों की रोशनी केवल वातावरण को नहीं, बल्कि मन को भी प्रकाशित करती है।
आइए, हम सभी अपनी संस्कृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे आएं।
खबर को शेयर करें, कमेंट करें और इस तरह के आयोजनों को प्रोत्साहित करें।

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