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बरवाडीह में जश्ने ईद ए मिलाद-उन-नबी व गौशुल वरा के मौके पर 11वीं शरीफ़ का भव्य जलसा

#बरवाडीह #जश्नेईद : सरईडीह में मदरसा सैयदना गरीब नवाज़ में आयोजित 11वीं शरीफ़ जलसे में नातिया कलाम और इस्लामिक प्रतियोगिताओं का आयोजन
  • 11वीं शरीफ़ के मौके पर सरईडीह में जश्ने गौसुल वरा का भव्य जलसा आयोजित।
  • जलसे का नेतृत्व खतिबो इमाम अब्दुल हनान जौहर, मुफ्ती मोदसिर, मौलाना जुबेर अहमद मसुदी और गुलाम अहमद रज़ा मौजाहिदी ने किया।
  • इस्लामिक नातिया कलाम प्रस्तुत किए गए और बच्चों को इस्लामिक अमल अपनाने की प्रेरणा दी गई।
  • मदरसा के छात्रों के बीच इस्लामिक प्रतियोगिताओं का आयोजन, विजेताओं को शिल्ड और मेडल देकर सम्मानित किया गया।
  • स्थानीय मुस्लिम समाज के लोग और सदर आफताब आलम उर्फ भोला, सेकेट्री इसराफिल अंसारी उर्फ पचू समेत कई लोग जलसे में शामिल हुए।

बरवाडीह के सरईडीह में शनिवार को जश्ने ईद ए मिलाद-उन-नबी और गौशुल वरा के अवसर पर 11वीं शरीफ़ का भव्य जलसा आयोजित किया गया। जलसे में मदरसा सैयदना गरीब नवाज़ के खतिबो इमाम अब्दुल हनान जौहर और अन्य प्रमुख ओलमा ने भाग लिया। मौके पर नातिया कलाम के माध्यम से इस्लामिक शिक्षा और अमल को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।

इस्लामिक प्रतियोगिताओं में बच्चों की भागीदारी

मदरसा सैयदना गरीब नवाज़ के छात्रों और छात्राओं के बीच विभिन्न इस्लामिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में पहला ग्रुप विजेता रहा: सिफत प्रवीण, शम्मा प्रवीण, नरगिस प्रवीण, जबकि दूसरा ग्रुप: अरमान रज़ा, सहनाज प्रवीण, जौया प्रवीण। विजेताओं को उपस्थित ओलमाओ ने शिल्ड और मेडल प्रदान कर पुरस्कृत किया। इस मौके पर बच्चों में इस्लामिक शिक्षा और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ी।

नातिया कलाम और इस्लामिक संदेश

जलसे में खतिबो इमाम अब्दुल हनान जौहर, मुफ्ती मोदसिर, मौलाना जुबेर अहमद मसुदी, कारी नकीब रजा वारसी, कारी जुबेर अख्तर वारसी सहित अन्य ओलमाओ ने इस्लामिक बातों को सरल और प्रभावशाली ढंग से समझाया। उन्होंने कहा:

इमाम अब्दुल हनान जौहर ने कहा: “नातिया कलाम सिर्फ स्वर और शब्द नहीं, बल्कि दिलों में ईमान और मोहब्बत का संचार करता है। इसे अमल में लाना हर मुसलमान का फर्ज़ है।”

स्थानीय समुदाय ने भी उत्साहपूर्वक जलसे में हिस्सा लिया और बच्चों को प्रेरित किया कि वे अपनी शिक्षा और धर्म के मार्ग पर दृढ़ रहें।

आयोजन में शामिल खास लोग

इस अवसर पर सरईडीह के सदर आफताब आलम उर्फ भोला, सेकेट्री इसराफिल अंसारी उर्फ पचू सहित कई स्थानीय मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित रहे। बच्चों और उनके परिवार ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे जलसे में एकजुटता का संदेश दिया।

न्यूज़ देखो: युवा पीढ़ी में इस्लामिक चेतना का संचार

यह जलसा यह स्पष्ट करता है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी में नैतिक और आध्यात्मिक चेतना पैदा की जा सकती है। बच्चों को इस्लामिक शिक्षा और मूल्यों के प्रति जागरूक करना समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

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Akram Ansari

बरवाडीह, लातेहार

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