
#बरवाडीह #शहीद_स्मृति : 15 जनवरी 2026 को जमटिया जुरूहार में संयुक्त जयंती समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कृषि प्रदर्शनी।
बरवाडीह प्रखंड के छिपादोहर अंतर्गत परसाही गांव के जमटिया, जुरूहार में 15 जनवरी 2026 को वीर शहीद नीलाम्बर और पीताम्बर की स्मृति में ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। समारोह की शुरुआत सुबह 11:30 बजे नीलाम्बर-पीताम्बर स्मृति पार्क में होगी। आयोजन का मुख्य उद्देश्य शहीदों के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है। इस विशेष अवसर पर हजारों लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।
- नीलाम्बर और पीताम्बर की संयुक्त जयंती समारोह।
- कार्यक्रम की तिथि 15 जनवरी 2026।
- आयोजन स्थल नीलाम्बर-पीताम्बर स्मृति पार्क, जमटिया।
- भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन।
- किसानों के लिए विशेष कृषि विकास प्रदर्शनी।
बरवाडीह प्रखंड के छिपादोहर क्षेत्र में इस वर्ष 15 जनवरी को एक अत्यंत प्रेरणादायक और ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर ग्रामीण स्तर पर व्यापक उत्साह देखा जा रहा है। ठंड के मौसम के बावजूद आयोजन समिति द्वारा भव्य तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड के वीर इतिहास और शहीदों के संघर्ष पर चर्चा की जाएगी। स्थानीय नागरिकों के लिए यह समारोह गर्व और प्रेरणा का बड़ा अवसर बनेगा।
वीर शहीदों की जयंती का विशेष अवसर
15 जनवरी 2026 को परम पूज्य वीर शहीद नीलाम्बर की 203वीं जयंती तथा परम पूज्य वीर शहीद पीताम्बर की 198वीं जयंती का आयोजन एक साथ किया जा रहा है। झारखंड के स्वतंत्रता संग्राम में इन दोनों वीर सपूतों का योगदान अविस्मरणीय रहा है। अंग्रेजी शासन के दौरान हुए अत्याचारों के खिलाफ उन्होंने संगठित होकर संघर्ष किया था। उनके बलिदान की गाथा आज भी झारखंड की माटी में गूंजती है।
आयोजन समिति के सदस्यों का मानना है कि शहीदों की जयंती मनाना केवल परंपरा नहीं, बल्कि समाज को उनके आदर्शों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इसी सोच के साथ यह कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किया जाता रहा है और इस वर्ष इसे पहले से भी बड़े स्तर पर करने की योजना बनाई गई है। समारोह में शामिल होने वाले वक्ता वीर शहीदों के जीवन, उनके संघर्ष और सामाजिक संदेशों पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे।
स्मृति पार्क में होंगी विविध गतिविधियाँ
कार्यक्रम स्थल नीलाम्बर-पीताम्बर स्मृति पार्क, जमटिया को इस अवसर पर विशेष रूप से सजाया जाएगा। समारोह की शुरुआत झंडोत्तोलन एवं शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर की जाएगी। इसके बाद मंचीय कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा एवं किसान भाग लेंगे।
आयोजन के दौरान क्षेत्रीय समस्याओं और सामाजिक विकास के मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी, ताकि यह कार्यक्रम केवल जयंती तक सीमित न रहकर जनहित के लिए उपयोगी मंच साबित हो सके। आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की विशेष तैयारी की जा रही है।
मकर संक्रांति मेला बनेगा मुख्य आकर्षण
इस भव्य आयोजन के साथ-साथ पारंपरिक मकर संक्रांति मेला का भी आयोजन किया जाएगा। यह मेला हर वर्ष की तरह इस बार भी कार्यक्रम की भव्यता को कई गुना बढ़ा देगा। मेले में स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन, ग्रामीण उत्पादों के स्टॉल एवं झारखंडी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
ग्रामीणों के लिए यह मेला मनोरंजन और आपसी मेल-मिलाप का बड़ा अवसर होता है। आयोजन समिति के अनुसार इस वर्ष मेले में पहले से अधिक दुकानदारों और कलाकारों के शामिल होने की संभावना है। आसपास के गांवों से लोग परिवार सहित इस उत्सव में शामिल होंगे, जिससे पूरा क्षेत्र पर्व के रंग में रंग जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगा समारोह
कार्यक्रम में झारखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति को दर्शाने वाले रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। पारंपरिक नृत्य मंडली द्वारा शहीदों के संघर्ष, वीर गाथाओं और सामाजिक एकता के संदेशों को नृत्य-संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
आदिवासी नृत्य, लोकगीत और पारंपरिक वेशभूषा कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण होंगे। स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। आयोजन समिति का मानना है कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियां नई पीढ़ी को अपने इतिहास और परंपरा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
किसानों के लिए उपयोगी होगी कृषि विकास प्रदर्शनी
समारोह के अंतर्गत विशेष रूप से कृषि विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीक, जैविक खेती, उन्नत बीज, सिंचाई के नए तरीके और सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण बड़ी संख्या में किसान इस कार्यक्रम में भाग लेते हैं। ऐसे में यह प्रदर्शनी उनके लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी। विशेषज्ञों द्वारा खेती से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए जाएंगे, ताकि क्षेत्र के किसान नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें।
आयोजकों की अपील और संदेश
इस ऐतिहासिक भव्य आयोजन के आयोजक नीलाम्बर-पीताम्बर विचार मंच, जमटिया, जुरूहार (छिपादोहर), लातेहार हैं। आयोजकों ने समाज के सभी वर्गों, समुदायों, युवाओं, महिलाओं और किसानों से सादर आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।
कार्यक्रम के संस्थापक देवनाथ सिंह खरवार ने मौके पर कहा:
देवनाथ सिंह खरवार ने कहा: “वीर शहीद नीलाम्बर और पीताम्बर केवल ऐतिहासिक नायक ही नहीं, बल्कि झारखंड के संघर्ष और स्वाभिमान की सजीव पहचान हैं। यह आयोजन उनके आदर्शों को जीवित रखने का एक छोटा लेकिन सशक्त प्रयास है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे, ताकि शहीदों की गाथा हर घर तक पहुंचे और समाज में एकता की भावना मजबूत हो सके। संपर्क विवरण भी जारी किए गए हैं, जिसके अनुसार आयोजन से संबंधित जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 6207180868 तथा संस्थापक के नंबर 6204798540 पर संपर्क किया जा सकता है।
जन प्रतिक्रिया
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना की है। लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी सहयोग, संवेदना और भाईचारे की भावना सशक्त होती है। कार्यक्रम में भागीदारी को लेकर क्षेत्रीय युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। महिलाएं भी इस समारोह को सफल बनाने के लिए बढ़-चढ़कर सहयोग कर रही हैं।
न्यूज़ देखो: वीर इतिहास को जीवित रखने की पहल
यह समाचार बताता है कि झारखंड के ग्रामीण इलाकों में आज भी अपने शहीदों के प्रति गहरा सम्मान और लगाव मौजूद है। ऐसे भव्य कार्यक्रम प्रशासन और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाते हैं। शहीदों की स्मृति में होने वाला यह आयोजन नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का सशक्त माध्यम बनेगा। आगे इस तरह के कार्यक्रमों के विस्तार और प्रभाव को देखना महत्वपूर्ण होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग समाज ही शहीदों का सच्चा सम्मान
वीर शहीद नीलाम्बर और पीताम्बर के आदर्श हमें सिखाते हैं कि अन्याय के खिलाफ एकजुट होना ही सबसे बड़ी ताकत है।
ऐतिहासिक कार्यक्रमों में भाग लेकर हम अपने गौरवशाली इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचा सकते हैं।
सांस्कृतिक संरक्षण और किसानों के विकास में सहयोग देना हर नागरिक का कर्तव्य है।
आप भी 15 जनवरी 2026 को जमटिया पहुंचकर इस भव्य समारोह का हिस्सा बनें।
दोस्तों और परिजनों के साथ खबर को ज्यादा से ज्यादा साझा करें।
अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें और इस पहल को समर्थन दें।
क्षेत्रीय एकता को मजबूत बनाने में योगदान दें।
जिम्मेदार बनें, सक्रिय रहें और समाजहित के कार्यों में आगे आएं।





