#लावालौंग #होली_मिलन : करमा गांव में पंचायत स्तर पर सौहार्दपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ।
लावालौंग प्रखंड के कटिया पंचायत अंतर्गत करमा गांव में मुखिया मिसी देवी के नेतृत्व में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम उनके निवास स्थान पर आयोजित हुआ, जिसमें पंचायत के विभिन्न गांवों से लगभग पाँच सौ ग्रामीण शामिल हुए। आयोजन में महिला, बुजुर्ग और बच्चों की भी सक्रिय भागीदारी रही। समारोह में आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।
- कटिया पंचायत के करमा गांव में आयोजित हुआ समारोह।
- मुखिया मिसी देवी के नेतृत्व में हुआ आयोजन।
- लगभग पाँच सौ ग्रामीणों की रही भागीदारी।
- महिला, बुजुर्ग और बच्चों की उल्लेखनीय उपस्थिति।
- मुखिया प्रतिनिधि मिथलेश चौबे ने शांति और सौहार्द का संदेश दिया।
लावालौंग प्रखंड के करमा गांव में इस बार होली का उत्सव विशेष रूप से सामुदायिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। मुखिया मिसी देवी के नेतृत्व में आयोजित होली मिलन समारोह में पंचायत के विभिन्न गांवों से ग्रामीण बड़ी संख्या में जुटे। कार्यक्रम में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने इसे पारिवारिक और सामाजिक समरसता का स्वरूप दिया। अबीर-गुलाल और होली गीतों की धुनों के बीच पूरा वातावरण उल्लास से भर गया।
संयुक्त प्रयास से हुआ भव्य आयोजन
यह कार्यक्रम मुखिया मिसी देवी, समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि मिथलेश चौबे, उपमुखिया मनोज यादव तथा वार्ड सदस्य उमेश गंझू के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया। पंचायत स्तर पर इस तरह का सामूहिक आयोजन ग्रामीणों के बीच समन्वय और सहयोग की भावना को दर्शाता है।
मुखिया के निवास स्थान पर आयोजित समारोह में पंचायत के अलग-अलग गांवों से आए लोगों ने एक साथ बैठकर पर्व की खुशियां साझा कीं। आयोजन की व्यवस्था और सामूहिक सहभागिता ने इसे सफल और अनुकरणीय बना दिया।
रंगों के साथ सामाजिक एकता का संदेश
समारोह में उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। होली गीतों और पारंपरिक धुनों पर ग्रामीणों ने जमकर नृत्य किया। बच्चों की चहचहाहट, बुजुर्गों की मुस्कान और महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
यह आयोजन केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम भी साबित हुआ। ग्रामीणों ने आपसी मतभेद भुलाकर एकता और प्रेम का परिचय दिया।
मुखिया प्रतिनिधि का संबोधन
इस अवसर पर मुखिया प्रतिनिधि मिथलेश चौबे ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा:
मिथलेश चौबे ने कहा: “होली प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का पर्व है। इसे शांति, सौहार्द और आपसी सद्भाव के साथ मिलजुलकर मनाना चाहिए।”
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि पर्व के अवसर पर आपसी सहयोग और सम्मान की भावना बनाए रखें। उनके संबोधन ने कार्यक्रम को एक सकारात्मक दिशा प्रदान की।
बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति
कार्यक्रम में जमाहिर गंझू, धनु गंझू, विनोद गंझू, दीपक ठाकुर, अमन प्रधान, सूरज साव, कैलाश साव, विनोद यादव, अशोक यादव, मुकेश भुईयां, विनोद भुईयां, रवि शर्मा, विक्रम यादव, हरदेव यादव, सरयू गंझू, नेपाल यादव, अर्जुन गंझू, झूबर गंझू, नीरज गंझू सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
लगभग पाँच सौ की संख्या में पुरुष और महिलाएं समारोह में शामिल हुए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पंचायत स्तर पर इस आयोजन को व्यापक समर्थन मिला।
न्यूज़ देखो: पंचायत स्तर पर सामाजिक समरसता की मिसाल
करमा गांव का यह होली मिलन समारोह दर्शाता है कि स्थानीय नेतृत्व यदि पहल करे तो सामाजिक एकता को नई मजबूती मिल सकती है। मुखिया मिसी देवी और उनकी टीम द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम पंचायत में सामूहिक भागीदारी की मिसाल बनकर उभरा है। महिला, बुजुर्ग और बच्चों की सक्रिय मौजूदगी ने इसे समावेशी स्वरूप दिया। ऐसे आयोजन ग्रामीण समाज में विश्वास और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
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रंगों से मजबूत हों रिश्ते, एकता से सशक्त बने समाज
होली केवल त्योहार नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का अवसर है। जब गांव के लोग एक साथ बैठकर पर्व मनाते हैं, तो सामाजिक दूरी कम होती है और विश्वास बढ़ता है। ऐसे आयोजनों से प्रेरणा लेकर हमें अपने आसपास सौहार्द का वातावरण बनाए रखना चाहिए।