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गढ़वा में एबी मॉडल स्कूल में भव्य इफ्तार पार्टी: रोजेदारों ने अमन चैन और भाईचारे की मांगी दुआ

#गढ़वा #इफ्तार_समारोह : एबी मॉडल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में रोजेदारों ने सामूहिक रूप से रोजा खोला।

गढ़वा जिले के बाकरगंज झलूवा स्थित एबी मॉडल स्कूल में गुरुवार को भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। स्कूल के निदेशक और मुखिया प्रत्याशी बाकर अली की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने भाग लिया। निर्धारित समय पर सभी ने सामूहिक रूप से रोजा खोला और देश-प्रदेश में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। आयोजन को सामाजिक सौहार्द और आपसी एकता का प्रतीक बताया गया।

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  • गढ़वा के बाकरगंज झलूवा स्थित एबी मॉडल स्कूल में आयोजित हुई भव्य इफ्तार पार्टी।
  • कार्यक्रम का आयोजन स्कूल निदेशक व मुखिया प्रत्याशी बाकर अली की पहल पर।
  • बड़ी संख्या में रोजेदारों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने लिया हिस्सा।
  • शाम 6:10 बजे सामूहिक रूप से रोजा खोलकर अमन-चैन की दुआ की गई।
  • आयोजन को सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश देने वाला कार्यक्रम बताया गया।

गढ़वा जिले के बाकरगंज झलूवा स्थित एबी मॉडल स्कूल परिसर में गुरुवार को एक भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन स्कूल के निदेशक एवं मुखिया प्रत्याशी बाकर अली की ओर से किया गया था। इफ्तार पार्टी में बड़ी संख्या में रोजेदारों, स्थानीय गणमान्य लोगों, समाजसेवियों और धार्मिक नेताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का माहौल सौहार्द और भाईचारे से भरपूर रहा, जहां सभी ने एक साथ बैठकर रोजा खोला और आपसी एकता का संदेश दिया।

निर्धारित समय के अनुसार संध्या 6:10 बजे सभी रोजेदारों ने सामूहिक रूप से रोजा खोला। रोजा खोलने से पहले सभी ने दुआ करते हुए राज्य और देश में शांति, खुशहाली और भाईचारे की कामना की। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने एक दूसरे को रमजान की मुबारकबाद भी दी।

रमजान का संदेश संयम और इंसानियत

इफ्तार पार्टी के अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए स्कूल के निदेशक और मुखिया प्रत्याशी बाकर अली ने रमजान महीने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान केवल रोजा रखने का महीना नहीं है बल्कि यह आत्मसंयम, त्याग और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का समय भी है।

बाकर अली ने कहा: “रमजान का महीना हमें संयम, त्याग और इंसानियत का संदेश देता है। इफ्तार पार्टी केवल रोजा खोलने का कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और एकता को मजबूत करने का माध्यम है।”

उन्होंने कहा कि समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करना चाहिए।

समाज में एकता और सद्भाव का संदेश

बाकर अली ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में धर्म, जाति और वर्ग से ऊपर उठकर लोगों को एक दूसरे के साथ मिलकर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और समाज में सकारात्मक संदेश देने का काम करते हैं।

बाकर अली ने कहा: “हमें धर्म, जाति और वर्ग से ऊपर उठकर समाज में सद्भाव और शांति का वातावरण बनाए रखना चाहिए। ऐसे आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और समाज में सकारात्मक संदेश देने का काम करते हैं।”

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उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना के साथ अपने क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करें।

बड़ी संख्या में रोजेदार और स्थानीय लोग रहे मौजूद

इफ्तार पार्टी में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने भाग लिया और सामूहिक रूप से रोजा खोला। इस दौरान स्थानीय गणमान्य लोग, समाजसेवी और धार्मिक नेता भी उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को सामाजिक सौहार्द और एकता का अच्छा उदाहरण बताया।

कार्यक्रम के दौरान लोगों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने एक साथ बैठकर इफ्तार किया और रमजान की पवित्र भावना को साझा किया।

आयोजन को सफल बनाने में शिक्षकों और कर्मचारियों की भूमिका

इस भव्य इफ्तार पार्टी के आयोजन में एबी मॉडल स्कूल के शिक्षकों, कर्मचारियों और आयोजकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहयोग किया।

आयोजन में शामिल लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में भाईचारा और आपसी विश्वास को मजबूत करने का काम करते हैं।

न्यूज़ देखो: इफ्तार जैसे आयोजन बढ़ाते हैं सामाजिक सद्भाव

गढ़वा में आयोजित यह इफ्तार पार्टी केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। जब अलग-अलग वर्गों और समुदायों के लोग एक साथ बैठकर इफ्तार करते हैं तो इससे समाज में आपसी विश्वास और भाईचारा मजबूत होता है। आज के समय में ऐसे आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं, जो लोगों को जोड़ने और सकारात्मक संदेश फैलाने का काम करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

एकता और भाईचारे की यही असली ताकत

समाज तभी मजबूत बनता है जब लोग एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हैं और मिलकर खुशियों को साझा करते हैं। रमजान जैसे पवित्र अवसर हमें यही सिखाते हैं कि इंसानियत और आपसी प्रेम सबसे बड़ी ताकत है।

यदि समाज के हर क्षेत्र में ऐसे सौहार्दपूर्ण कार्यक्रम आयोजित होते रहें तो आपसी दूरी कम होगी और भाईचारे की भावना और मजबूत होगी।

आप भी ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए अपनी राय जरूर साझा करें। इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और समाज में एकता और सद्भाव का संदेश फैलाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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Sonu Kumar

गढ़वा

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