गाड़ियाजोर-बरमुण्डा में भव्य कलश यात्रा, सोमवार से शुरू होगा 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन

author Satyam Kumar Keshri
2 hours ago 8 Views Download E-Paper
#कुरडेग #धार्मिक_आयोजन : महिलाओं की कलश यात्रा—अखंड हरिकीर्तन से गूंजेगा गांव।

सिमडेगा के कुरडेग प्रखंड के गाड़ियाजोर-बरमुण्डा गांव में कलश यात्रा के साथ धार्मिक आयोजन की शुरुआत हुई। महिलाओं ने कलश लेकर गांव में शोभायात्रा निकाली। सोमवार से 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन शुरू होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही।

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  • गाड़ियाजोर-बरमुण्डा गांव में भव्य कलश यात्रा।
  • महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर शोभायात्रा निकाली
  • सोमवार से 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन शुरू
  • पवन मिश्रा ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई।
  • ग्रामीणों की बड़ी संख्या में भागीदारी

सिमडेगा जिले के कुरडेग प्रखंड अंतर्गत गाड़ियाजोर-बरमुण्डा गांव में रविवार को धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। यहां भव्य कलश यात्रा के साथ धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

यह आयोजन गांव में आध्यात्मिक वातावरण और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा।

कलश यात्रा में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

कलश यात्रा में गांव की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर शामिल हुईं। भक्ति गीतों और जयकारों के बीच पूरी यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होकर निकली।

एक महिला श्रद्धालु ने कहा: “कलश यात्रा में शामिल होकर हमें आध्यात्मिक शांति और खुशी मिली।”

अखंड हरिकीर्तन का होगा आयोजन

आयोजन समिति के अनुसार, सोमवार सुबह से 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन शुरू किया जाएगा। इसमें क्षेत्र के श्रद्धालु लगातार भजन-कीर्तन में भाग लेंगे।

यह आयोजन पूरे गांव को भक्ति रस में सराबोर कर देगा।

पूजा-अर्चना विधिवत संपन्न

कार्यक्रम के दौरान पुरोहित पवन मिश्रा ने वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना करवाई। इस धार्मिक अनुष्ठान में यजमान के रूप में दिलेश्वर यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पवन मिश्रा ने कहा: “ऐसे आयोजन से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।”

ग्रामीणों की व्यापक सहभागिता

इस आयोजन में गांव के सभी वर्गों के लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

भक्तिमय बना माहौल

पूरे आयोजन के दौरान गांव में भक्तिमय वातावरण बना रहा। हर ओर भक्ति गीतों की धुन और श्रद्धा का भाव देखने को मिला।

आयोजकों की अपील

आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अखंड हरिकीर्तन में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें।

सामाजिक एकता का संदेश

यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करने का माध्यम बना।

न्यूज़ देखो: आस्था से जुड़ता समाज

कुरडेग के इस आयोजन से यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का काम करते हैं। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

भक्ति और एकता को अपनाएं

धार्मिक आयोजन हमें जोड़ने और प्रेरित करने का काम करते हैं।
जरूरी है कि हम इन परंपराओं को आगे बढ़ाएं।
सामूहिक सहभागिता ही समाज को मजबूत बनाती है।
आइए, हम भी ऐसे आयोजनों का हिस्सा बनें।

अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और इस भक्ति संदेश को आगे बढ़ाएं।

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सिमडेगा नगर क्षेत्र

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