
#लावालौंग #चैती_नवरात्र : कलश यात्रा और दुर्गा सप्तशती पाठ से महोत्सव शुरू हुआ।
चतरा जिले के लावालौंग में नवरात्र सह चैती महोत्सव की शुरुआत 201 कलश यात्रा के साथ की गई। गुरुवार को श्रद्धालु महिलाओं और युवतियों ने भक्ति भाव से शोभायात्रा निकाली। मगरदहा नदी से जल लाकर मंदिर में विधि-विधान से कलश स्थापना की गई। इसके साथ ही नौ दिनों तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ।
- लावालौंग (चतरा) में 201 कलश के साथ भव्य यात्रा निकली।
- मगरदहा नदी से जल भरकर मंदिर में कलश स्थापना।
- दुर्गा सप्तशती पाठ के साथ महोत्सव की शुरुआत।
- जगदेव प्रजापति ने 9 दिनों के कार्यक्रम की जानकारी दी।
- श्रद्धालुओं के लिए लस्सी और पानी की व्यवस्था की गई।
- बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु हुए शामिल।
चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड में नवरात्र सह चैती महोत्सव का शुभारंभ भक्ति और आस्था के माहौल में हुआ। गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में 201 श्रद्धालु महिलाओं और युवतियों ने सिर पर कलश लेकर भव्य शोभायात्रा निकाली। पूरे क्षेत्र में जय माता दी के जयघोष और धार्मिक गीतों के साथ माहौल भक्तिमय हो उठा। इस आयोजन ने स्थानीय लोगों को एक साथ जोड़ते हुए सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत किया।
भव्य कलश यात्रा से हुआ महोत्सव का आगाज
कलश यात्रा की शुरुआत निर्माणाधीन लावालौंग राम मंदिर परिसर से हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं और युवतियां गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा में शामिल हुईं।
श्रद्धालु मंदिर परिसर से निकलकर मगरदहा नदी तक पहुंचे, जहां पूरे विधि-विधान के साथ कलश में जल भरा गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ कलश स्थापना
नदी तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश में जल भरने की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद सभी श्रद्धालु जल लेकर पुनः मंदिर परिसर लौटे, जहां धार्मिक रीति-रिवाज के साथ कलश स्थापना की गई।
कलश स्थापना के बाद मां भगवती की आराधना हेतु दुर्गा सप्तशती का पाठ प्रारंभ किया गया, जिससे पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का वातावरण बना रहा।
नौ दिनों तक चलेंगे धार्मिक अनुष्ठान
चैती महोत्सव समिति के अध्यक्ष जगदेव प्रजापति ने जानकारी देते हुए कहा:
जगदेव प्रजापति ने कहा: “चैती नवरात्र के अवसर पर लगातार 9 दिनों तक दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि धर्मराज दशमी के दिन हवन-पूजन और कलश विसर्जन के साथ महोत्सव का समापन होगा।
श्रद्धालुओं के लिए की गई विशेष व्यवस्था
इस आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया। रंजीत कुमार साहू द्वारा सभी कलश यात्रियों के लिए लस्सी की व्यवस्था की गई, वहीं मनीषा देवी ने पानी की व्यवस्था कर महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
इस भव्य आयोजन में राजेंद्र पासवान, अरुण रजक, उपेंद्र केसरी, अशोक रजक, उमेश ठाकुर, त्रिवेणी रजक, अमित कुमार मिश्रा, भरत प्रजापति, जितेंद्र प्रजापति, चंद्रदेव प्रजापति, राजू प्रजापति, सुरेश प्रजापति, पप्पू साहू सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
सभी श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
न्यूज़ देखो: परंपरा और आस्था का जीवंत संगम
लावालौंग में आयोजित यह कलश यात्रा और चैती महोत्सव यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी धार्मिक परंपराएं पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जा रही हैं। ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। हालांकि, बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करना भी जरूरी है। क्या आने वाले वर्षों में यह आयोजन और व्यापक रूप लेगा, यह देखने योग्य होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ समाज में एकता का दीप जलाएं
नवरात्र केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। यह समय है अपने भीतर के विश्वास को मजबूत करने और समाज में प्रेम व एकता फैलाने का।
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