
#बिश्रामपुर #सरस्वती_पूजा : कॉम्पिटिशन क्लास में विधिवत पूजा के साथ छात्रों में शिक्षा संस्कार का संदेश।
पलामू जिले के बिश्रामपुर में 23 जनवरी 2026 को कॉम्पिटिशन क्लास परिसर में मां सरस्वती पूजा धूमधाम से मनाई जाएगी। बिश्रामपुर पेट्रोल पंप के सामने स्थित संस्थान में इस अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में शिक्षा, ज्ञान और संस्कार के प्रति आस्था को मजबूत करना है। पूजा को लेकर संस्थान प्रबंधन और छात्रों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
- 23 जनवरी 2026 को बिश्रामपुर कॉम्पिटिशन क्लास में सरस्वती पूजा का आयोजन।
- स्थान बिश्रामपुर पेट्रोल पंप के सामने स्थित कॉम्पिटिशन क्लास।
- आयोजन में छात्र, शिक्षक और स्थानीय लोग होंगे शामिल।
- संस्थापक नेज़ाम अंसारी ने दी पूजा की जानकारी।
- अली सर के नेतृत्व में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर जोर।
- शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन का संदेश।
पलामू जिले के बिश्रामपुर क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय कॉम्पिटिशन क्लास द्वारा इस वर्ष मां सरस्वती पूजा को विशेष रूप से भव्य रूप में मनाने की तैयारी की जा रही है। 23 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले इस धार्मिक और शैक्षणिक आयोजन को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में उत्साह का माहौल है। पूजा के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान, विवेक और अनुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी जाएगी।
बिश्रामपुर कॉम्पिटिशन क्लास में होगी विधिवत पूजा-अर्चना
बिश्रामपुर पेट्रोल पंप के सामने स्थित कॉम्पिटिशन क्लास परिसर को सरस्वती पूजा के अवसर पर आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा संपन्न कराई जाएगी। पूजा में संस्थान से जुड़े छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण और स्थानीय लोग भाग लेंगे। आयोजन को शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न कराने की पूरी तैयारी की जा रही है।
संस्थापक नेज़ाम अंसारी ने दी जानकारी
कॉम्पिटिशन क्लास के संस्थापक नेज़ाम अंसारी ने सरस्वती पूजा आयोजन को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि यह पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शिक्षा के महत्व को समझाने का माध्यम है।
नेज़ाम अंसारी ने कहा: “हमारे संस्थान में पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। सरस्वती पूजा के माध्यम से हम छात्रों में ज्ञान के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना विकसित करना चाहते हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान में पढ़ाई का तरीका सरल, प्रभावी और छात्रों की जरूरतों के अनुसार रखा गया है, ताकि हर विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सके।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष जोर
कॉम्पिटिशन क्लास में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ बुनियादी शिक्षा पर भी मजबूत पकड़ दिलाने का प्रयास किया जाता है। संस्थान में पढ़ाने की जिम्मेदारी अनुभवी शिक्षकों द्वारा निभाई जाती है। विशेष रूप से अली सर छात्रों के मार्गदर्शन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
संस्थान प्रबंधन के अनुसार, जो भी छात्र कॉम्पिटिशन क्लास में नामांकन लेना चाहते हैं, उनके लिए प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है। छात्रों को पढ़ाई से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता देने के लिए शिक्षक हमेशा तैयार रहते हैं।
छात्रों और अभिभावकों में उत्साह
सरस्वती पूजा को लेकर छात्रों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। विद्यार्थी इसे ज्ञान की देवी के प्रति श्रद्धा प्रकट करने और अपने शैक्षणिक जीवन में सफलता की कामना के रूप में देख रहे हैं। वहीं अभिभावकों का मानना है कि इस तरह के आयोजन से बच्चों में सकारात्मक सोच और अनुशासन का विकास होता है।
शिक्षा और संस्कृति का समन्वय
बिश्रामपुर कॉम्पिटिशन क्लास द्वारा आयोजित सरस्वती पूजा यह संदेश देती है कि शिक्षा और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ना और नैतिक मूल्यों को मजबूत करना भी शिक्षा का अहम हिस्सा है। इस आयोजन से संस्थान की सामाजिक भूमिका भी उजागर होती है।
न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ संस्कार की पहल
बिश्रामपुर कॉम्पिटिशन क्लास में सरस्वती पूजा का आयोजन यह दिखाता है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। इस तरह के आयोजन छात्रों में नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। जरूरत है कि शिक्षा संस्थान पढ़ाई के साथ ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को भी प्रोत्साहित करें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
ज्ञान की आराधना से उज्ज्वल भविष्य की ओर
मां सरस्वती की आराधना ज्ञान, विवेक और सफलता का मार्ग दिखाती है। इस आयोजन से विद्यार्थियों को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी। शिक्षा और संस्कार के इस संगम को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
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