
#चैनपुर #सरहुल_महोत्सव : पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य के साथ निकलेगी भव्य शोभायात्रा।
चैनपुर प्रखंड में सरहुल पर्व को लेकर 6 अप्रैल को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। केंद्रीय सरहुल पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 50 से अधिक गांवों की सहभागिता होगी। शोभायात्रा सरना स्थल से शुरू होकर नगर भ्रमण करेगी। आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी अंतिम चरण में है।
- 6 अप्रैल 2026 को चैनपुर में निकलेगी भव्य शोभायात्रा।
- 50 से अधिक गांवों को भेजा गया निमंत्रण।
- आयोजन केंद्रीय सरहुल पूजा समिति के तत्वावधान में।
- सरना स्थल से सुबह 10 बजे शुरू होगा कार्यक्रम।
- पारंपरिक नृत्य और मांदर-नगाड़ों की गूंज होगी आकर्षण।
- ‘खोड़ा प्रतियोगिता’ में विजेताओं को मिलेगा पुरस्कार।
चैनपुर प्रखंड में प्रकृति पर्व सरहुल को लेकर उत्साह चरम पर है। इस बार केंद्रीय सरहुल पूजा समिति ने आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य बनाने का निर्णय लिया है। पूरे क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
6 अप्रैल को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, 6 अप्रैल 2026, सोमवार को सुबह 10:00 बजे चैनपुर के सरना स्थल से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा पूरे नगर का भ्रमण करेगी और विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगी।
इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीण मांदर और नगाड़ों की थाप पर नृत्य करते हुए सरहुल की खुशियां मनाएंगे।
50 से अधिक गांवों को भेजा गया निमंत्रण
केंद्रीय सरहुल पूजा समिति के अध्यक्ष कुलदीप रौतिया बैगा ने जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
उन्होंने कहा:
कुलदीप रौतिया बैगा ने कहा: “इस बार 50 से 60 गांवों को शामिल कर सरहुल पर्व को भव्य और ऐतिहासिक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।”
उन्होंने बताया कि अब तक करीब 50 गांवों में निमंत्रण पत्र भेजा जा चुका है।
खोड़ा प्रतियोगिता होगी मुख्य आकर्षण
इस वर्ष के आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण विभिन्न गांवों से आने वाले ‘खोड़ा’ दलों के बीच होने वाली प्रतियोगिता होगी।
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दलों को नकद पुरस्कार और सम्मान दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
समय से पहले पहुंचने की अपील
समिति के अध्यक्ष कुलदीप रौतिया बैगा और उपाध्यक्ष अंतु भगत रौतिया ने सभी ग्रामवासियों, बैगा-पाहन और पारंपरिक नर्तक दलों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से आधा घंटा पहले अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।
उन्होंने कहा कि समय पर सहभागिता से आयोजन को और बेहतर ढंग से संपन्न किया जा सकेगा।
आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि हर वर्ष 35-40 गांवों की भागीदारी होती थी, लेकिन इस बार इसे और बड़े स्तर पर आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
पूरे आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के सदस्य लगातार तैयारी में जुटे हुए हैं।
न्यूज़ देखो: परंपरा और संस्कृति का भव्य संगम
चैनपुर में आयोजित होने वाला यह सरहुल महोत्सव न केवल सांस्कृतिक विरासत को संजोने का माध्यम है, बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूत करता है। बड़ी संख्या में गांवों की सहभागिता इस आयोजन को और खास बनाती है। क्या यह प्रयास आने वाले वर्षों में और भी बड़े स्तर पर विकसित होगा, यह देखने योग्य होगा।
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