#बानो #महाशिवरात्रि_महोत्सव : सिमडेगा के केतुंगाधाम में दिनभर चला धार्मिक अनुष्ठान, रात्रि में शिव बारात और भक्ति जागरण का भव्य आयोजन।
सिमडेगा जिले के बानो स्थित केतुंगाधाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य शिव बारात, अखंड हरि कीर्तन, भक्ति जागरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने दिनभर पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। न्यास समिति और प्रशासन के सहयोग से आयोजन शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित रहा।
- केतुंगाधाम, बानो (सिमडेगा) में महाशिवरात्रि पर भव्य आयोजन।
- प्रातः 5 बजे भगवान भोलेनाथ एवं माता पार्वती की आरती से शुरुआत।
- हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति, विशेष पास की भी व्यवस्था।
- संध्या में आकर्षक शिव बारात और शिव-पार्वती विवाह।
- रात्रि में नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम व भक्ति जागरण।
बानो प्रखंड के केतुंगाधाम में महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। प्रातः काल से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की आरती-पूजन के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई। दिनभर दर्शन-पूजन, अखंड हरि कीर्तन और भंडारे का आयोजन चलता रहा। शाम होते-होते शिव बारात की झांकी और रात्रि में भक्ति जागरण ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया।
दीप प्रज्वलन के साथ भक्ति जागरण का शुभारंभ
रात्रि आयोजित भक्ति जागरण सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर के मुख्य पुजारी प्रदीप दास गोस्वामी, समाजसेवी राधेश्याम सोनकर, राजेन्द्र बड़ाइक, रमेश मिश्रा, सुकरा केरकेट्टा, केतुंगाधाम न्यास समिति एवं मानव धर्म रक्षक संघ के पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। सभी ने मां सरस्वती, भारत माता, भगवान भोलेनाथ एवं जगत स्वरूप ओम की तस्वीर के समीप दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। मंच संचालन मनोज दास गोस्वामी ने किया।
प्रातःकालीन आरती से उमड़ी आस्था की भीड़
महोत्सव की शुरुआत सुबह 5 बजे भगवान भोलेनाथ एवं माता पार्वती की आरती-पूजन के साथ हुई। इसके बाद हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए कतारबद्ध नजर आए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए न्यास समिति द्वारा प्रवेश और निकास की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी। पुलिस प्रशासन के सहयोग से भीड़ को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया गया। असहाय, वृद्ध, जरूरतमंद और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष पास की व्यवस्था सराहनीय रही।
अखंड हरि कीर्तन और विशाल भंडारा
मंदिर परिसर में अखंड हरि कीर्तन का आयोजन किया गया। मुख्य पुजारी के रूप में लखेश्वर पांडा तथा जापक के रूप में राधेश्याम सोनी, केशव चंद्र पाणिग्रही और प्रदीप पांडा शामिल हुए। राम रामजाड़ी, बड़केतुगा और फुलवार टांगर की कीर्तन मंडलियों ने भक्ति रस की अविरल धारा बहाई। पूजन उपरांत समिति द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आकर्षक शिव बारात और शिव-पार्वती विवाह
रविवार संध्या भव्य शिव बारात निकाली गई, जो मंदिर मुख्य द्वार से निकलकर देव नदी होते हुए पुनः मुख्य फाटक तक पहुंची। झांकी में भगवान शिव, माता पार्वती, किन्नर, गंधर्व, वानर और शिवभक्तों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद शिव-पार्वती विवाह का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही।
नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम में झूमे श्रद्धालु
रात्रि में आयोजित नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने भक्ति और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। भारत सिंह, देव कुमार सिंह, मालती देवी, बीरबल नायक, जीवंत कुमारी और रितिका कुमारी ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए। दिव्या संगम की टीम तथा नन्ही कलाकार अदिति कुमारी ने मनमोहक नृत्य से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। रातभर श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते रहे।
अखंड यज्ञ की पूर्णाहुति
अखंड यज्ञ की पूर्णाहुति दोपहर 12 बजे संपन्न हुई, जिसमें न्यास समिति के सदस्य उपस्थित रहे। इसके उपरांत पूर्णाहुति भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
समिति सदस्यों की रही अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष सुकरा केरकेट्टा, सुभाष साहू, महासचिव ओम प्रकाश साहू, कर्मवीर साहू, सचिव दिलीप पांडा, रामचंद्र साहू, कोषाध्यक्ष अजीत साहू, उपाध्यक्ष बिल्खु महतो, फिरू बड़ाइक, संतु सिंह, अंकित साहू, संरक्षक दिलमोहन साहू, मनोज गोस्वामी, सलाहकार उमेश कुमार साहू, सदस्य प्रमोद सोनी, विनोद नाग, रामचंद्र साहू, रतन साहू, श्याम शिखर सोनी, संगम साहू, अविनाश पंडा सहित सभी सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही।
न्यूज़ देखो: आस्था और संस्कृति का संगम बना केतुंगाधाम
केतुंगाधाम में आयोजित महाशिवरात्रि महोत्सव ने यह सिद्ध किया कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का माध्यम भी बनते हैं। सुव्यवस्थित प्रबंधन और प्रशासनिक सहयोग ने आयोजन को सफल बनाया। इस प्रकार के आयोजन क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ सामाजिक समरसता का संदेश
महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और एकता का अवसर है।
ऐसे आयोजनों में सहभागिता कर समाज को मजबूत बनाएं।
सांस्कृतिक विरासत को संजोना हम सबकी जिम्मेदारी है।
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