
#गढ़वा #शैक्षणिक_खेल : कृषि महाविद्यालय में दो दिवसीय खेल स्पर्धा में 150 छात्र छात्राओं की भागीदारी।
कृषि महाविद्यालय गढ़वा में दो दिवसीय खेल स्पर्धा 26 का सफल आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 150 छात्र छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला खेल पदाधिकारी दिलीप कुमार और महाविद्यालय के अधिष्ठाता डी के रूसिया ने संयुक्त रूप से किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा। खेल स्पर्धा के दौरान विभिन्न इनडोर और आउटडोर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
- कृषि महाविद्यालय गढ़वा में दो दिवसीय खेल स्पर्धा 26 का आयोजन।
- 150 से अधिक छात्र छात्राओं ने विभिन्न खेलों में लिया भाग।
- दिलीप कुमार, जिला खेल पदाधिकारी ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन।
- डी के रूसिया, अधिष्ठाता ने खेल और शिक्षा के संतुलन पर दिया जोर।
- शतरंज, केराम, मैराथन और 800 मीटर दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित।
- विजेता प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित।
कृषि महाविद्यालय गढ़वा में आयोजित दो दिवसीय खेल स्पर्धा 26 ने परिसर को खेल और उत्साह के रंगों से भर दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने खेल को जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए विद्यार्थियों को नियमित रूप से खेल गतिविधियों से जुड़ने की प्रेरणा दी। आयोजन का उद्देश्य न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक और बौद्धिक विकास को भी सुदृढ़ करना रहा।
खेल स्पर्धा का उद्देश्य और आयोजन की रूपरेखा
खेल स्पर्धा 26 का आयोजन महाविद्यालय प्रशासन और स्पोर्ट्स कमेटी के संयुक्त प्रयास से किया गया। प्रतियोगिता में इनडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के खेल शामिल किए गए, ताकि सभी छात्र छात्राओं को अपनी रुचि के अनुसार भाग लेने का अवसर मिल सके। आयोजन को दो दिनों में विभाजित किया गया, जिससे सभी प्रतियोगिताएं व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से संपन्न हो सकें।
उद्घाटन समारोह में अतिथियों के विचार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिलीप कुमार, जिला खेल पदाधिकारी गढ़वा ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
दिलीप कुमार ने कहा: “खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।”
वहीं महाविद्यालय के अधिष्ठाता डी के रूसिया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा:
डी के रूसिया ने कहा: “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास संभव है। खेल गतिविधियां विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और सकारात्मक सोच को मजबूत करती हैं।”
सह-अधिष्ठाता के रूप में उन्होंने यह भी बताया कि कृषि शिक्षा के साथ खेलों का संतुलन छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
आयोजन समिति और शिक्षकों की भूमिका
कार्यक्रम का सफल संचालन कृषि महाविद्यालय स्पोर्ट कोऑर्डिनेटर डॉ रोहित कुमार के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए सभी प्रतिभागियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का संदेश दिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण डॉ राहुल कुमार, डॉ मानस, डॉ इंग्लिश दीपक, डॉ शिवा सुप्रिया, श्रीमती अभिलाषा कुमारी, डॉ कल्याण, डॉ सुलोचना, डॉ अंजनी सहित महाविद्यालय के समस्त कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने प्रतियोगिताओं के संचालन और मूल्यांकन में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रतियोगिताओं का विवरण और विजेता प्रतिभागी
खेल स्पर्धा के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। शतरंज टूर्नामेंट पुरुष वर्ग में मनोज मांझी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि पंकज कुमार द्वितीय स्थान पर रहे। शतरंज महिला वर्ग में लक्ष्मी टोप्पो ने प्रथम स्थान और शोभा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
केराम प्रतियोगिता में सुजल तिर्की और अभिषेक रवि की जोड़ी ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं मैराथन दौड़ में विद्युत कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और विकास खरवार द्वितीय स्थान पर रहे। 800 मीटर दौड़ महिला वर्ग में सुनीता उरांव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
छात्रों में दिखा उत्साह और खेल भावना
पूरे आयोजन के दौरान छात्रों में जबरदस्त उत्साह और खेल भावना देखने को मिली। प्रतियोगिताओं के दौरान दर्शक दीर्घा में मौजूद छात्र छात्राएं अपने साथियों का उत्साहवर्धन करते नजर आए। खेल मैदान में अनुशासन, टीमवर्क और प्रतिस्पर्धा की स्वस्थ भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।



न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ खेल का संतुलन बना रहा महाविद्यालय
कृषि महाविद्यालय गढ़वा द्वारा आयोजित यह खेल स्पर्धा यह दर्शाती है कि शैक्षणिक संस्थान अब शिक्षा के साथ खेलों को भी समान महत्व दे रहे हैं। इस तरह के आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। खेल स्पर्धा ने यह भी साबित किया कि ग्रामीण और कृषि पृष्ठभूमि के छात्र भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। भविष्य में इस तरह के आयोजनों को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की आवश्यकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेल से संवारें भविष्य, स्वस्थ युवा ही सशक्त समाज की नींव
खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास का पाठ पढ़ाते हैं। कृषि महाविद्यालय गढ़वा की यह पहल छात्रों को पढ़ाई के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देती है। यदि युवा नियमित रूप से खेल गतिविधियों से जुड़ें, तो समाज अधिक सशक्त और सकारात्मक बन सकता है।
आप भी खेलों के महत्व को समझें और युवाओं को प्रोत्साहित करें। इस खबर पर अपनी राय कमेंट में साझा करें, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।





