
#लातेहार #जनसंवाद_पहल : मुखिया संघ अध्यक्ष सुभाष सिंह की अगुवाई में पंचायत प्रतिनिधियों का सशक्त संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा।
लातेहार जिले में 8 फरवरी 2026 को पंचायत प्रतिनिधियों और सांसद के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक भव्य जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की अगुवाई जिला मुखिया संघ अध्यक्ष सुभाष सिंह कर रहे हैं, जिसमें सभी पंचायतों के मुखिया सांसद कालीचरण सिंह के समक्ष जमीनी समस्याएं और विकास प्रस्ताव रखेंगे। इस पहल को पंचायत व्यवस्था और संसदीय लोकतंत्र के बीच सेतु के रूप में देखा जा रहा है। आयोजन से पंचायत स्तर की समस्याओं के समाधान को नई गति मिलने की उम्मीद है।
- 8 फरवरी 2026 को लातेहार में भव्य जनसंवाद कार्यक्रम।
- जिला मुखिया संघ अध्यक्ष सुभाष सिंह कर रहे हैं आयोजन की अगुवाई।
- सांसद कालीचरण सिंह के साथ पंचायत प्रतिनिधियों का सीधा संवाद।
- मिलन शुक्ला को कार्यक्रम संयोजक की जिम्मेदारी।
- स्वामी दिव्यज्ञान ने कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दी।
लातेहार जिले में प्रस्तावित यह जनसंवाद कार्यक्रम केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि पंचायत व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल के रूप में देखा जा रहा है। जिले भर के पंचायत प्रतिनिधियों में इसे लेकर खासा उत्साह है, क्योंकि पहली बार पंचायत स्तर की समस्याओं और विकास की जरूरतों को संगठित और सामूहिक रूप से सीधे सांसद के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है।
सुभाष सिंह की अगुवाई में संगठित पहल
इस जनसंवाद कार्यक्रम की अगुवाई मायापुर पंचायत के मुखिया एवं लातेहार जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष श्री सुभाष सिंह कर रहे हैं। वे स्वर्गीय नागेश्वर स्वामी (सरना धाम, मायापुर, गारु) के सुपुत्र हैं और पंचायत प्रतिनिधियों को एकजुट कर उन्हें प्रभावी मंच देने की दिशा में लगातार सक्रिय रहे हैं।
सुभाष सिंह की यह सोच कि पंचायत प्रतिनिधियों की आवाज़ को सामूहिक, सम्मानजनक और दस्तावेज़ी रूप में रखा जाए, उन्हें एक सशक्त संगठक और दूरदर्शी नेतृत्व के रूप में स्थापित करती है। उनके नेतृत्व में यह जनसंवाद कार्यक्रम पंचायत प्रतिनिधियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला माना जा रहा है।
सांसद कालीचरण सिंह को दिया गया संयुक्त आमंत्रण
इस पहल के तहत लातेहार जिले के मुखियाओं द्वारा सांसद श्री कालीचरण सिंह को संयुक्त रूप से पत्र के माध्यम से आमंत्रित किया गया। सांसद ने इस जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति देते हुए इस पहल की सराहना की है।
यह पहल इसलिए भी विशिष्ट मानी जा रही है क्योंकि झारखंड में अब तक पंचायत स्तर की समस्याओं, मांगों और विकास प्रस्तावों को एक साझा मंच पर लाकर सीधे संसद से जुड़े जनप्रतिनिधि के समक्ष रखने का ऐसा सुव्यवस्थित प्रयास कम ही देखने को मिला है।
पंचायत से संसद तक संवाद का सेतु
जनसंवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लातेहार जिले के सभी पंचायत मुखियाओं को एक ऐसा साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी समस्याएं, बुनियादी आवश्यकताएं और विकास से जुड़े प्रस्ताव सीधे सांसद के समक्ष रख सकें।
यह संवाद केवल शिकायतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं, नीतिगत सुझावों और प्रशासनिक समन्वय से जुड़े मुद्दों पर भी केंद्रित होगा। इससे पंचायत स्तर पर लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
मिलन शुक्ला निभा रहे हैं संयोजक की भूमिका
इस जनसंवाद कार्यक्रम के संयोजक के रूप में युवा नेता एवं समाजसेवी श्री मिलन शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे जिले के विभिन्न पंचायत प्रतिनिधियों से लगातार संपर्क में हैं और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समन्वय का कार्य कर रहे हैं।
उनकी सक्रिय भूमिका से कार्यक्रम की व्यवस्थाएं मजबूत हो रही हैं और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच आपसी संवाद भी बेहतर हो रहा है।
स्वामी दिव्यज्ञान की प्रेरणा और सहभागिता
यह जनसंवाद कार्यक्रम वरिष्ठ पत्रकार, संत एवं आध्यात्मिक गुरु स्वामी दिव्यज्ञान की प्रेरणा से जुड़ा माना जा रहा है। उन्हें पत्र के माध्यम से आमंत्रित करते हुए यह अनुरोध किया गया कि वे ऐसे जनहित से जुड़े विशिष्ट लोगों को इस आयोजन से जोड़ने का प्रयास करें, जिनकी उपस्थिति से क्षेत्र का व्यापक कल्याण हो सके।
स्वामी दिव्यज्ञान ने 8 फरवरी 2026 को कार्यक्रम में सम्मिलित होने की सहमति प्रदान की है, जिससे आयोजन को वैचारिक और सामाजिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जिले भर में तेज़ी से चल रही तैयारियां
जनसंवाद कार्यक्रम को लेकर पूरे लातेहार जिले में तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। पंचायत प्रतिनिधियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं और कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन समिति की औपचारिक घोषणा भी शीघ्र किए जाने की बात कही गई है।
मुखियाओं का मानना है कि इस कार्यक्रम से पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे, साथ ही विकास योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लागू करने में आने वाली बाधाओं को भी दूर किया जा सकेगा।
झारखंड के लिए मिसाल बन सकती है यह पहल
पंचायत स्तर की आवाज़ को संगठित, सशक्त और सम्मानजनक ढंग से जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने की यह पहल लातेहार से निकलकर पूरे झारखंड के लिए एक नई राह दिखाने वाली मानी जा रही है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो अन्य जिलों में भी इसी तरह के संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

न्यूज़ देखो: पंचायत और संसद के बीच मजबूत संवाद की शुरुआत
लातेहार का यह जनसंवाद कार्यक्रम दर्शाता है कि पंचायत प्रतिनिधि अब संगठित होकर अपनी बात रखने के लिए आगे आ रहे हैं। सुभाष सिंह की अगुवाई में यह पहल स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। सांसद की सहभागिता से समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का मार्ग खुलेगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस संवाद के निष्कर्षों पर कितनी तेजी से ठोस कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संगठित पंचायत ही सशक्त लोकतंत्र की नींव
जब पंचायत प्रतिनिधियों की आवाज़ एकजुट होकर सामने आती है, तभी वास्तविक बदलाव संभव होता है। लातेहार का यह जनसंवाद कार्यक्रम विकास, पारदर्शिता और सहभागिता की नई मिसाल बन सकता है।
अब जिम्मेदारी है कि इस मंच से उठी आवाज़ को ठोस निर्णयों में बदला जाए।
आप इस पहल को किस रूप में देखते हैं, अपनी राय जरूर साझा करें।
खबर को आगे बढ़ाएं ताकि पंचायतों की यह संगठित आवाज़ हर स्तर तक पहुंचे और लोकतंत्र और मजबूत बने।





