
#आनंदपुर #पूर्वी_सिंहभूम #स्वास्थ्य_मेला : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।
पूर्वी सिंहभूम जिले के आनंदपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला आयोजित किया गया। मेले का उद्घाटन जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान शिशु, माता, गर्भवती महिलाओं सहित विभिन्न रोगों की जांच और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य मेला का उद्देश्य ग्रामीणों को अंधविश्वास से दूर रखकर समय पर चिकित्सा सुविधा से जोड़ना रहा।
- आनंदपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्वास्थ्य मेला आयोजित।
- प्रमुख दिलवर खाखा और बीडीओ नाजिया अफरोज ने किया उद्घाटन।
- ढाई सौ से अधिक ग्रामीणों ने कराया पंजीकरण।
- शिशु, माता, गर्भवती, टीबी, कुष्ठ समेत कई जांच सुविधाएं उपलब्ध।
- चिकित्सा पदाधिकारी अनिल कुमार ने झाड़-फूंक से बचने की दी सलाह।
पूर्वी सिंहभूम जिले के आनंदपुर प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला आयोजित किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में लगे इस मेले में ग्रामीणों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। मेला न केवल जांच और उपचार का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास रहा।
फीता काटकर और दीप प्रज्वलन से हुआ उद्घाटन
स्वास्थ्य मेला का उद्घाटन प्रमुख दिलवर खाखा, प्रखंड विकास पदाधिकारी नाजिया अफरोज, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनिल कुमार सहित अन्य अतिथियों ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलन कर किया। उद्घाटन के दौरान अतिथियों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की सराहना की।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने ही प्रखंड में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो पाती है।
एक ही स्थान पर कई स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य मेले में विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग स्टाल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को एक ही स्थान पर कई प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं मिलीं।
- शिशु स्वास्थ्य जांच
- माता एवं गर्भवती महिलाओं की जांच
- कुष्ठ रोग जांच
- टीबी स्क्रीनिंग
- डेंटल जांच
- योग और आयुष परामर्श
- आयुष्मान कार्ड और आभा कार्ड निर्माण
इन स्टालों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई और पात्र लोगों का पंजीकरण किया गया।
ढाई सौ से अधिक ग्रामीणों ने कराया पंजीकरण
स्वास्थ्य मेला के दौरान करीब ढाई सौ ग्रामीणों ने पंजीकरण कर चिकित्सा सुविधा का लाभ लिया। इसके अलावा झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने भी स्वास्थ्य जांच कराई। छात्राओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को अभिभावकों और शिक्षकों ने सराहा।
झाड़-फूंक से बचने की अपील
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनिल कुमार ने ग्रामीणों से अपील की कि वे बीमारी की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में न पड़ें।
अनिल कुमार ने कहा:
“स्वास्थ्य मेला का उद्देश्य ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा के प्रति जागरूक करना है। यदि कोई भी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। झाड़-फूंक के कारण लोग समय गंवा देते हैं और गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि समय पर इलाज से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है और सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं इसके लिए पूरी तरह उपलब्ध हैं।
चिकित्सा टीम की सक्रिय भूमिका
स्वास्थ्य मेले को सफल बनाने में चिकित्सा टीम की अहम भूमिका रही। मौके पर डॉ नीरव दत्ता, डॉ दीपक सिंह मुंडा, डॉ चुड़नदेव महंता, डॉ हेमंत कुमार महतो, अनुज कुमार, शेखर उग्रसांडी सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मी मौजूद रहे।
इसके अलावा सहिया कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को पंजीकरण, जांच और परामर्श के दौरान सहयोग किया। सहियाओं ने महिलाओं और बुजुर्गों को स्टाल तक पहुंचाने में विशेष मदद की।
ग्रामीणों में दिखा जागरूकता का असर
स्वास्थ्य मेले में उमड़ी भीड़ यह दर्शाती है कि ग्रामीण अब धीरे-धीरे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं। कई ग्रामीणों ने पहली बार आयुष्मान और आभा कार्ड बनवाया, जिससे भविष्य में उन्हें मुफ्त या सस्ती चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे मेले नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए, ताकि दूर-दराज के लोगों को भी समय पर जांच और परामर्श मिल सके।

न्यूज़ देखो: स्वास्थ्य मेला बना जागरूकता का माध्यम
आनंदपुर का स्वास्थ्य मेला यह दिखाता है कि सही प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति सोच बदली जा सकती है। झाड़-फूंक जैसी परंपराओं से हटकर वैज्ञानिक चिकित्सा की ओर बढ़ना समय की मांग है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की यह पहल सराहनीय है, लेकिन इसकी निरंतरता जरूरी है। अब सवाल यह है कि ऐसे मेले कितनी नियमितता से आयोजित होंगे और इनके बाद फॉलोअप कितना मजबूत रहेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ गांव ही मजबूत समाज की नींव
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही किसी समाज की असली ताकत होती है। आनंदपुर में आयोजित यह मेला ग्रामीणों को समय पर इलाज और सही जानकारी की दिशा में प्रेरित करता है।
जरूरत है कि हर व्यक्ति अंधविश्वास छोड़कर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाए।
आपके क्षेत्र में ऐसे स्वास्थ्य मेले कितने कारगर हैं, अपनी राय जरूर साझा करें। इस खबर को आगे बढ़ाएं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो सकें और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ा सकें।
