
#गढ़वा #बजट_प्रतिक्रिया : छोटे शहरों, शिक्षा, स्वास्थ्य और हरित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला दूरदर्शी बजट।
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को लेकर गढ़वा में सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध वर्ग की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जायंट्स वेलफेयर फाउंडेशन गढ़वा के पूर्व अध्यक्ष एवं गढ़वा रेडक्रास सोसाइटी के वाइस चेयरमैन विनोद कमलापुरी ने बजट को दीर्घकालिक विकास की मजबूत आधारशिला बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था को संतुलित रूप से सशक्त करने वाला है। इसे नए भारत की दिशा में निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
- मध्यम और छोटे शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने पर जोर।
- हर जिले में महिला छात्रावास निर्माण का प्रस्ताव।
- सात नए हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर और तीन नए एम्स की घोषणा।
- आयुर्वेदिक कॉलेज, नए जल मार्ग और हरित ऊर्जा को बढ़ावा।
- जीवन रक्षक दवाएं, इलेक्ट्रिक व्हीकल और सोलर बैटरी सस्ती होंगी।
- शराब और सिगरेट जैसे व्यसन उत्पाद महंगे होंगे।
देश के आर्थिक भविष्य को लेकर प्रस्तुत इस बजट पर गढ़वा जिले में भी सकारात्मक चर्चा देखने को मिल रही है। सामाजिक कार्यों से जुड़े विनोद कमलापुरी ने इसे दीर्घकालिक विकासोन्मुख बताते हुए कहा कि यह बजट केवल वर्तमान आवश्यकताओं को नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उनके अनुसार यह बजट भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक संतुलन बनाने की दिशा में भी अहम है।
छोटे और मध्यम शहरों पर विशेष फोकस
विनोद कमलापुरी ने कहा कि इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता मध्यम एवं छोटे शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। अब तक विकास का बड़ा हिस्सा महानगरों तक सीमित रहा, लेकिन इस बजट में कस्बों और जिला मुख्यालयों को विकास की मुख्यधारा में लाने की स्पष्ट सोच दिखाई देती है। इससे स्थानीय व्यापार, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं के लिए बड़ा कदम
उन्होंने बजट में हर जिले में उच्च शिक्षा के लिए महिला छात्रावास बनाए जाने के प्रस्ताव को ऐतिहासिक बताया। उनका कहना है कि इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं को सुरक्षित और सुलभ शिक्षा का अवसर मिलेगा। यह पहल महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक समानता को भी मजबूत करेगी।
स्वास्थ्य और रेल कनेक्टिविटी को नई गति
बजट में सात नए हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर और तीन नए एम्स की घोषणा को विनोद कमलापुरी ने देश के बुनियादी ढांचे के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं नए एम्स बनने से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और आम लोगों को बेहतर इलाज सुलभ हो सकेगा।
आयुर्वेद, जल मार्ग और हरित ऊर्जा पर जोर
विनोद कमलापुरी ने बताया कि बजट में आयुर्वेदिक कॉलेजों के निर्माण और 14 नए जल मार्ग बनाए जाने का प्रस्ताव भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था को सशक्त करेगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर बैटरी और जीवन रक्षक 17 प्रकार की दवाओं के सस्ते होने से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
सामाजिक संतुलन की दिशा में संकेत
बजट में शराब और सिगरेट जैसे व्यसन उत्पादों को महंगा करने के निर्णय को विनोद कमलापुरी ने सामाजिक दृष्टि से आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि इससे नशे की प्रवृत्ति पर नियंत्रण लगेगा और समाज को स्वस्थ दिशा मिलेगी।
विदेश शिक्षा और आर्थिक राहत
उन्होंने विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए टीडीएस को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने के निर्णय को भी सराहा। उनका कहना है कि इससे उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले छात्रों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
नए भारत की झलक
विनोद कमलापुरी के अनुसार यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक सुधार—सभी पहलुओं को संतुलित रूप से समेटे हुए है। यही कारण है कि इसे नए भारत का बजट कहा जा रहा है। यदि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हुआ, तो इसका सकारात्मक असर गांव से लेकर शहर तक देखने को मिलेगा।
न्यूज़ देखो: दीर्घकालिक सोच का दस्तावेज
बजट पर आई यह प्रतिक्रिया बताती है कि समाज के विभिन्न वर्ग इसे भविष्य की तैयारी के रूप में देख रहे हैं। अब असली कसौटी इसके प्रभावी क्रियान्वयन की होगी। क्या यह बजट वाकई छोटे शहरों और आम नागरिकों की जिंदगी बदलेगा, इस पर नजर बनी रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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