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फोन से शुरू हुई मोहब्बत मंदिर में हुई मुकम्मल, गांवा के पसनौर गांव में चर्चा का विषय बनी अनोखी शादी

#गिरिडीह #प्रेम_विवाह : फोन पर शुरू हुई दोस्ती ने महेश्वरनाथ धाम में लिया सात फेरों का रूप।

गिरिडीह जिले के गांवा प्रखंड अंतर्गत पसनौर गांव के एक युवक और धनबाद की युवती की प्रेम कहानी ने विवाह का रूप ले लिया है। दोनों की पहचान और बातचीत फोन के माध्यम से शुरू हुई थी, जो समय के साथ गहरे विश्वास और प्रेम में बदल गई। आपसी सहमति के बाद दोनों ने महेश्वरनाथ धाम मंदिर में विधि-विधान से विवाह कर अपने रिश्ते को सामाजिक मान्यता दी। यह विवाह सादगी, विश्वास और आधुनिक दौर की प्रेम कहानी का उदाहरण बन गया है।

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  • गांवा प्रखंड के पसनौर गांव के युवक और धनबाद की युवती का विवाह।
  • फोन पर बातचीत से शुरू हुई प्रेम कहानी का सुखद अंत।
  • महेश्वरनाथ धाम मंदिर में पूरे विधि-विधान से संपन्न हुआ विवाह।
  • दोनों ने आपसी सहमति और विश्वास के साथ लिया शादी का निर्णय।
  • क्षेत्र में विवाह को लेकर चर्चा और सकारात्मक प्रतिक्रिया

गिरिडीह जिले के गांवा प्रखंड अंतर्गत पसनौर गांव में इन दिनों एक अनोखी लेकिन प्रेरक प्रेम कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के एक युवक और धनबाद जिले की एक युवती की मुलाकात भले ही प्रत्यक्ष रूप से नहीं हुई हो, लेकिन फोन पर हुई बातचीत ने दोनों के दिलों को जोड़ दिया। समय के साथ यह बातचीत भरोसे, समझ और प्रेम में बदलती चली गई।

धीरे-धीरे दोनों ने एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझा और अपने भविष्य को साथ बिताने का निर्णय लिया। सामाजिक सहमति और पारिवारिक जानकारी के बाद दोनों ने विवाह का रास्ता चुना, जिससे उनका रिश्ता सिर्फ प्रेम तक सीमित न रहकर जीवन भर के साथ में बदल गया।

फोन से शुरू हुआ रिश्ता, विश्वास में बदली बातचीत

जानकारी के अनुसार, पसनौर गांव के युवक और धनबाद की युवती के बीच बातचीत मोबाइल फोन के जरिए शुरू हुई थी। शुरुआती संवाद सामान्य परिचय तक सीमित था, लेकिन लगातार संपर्क में रहने से दोनों के विचार, सोच और जीवन के लक्ष्य एक-दूसरे से मेल खाने लगे। इस दौरान दोनों ने न केवल अपने सुख-दुख साझा किए, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों पर भी एक-दूसरे की राय को महत्व दिया।

समय के साथ दोनों के बीच विश्वास इतना गहरा हो गया कि उन्होंने अपने रिश्ते को स्थायी रूप देने का मन बना लिया। दोनों का मानना था कि सच्चा रिश्ता दूरी या माध्यम का मोहताज नहीं होता, बल्कि आपसी समझ और ईमानदारी से मजबूत होता है।

महेश्वरनाथ धाम में विधि-विधान से विवाह

अपने प्रेम को सामाजिक और धार्मिक मान्यता देने के लिए दोनों ने महेश्वरनाथ धाम मंदिर को विवाह स्थल के रूप में चुना। मंदिर परिसर में सादगीपूर्ण माहौल में पूरे विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न हुआ। दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर सात फेरे लिए और सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया।

मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने इस विवाह को देखा और नवदंपती को आशीर्वाद दिया। यह विवाह बिना तामझाम के, लेकिन भावनाओं और विश्वास से भरा हुआ था, जिसने कई लोगों को प्रभावित किया।

गांव और क्षेत्र में बनी चर्चा का विषय

पसनौर गांव में यह विवाह चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि आधुनिक दौर में जहां रिश्ते अक्सर दिखावे और भौतिकता पर टिके होते हैं, वहीं यह विवाह सच्चे प्रेम और विश्वास का उदाहरण है। फोन जैसे साधन से शुरू हुआ रिश्ता विवाह तक पहुंचा, यह युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है।

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स्थानीय लोगों ने बताया कि युवक अपने गांव में सामान्य परिवार से है, जबकि युवती धनबाद जिले से है। बावजूद इसके, दोनों ने सामाजिक दूरी और भौगोलिक अंतर को अपने रिश्ते की बाधा नहीं बनने दिया।

सामाजिक सोच में बदलाव का संकेत

यह विवाह समाज में बदलती सोच को भी दर्शाता है। अब युवा अपने जीवन साथी का चयन समझदारी, संवाद और आपसी सहमति से कर रहे हैं। इस तरह के विवाह यह संकेत देते हैं कि सही संवाद और ईमानदार रिश्ते किसी भी माध्यम से शुरू होकर मजबूत बन सकते हैं।

ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रेम सच्चा हो और निर्णय सोच-समझकर लिया जाए, तो समाज भी धीरे-धीरे उसे स्वीकार करता है। इस विवाह को लेकर किसी तरह का विरोध नहीं देखा गया, बल्कि लोगों ने इसे सहजता से अपनाया।

सादगी में छुपी खुशी

महेश्वरनाथ धाम में हुआ यह विवाह भले ही सादगीपूर्ण था, लेकिन इसमें खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। नवदंपती ने किसी दिखावे के बजाय अपने रिश्ते को प्राथमिकता दी। उनका कहना है कि जीवन की असली खुशी साथ निभाने के संकल्प में होती है, न कि बड़े आयोजन में।

यह प्रेम कहानी अब एक नए जीवन की शुरुआत बन चुकी है, जो आने वाले समय में कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

न्यूज़ देखो: बदलते दौर में रिश्तों की नई परिभाषा

यह खबर बताती है कि आज के दौर में रिश्ते संवाद और विश्वास की नींव पर टिके हैं। फोन जैसे साधन ने दूरी को खत्म कर दिया है और सही सोच के साथ लिया गया निर्णय समाज में भी स्वीकार्य हो सकता है। यह विवाह सामाजिक बदलाव और सकारात्मक सोच का संकेत है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सच्चे रिश्तों की ताकत को पहचानें

विश्वास, संवाद और समझ से बने रिश्ते हमेशा मजबूत होते हैं।
यह कहानी बताती है कि प्रेम सही दिशा में हो तो समाज भी साथ देता है।
आप भी रिश्तों में ईमानदारी और सम्मान को प्राथमिकता दें।
इस प्रेरक खबर पर अपनी राय कमेंट करें, इसे साझा करें और सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाएं।

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Surendra Verma

डुमरी, गिरिडीह

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