
#पलामू #साइबर_अपराध : पीड़ित ने लिखित शिकायत देकर ठगी गिरोह पर कार्रवाई की मांग की।
पलामू जिले के मेदिनीनगर स्थित साइबर थाना में संगठित साइबर ठगी और बैंक खाते से अवैध हेराफेरी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। हुसैनाबाद के हैदरनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बहेरा निवासी सुरेश प्रसाद सिंह ने अपने खाते से अवैध निकासी का आरोप लगाते हुए ठगी गिरोह के खिलाफ विस्तृत लिखित आवेदन दिया है। शिकायत में लेनदेन के प्रमाण और ट्रांजैक्शन विवरण भी पुलिस को सौंपे गए हैं। पीड़ित ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और ठगी की गई राशि वापस दिलाने की मांग की है।
- पीड़ित सुरेश प्रसाद सिंह ने साइबर थाना में दिया लिखित आवेदन।
- बैंक खाते से अवैध राशि निकासी का आरोप।
- रकम दिनेश राम के खाते में भेजे जाने की जानकारी।
- रौशन कुमार द्वारा लेनदेन करने की स्वीकारोक्ति।
- गिरोह की मुख्य संचालक अनिता कुमारी बताई गई।
- गूगल पे ट्रांजैक्शन के सभी प्रमाण पुलिस को उपलब्ध कराए गए।
पलामू जिले के साइबर थाना में एक बार फिर संगठित साइबर अपराध से जुड़ा बड़ा मामला उजागर हुआ है। पीड़ित सुरेश प्रसाद सिंह, ग्राम बहेरा, थाना हैदरनगर निवासी ने पुलिस को दिए गए अपने आवेदन में बताया है कि उनके बैंक खाते से अवैध रूप से राशि की हेराफेरी की गई है। इस संबंध में उन्होंने पहले भी 19 फरवरी 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद साइबर थाना द्वारा उन्हें पत्राचार के माध्यम से सूचना भी दी गई थी।
पहले से दर्ज थी शिकायत
पीड़ित के अनुसार, उनके खाते से अवैध निकासी की घटना कई माह पूर्व हुई थी। प्रारंभिक शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने मामले में संज्ञान लिया और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। लेकिन राशि की वापसी नहीं होने के कारण उन्होंने अपने स्तर से जांच-पड़ताल जारी रखी।
निजी जांच में हुआ खुलासा
आवेदन में कहा गया है कि पीड़ित को अपनी निजी जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि ठगी की गई राशि दिनेश राम नामक व्यक्ति के खाते में भेजी गई थी। इस सूचना के आधार पर जब संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया गया तो पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं।
रकम भेजने की स्वीकारोक्ति
पूछताछ के क्रम में दिनेश राम ने यह स्वीकार किया कि उसके खाते में आई राशि उसके भगीने रौशन कुमार, ग्राम अधौरा, थाना मोहम्मदगंज निवासी द्वारा भेजी गई थी। इसके बाद पीड़ित ने सीधे रौशन कुमार से संपर्क किया। आरोप है कि रौशन ने भी लेनदेन की बात स्वीकार की।
धमकी देने का गंभीर आरोप
पीड़ित सुरेश प्रसाद सिंह का कहना है कि संपर्क करने पर रौशन कुमार ने उन्हें धमकी दी। उसने कहा कि यदि मामले को ज्यादा उछाला गया तो पैसा वापस नहीं मिलेगा और उन्हें झूठे हरिजन एक्ट के मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। इस कथित धमकी के बाद पीड़ित परिवार भयभीत हो गया और उन्होंने पुलिस से सुरक्षा एवं न्याय की गुहार लगाई।
मुख्य संचालक के रूप में महिला का नाम
इस पूरे प्रकरण में अनिता कुमारी नामक महिला को ठगी गिरोह की मुख्य संचालक बताया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अनिता कुमारी सरकारी अनुमंडलीय अस्पताल में अनुबंध पर कार्यरत है और साथ-साथ साइबर ठगी का संगठित गिरोह संचालित कर रही है।
अन्य स्थानों पर खाते संचालन का आरोप
आवेदन में यह भी कहा गया है कि इस गिरोह द्वारा रांची और फरीदाबाद जैसे शहरों में भी अलग-अलग खाते संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से अवैध लेनदेन और ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। पुलिस से इन सभी खातों, मोबाइल नंबरों और संलिप्त लोगों की गहन तकनीकी जांच करने की मांग की गई है।
डिजिटल लेनदेन के प्रमाण सौंपे
पीड़ित ने अपने आवेदन के साथ गूगल पे के माध्यम से हुए लेनदेन की पूरी जानकारी साइबर थाना को उपलब्ध कराई है। इसमें सभी ट्रांजैक्शन नंबर, तिथियां, समय और रकम का विवरण शामिल है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन प्रमाणों के आधार पर दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पलामू द्वारा जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार संबंधित खातों, यूपीआई ट्रांजैक्शन और आरोपियों के मोबाइल नंबरों की तकनीकी पड़ताल की जा रही है। जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
बढ़ते साइबर अपराध पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पलामू जिले में बढ़ते साइबर अपराध के खतरे को उजागर कर दिया है। गरीब और सामान्य पृष्ठभूमि के लोग लगातार ऐसे अपराधियों के निशाने पर आ रहे हैं। पीड़ित ने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस गिरोह का पूरी तरह पर्दाफाश कर भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जाए।
क्या चाहते हैं पीड़ित
पीड़ित सुरेश प्रसाद सिंह ने अपने आवेदन में प्रमुख रूप से तीन मांगें रखी हैं। पहली, पूरे ठगी गिरोह की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए। दूसरी, सभी संलिप्त अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। तीसरी, उनके खाते से हड़पी गई राशि कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस दिलाई जाए।
जनहित में अपील
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल लेनदेन के इस दौर में सावधानी बेहद जरूरी है। पुलिस भी लगातार लोगों को जागरूक करती रही है, लेकिन संगठित गिरोह नए-नए तरीकों से ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
मामले में नामजद लोग
शिकायत में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनमें पीड़ित सुरेश प्रसाद सिंह, संदिग्ध खाता धारक दिनेश राम, कथित लेनदेनकर्ता रौशन कुमार तथा गिरोह की मुख्य संचालक बताई जा रही अनिता कुमारी प्रमुख हैं। इनके अलावा अन्य अज्ञात लोगों के भी शामिल होने की आशंका जताई गई है।
न्यूज़ देखो: संगठित साइबर अपराध पर सख्त कार्रवाई जरूरी
यह मामला बताता है कि साइबर ठगी अब व्यक्तिगत घटना न होकर एक संगठित अपराध का रूप ले चुकी है। पुलिस को डिजिटल प्रमाणों के आधार पर तेज और प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। क्या अस्पताल में कार्यरत लोगों की भूमिका की भी जांच होगी, यह बड़ा सवाल है। प्रशासनिक सतर्कता और तकनीकी निगरानी से ही ऐसे गिरोह पर अंकुश लगाया जा सकता है।
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सावधान रहें सजग रहें, डिजिटल सुरक्षा अपनाएं
साइबर अपराध के इस दौर में बैंकिंग लेनदेन को लेकर पूरी सावधानी बरतें।
किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या यूपीआई रिक्वेस्ट पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें।
यदि आपके साथ ठगी हो तो बिना देरी किए साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।
ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों का साथ देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
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