
#गिरिडीह #बगोदर #पंचायत_चोरी : पंचायत सचिवालय को निशाना बनाकर चोरों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल।
बगोदर प्रखंड के देवराडीह पंचायत सचिवालय में बीती रात अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोर CCTV कैमरे, NVR मशीन और दो LED टीवी चोरी कर ले गए, जिसकी कीमत करीब एक लाख रुपये आंकी गई है। सुबह कर्मचारियों के पहुंचने पर घटना सामने आई। मामले को लेकर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
- देवराडीह पंचायत सचिवालय में बीती रात चोरी की बड़ी घटना।
- ताला तोड़कर CCTV कैमरे, NVR मशीन और दो LED टीवी चोरी।
- चोरी गई संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपये।
- पंचायत सचिव खुशबु कुमारी ने बगोदर थाना में दिया लिखित आवेदन।
- पुलिस जांच में जुटी, आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ शुरू।
बगोदर प्रखंड अंतर्गत देवराडीह पंचायत सचिवालय में हुई चोरी की घटना ने स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों दोनों को चौंका दिया है। पंचायत स्तर पर संचालित इस महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए चोरों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया। घटना की जानकारी तब हुई जब सुबह पंचायतकर्मी कार्यालय खोलने पहुंचे और अंदर का नजारा देखकर सन्न रह गए। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
कैसे सामने आई चोरी की वारदात
जानकारी के अनुसार, देवराडीह पंचायत सचिवालय रोज की तरह रात में बंद किया गया था। सुबह जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर प्रवेश करने पर पता चला कि कार्यालय में लगे CCTV कैमरे, रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली NVR मशीन और दो LED टीवी गायब हैं। कार्यालय में अन्य कागजात सुरक्षित पाए गए, जिससे स्पष्ट है कि चोरों का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ही था।
सुरक्षा व्यवस्था को बनाया गया पहला निशाना
इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि चोरों ने सबसे पहले CCTV और रिकॉर्डिंग सिस्टम को ही चोरी किया। पंचायत सचिव खुशबु कुमारी द्वारा दिए गए लिखित आवेदन में भी इसका उल्लेख किया गया है। उनका कहना है कि सुरक्षा उपकरणों को हटाने से यह आशंका बढ़ जाती है कि चोरों ने सोच-समझकर सबूत मिटाने की कोशिश की है, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
पुलिस जांच और प्रारंभिक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही बगोदर थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सचिवालय का निरीक्षण किया और आसपास के इलाकों में पूछताछ शुरू की। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी रात के किस पहर हुई और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं। साथ ही आसपास के अन्य सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों की भी जांच की जा रही है, ताकि कोई सुराग मिल सके।
पंचायत स्तर पर बढ़ती चिंता
देवराडीह पंचायत सचिवालय में हुई चोरी से स्थानीय ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि पंचायत जैसे सार्वजनिक और सरकारी संस्थान सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की संपत्ति की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत कार्यालयों में मजबूत ताले, अलार्म सिस्टम और अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना केवल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि पंचायत और प्रखंड स्तर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। पंचायत सचिवालय में महत्वपूर्ण दस्तावेज, सरकारी उपकरण और योजनाओं से जुड़ी जानकारियां रहती हैं। ऐसे में चोरी की घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या मौजूदा सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त हैं या उन्हें और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
न्यूज़ देखो: पंचायत कार्यालयों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
देवराडीह पंचायत सचिवालय में हुई चोरी यह दर्शाती है कि स्थानीय स्तर पर सरकारी संस्थानों की सुरक्षा अभी भी कमजोर है। CCTV सिस्टम का ही चोरी हो जाना जांच प्रक्रिया को चुनौतीपूर्ण बना देता है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ भविष्य के लिए ठोस सुरक्षा नीति बनाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्क पंचायत, सुरक्षित समाज की ओर एक कदम
पंचायत स्तर पर होने वाली ऐसी घटनाएं पूरे समाज को प्रभावित करती हैं। जरूरी है कि प्रशासन, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मिलकर सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
यदि आपके क्षेत्र में भी सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं हैं, तो आवाज उठाना आपकी जिम्मेदारी है।
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