News dekho specials
Lohardaga

लोहरदगा में बड़ा रेल हादसा टला, क्षतिग्रस्त पुल से गुजर गईं राजधानी और सासाराम एक्सप्रेस, रेलवे ने रोका परिचालन

#लोहरदगा #रेल_सुरक्षा : क्षतिग्रस्त पुल पर ट्रेनों का संचालन बना खतरा—समय रहते टला बड़ा हादसा।

लोहरदगा जिले में रविवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया, जब कोयल नदी पर बने क्षतिग्रस्त रेलवे पुल से राजधानी एक्सप्रेस, सासाराम एक्सप्रेस और लोहरदगा–रांची मेमू पैसेंजर गुजर गईं। पुल के दो पिलरों में दरार होने के बावजूद ट्रेनों का संचालन जारी रहा, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। बाद में रेलवे इंजीनियरिंग टीम की जांच में खतरे की पुष्टि होने पर ट्रेन परिचालन तत्काल रोक दिया गया। इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • कोयल नदी पर स्थित रेलवे पुल संख्या 115 के पिलरों में पाई गई दरार।
  • क्षतिग्रस्त पुल से राजधानी एक्सप्रेस, सासाराम एक्सप्रेस और मेमू पैसेंजर गुजरीं।
  • निरीक्षण के बाद सुबह 10:10 बजे ट्रेनों के परिचालन पर लगी रोक।
  • लोहरदगा स्टेशन से सभी ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से बंद।
  • कई ट्रेनों के रूट बदले गए, कुछ को किया गया रद्द।

लोहरदगा जिले में रविवार को रेलवे सुरक्षा से जुड़ी एक बेहद गंभीर घटना सामने आई। लोहरदगा–रांची–टोरी रेल लाइन पर कोयल नदी पर बने रेलवे पुल संख्या 115 से कई महत्वपूर्ण ट्रेनें गुजर गईं, जबकि पुल के पिलरों में पहले से ही दरारें मौजूद थीं। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई दुर्घटना नहीं हुई, अन्यथा बड़ा जनहानि का खतरा था।

कोयल नदी पुल पर पहले से चल रही थी मरम्मत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेलवे पुल संख्या 115 के पिलर संख्या 5 में पहले से आंशिक दरार थी और उसकी मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसके बावजूद रेलवे द्वारा इस पुल से ट्रेनों का संचालन जारी रखा गया। इसी दौरान पिलर संख्या 4 में भी दरार आ गई, जिससे पुल की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

राजधानी और सासाराम एक्सप्रेस गुजरने के बाद हरकत में आया रेलवे

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रविवार को इस क्षतिग्रस्त पुल से राजधानी एक्सप्रेस, रांची–सासाराम एक्सप्रेस और लोहरदगा–रांची मेमू पैसेंजर को गुजारा गया। राजधानी एक्सप्रेस सुबह 8:18 बजे लोहरदगा स्टेशन पहुंची और 8:22 बजे रांची के लिए रवाना हुई। इसके बाद 9:21 बजे सासाराम एक्सप्रेस भी इसी पुल से होकर गुजरी। इन ट्रेनों के गुजरने के बाद जब इंजीनियरिंग स्टाफ ने पुल का पुनः निरीक्षण किया, तब पिलरों में दरारें गंभीर रूप से सामने आईं।

सुबह 10:10 बजे ट्रेनों पर लगी रोक

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे ने सुबह 10:10 बजे पुल से होकर गुजरने वाली सभी ट्रेनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगा दी। अचानक ट्रेनों के रोके जाने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री मजबूरी में रेलवे ट्रैक पार कर पैदल ही अपने घरों या गंतव्य की ओर जाते देखे गए।

लोहरदगा स्टेशन से रेल सेवा पूरी तरह ठप

घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने एहतियातन लोहरदगा स्टेशन से सभी ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इससे लोहरदगा की रेल सेवा पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे आम यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कई ट्रेनों के रूट बदले, कई रद्द

रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के अनुसार—

  • राजधानी एक्सप्रेस को लोहरदगा के बजाय मेसरा–बरकाकाना–टोरी मार्ग से चलाया जाएगा।
  • रांची–सासाराम एक्सप्रेस को 5 से 7 जनवरी तक रद्द कर दिया गया है।
  • सासाराम–रांची एक्सप्रेस 6 से 8 जनवरी तक कैंसिल रहेगी।
  • लोहरदगा–रांची मेमू पैसेंजर को नगजुआ स्टेशन तक सीमित कर दिया गया है।

रेलवे की लापरवाही पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने रेलवे की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पुल के एक पिलर में पहले से दरार थी और मरम्मत कार्य चल रहा था, तब ट्रेनों का संचालन क्यों जारी रखा गया—यह सवाल अब यात्रियों और आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

News dekho specials

रेलवे अधिकारियों का बयान

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि पिलर संख्या 4 और 5 में दरारें मिलने के बाद सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिचालन रोका गया है। अधिकारियों के अनुसार, मरम्मत कार्य पूरा होने और पुल की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही ट्रेन सेवाएं पुनः बहाल की जाएंगी।

न्यूज़ देखो: रेल सुरक्षा में चूक या सिस्टम की विफलता

लोहरदगा की यह घटना बताती है कि रेलवे सुरक्षा में छोटी लापरवाही भी कितनी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकती है। सवाल यह है कि क्या समय रहते जांच होती, तो यात्रियों की जान जोखिम में पड़ती ही नहीं। रेलवे को चाहिए कि वह केवल घटना के बाद नहीं, बल्कि पहले ही सख्त निगरानी और पारदर्शी जांच प्रक्रिया अपनाए। जिम्मेदारी तय होगी या नहीं—यह देखना अहम होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सतर्कता ही सुरक्षा की पहली शर्त

यात्रियों की जान किसी भी व्यवस्था से बड़ी नहीं हो सकती।
रेलवे जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन तंत्र में लापरवाही की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
समय रहते लिया गया निर्णय कई जिंदगियां बचा सकता है।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 4 / 5. कुल वोट: 1

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Yashwant Kumar

हुसैनाबाद, पलामू
Back to top button
error: