News dekho specials
Simdega

बानो में विराट हिन्दू महा सम्मेलन का आयोजन, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ सांस्कृतिक एकता पर दिया गया जोर

#बानो #हिन्दूमहासम्मेलन : मॉडल डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित सम्मेलन में अतिथियों का सम्मान, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता पर वक्ताओं ने रखे विचार

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड मुख्यालय स्थित मॉडल डिग्री कॉलेज के समीप मैदान में विराट हिन्दू महा सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम से हुई और अतिथियों का चंदन तिलक व अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया। सम्मेलन में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरूकता और संगठन पर विशेष जोर दिया गया।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • बानो प्रखंड मुख्यालय के मॉडल डिग्री कॉलेज मैदान में विराट हिन्दू महा सम्मेलन आयोजित।
  • कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम के साथ एवं अतिथियों का चंदन तिलक से स्वागत।
  • मुख्य अतिथि प्रदेश महामंत्री सकल देव चौरसिया ने सामाजिक एकता और सजगता पर दिया जोर।
  • विभिन्न वक्ताओं ने संस्कृति, शिक्षा और समाज में संगठन की आवश्यकता पर रखे विचार।
  • सम्मेलन का समापन सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ।
  • आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय समाजसेवियों व ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान।

सिमडेगा। बानो प्रखंड मुख्यालय स्थित मॉडल डिग्री कॉलेज के समीप मैदान में विराट हिन्दू महा सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रभक्ति के प्रतीक वंदे मातरम के साथ की गई। इस दौरान आमंत्रित अतिथियों का पारंपरिक रूप से चंदन तिलक लगाकर तथा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रंग में रंग गया।

सम्मेलन में उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और पारिवारिक मूल्यों पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम में लोगों की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक जनसमागम का रूप दे दिया।

मुख्य अतिथि ने सामाजिक सजगता और संगठन पर दिया जोर

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वयंसेवक के प्रदेश महामंत्री सकल देव चौरसिया ने अपने संबोधन में कहा कि देश की आजादी में क्रांतिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और समाज को अपने इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से सजग और संगठित रहने का आह्वान किया, ताकि समाज में एकता और सद्भाव बना रहे।
उन्होंने परिवारों से आग्रह किया कि वे अपने घरों में धार्मिक प्रतीकों एवं सांस्कृतिक परंपराओं को स्थान दें और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, राम और हनुमान जैसे आदर्श पात्रों के बारे में जानकारी दें।

शताब्दी वर्ष और राष्ट्र समर्पण पर रखे गए विचार

वाणी कुमार रॉय ने अपने संबोधन में कहा कि भारत हमारी मातृभूमि और देवभूमि है, जिसके प्रति समर्पण हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट होकर देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में कार्य करना चाहिए।

सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के संरक्षण पर जोर

पूर्व विधायक कोचे मुंडा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान विश्व स्तर पर मजबूत हुई है और देश के गौरव से जुड़े कई ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का महत्व बढ़ा है। उन्होंने सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को समाज की जिम्मेदारी बताया।
वहीं विश्वनाथ बड़ाईक ने कहा कि समाज को अपने अधिकारों और मूल्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए तथा एकजुट होकर सामाजिक समरसता बनाए रखनी चाहिए।

संजय वर्मा ने समाज में जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार को अपनी परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना चाहिए।

भक्ति और सामूहिक सहभागिता के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ सहभागिता की।
मंच संचालन रूपेश बड़ाईक एवं शिवशरण सिंह द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कामेश्वर सिंह ने प्रस्तुत किया।

News dekho specials

कार्यक्रम को सफल बनाने में बालमुकुंद सिंह, फिरू बड़ाईक, बालेश्वर नाग, राजन साहू, अनूप साहू, रामचंद्र बड़ाईक, सीता देवी, लोदो सिंह, रूपेश सिंह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों का सराहनीय सहयोग रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सफल बनाया।

न्यूज़ देखो: सांस्कृतिक आयोजनों से सामाजिक एकता को मिलती है मजबूती

बानो में आयोजित विराट हिन्दू महा सम्मेलन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का भी प्रतीक बना। ऐसे आयोजन समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ सामूहिक संवाद का मंच प्रदान करते हैं। स्थानीय स्तर पर बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि लोग सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकजुटता के प्रति सजग हो रहे हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संस्कृति, एकता और जागरूकता से ही मजबूत बनेगा समाज

समाज की शक्ति उसकी एकता और जागरूकता में निहित होती है।
सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और इतिहास से जोड़ना समय की मांग है।
ऐसे कार्यक्रम सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।

आप भी सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता से जुड़े आयोजनों में भाग लें।
इस खबर को अधिक से अधिक शेयर करें और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 4 / 5. कुल वोट: 1

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Shivnandan Baraik

बानो, सिमडेगा

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: