औरापाट गांव में उम्मीद की नई फसल, मशरूम परियोजना से बदलेगा PVTG परिवारों का भविष्य

औरापाट गांव में उम्मीद की नई फसल, मशरूम परियोजना से बदलेगा PVTG परिवारों का भविष्य

author Aditya Kumar
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आकांक्षी प्रखंड डुमरी का औरापाट मॉडल गांव अब आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। सीमित संसाधनों और अनिश्चित आय से जूझ रहे PVTG समुदाय के परिवारों के जीवन में मशरूम आजीविका परियोजना ने नई उम्मीद जगाई है। परियोजना के तहत अब मशरूम इकाइयों में फलन शुरू हो चुका है, जिससे ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा है।

[nd_highlights]

  • औरापाट गांव में मशरूम आजीविका परियोजना का सफल फलन
  • 45 PVTG परिवारों में शुरू हुआ ऑयस्टर मशरूम उत्पादन
  • एजेंसी द्वारा तैयार मशरूम का बाय-बैक सुनिश्चित
  • कम लागत में स्थायी आय का सशक्त मॉडल

[nd_detail]
उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के मार्गदर्शन में संचालित “औरापाट मशरूम आजीविका परियोजना” के अंतर्गत अब ऑयस्टर मशरूम का उत्पादन शुरू हो गया है। जिन परिवारों को मशरूम किट एवं प्रशिक्षण दिया गया था, उनकी इकाइयों में सफल फलन देखने को मिल रहा है। इससे ग्रामीणों में न केवल आर्थिक संबल की उम्मीद जगी है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का भरोसा भी बढ़ा है।

[nd_scheme]
योजना के अंतर्गत डुमरी प्रखंड के कुल 500 PVTG एवं जनजातीय परिवारों को चरणबद्ध रूप से मशरूम खेती से जोड़ा जा रहा है। प्रथम चरण में औरापाट गांव के 45 PVTG परिवारों को मशरूम किट प्रदान की गई और ऑयस्टर मशरूम उत्पादन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि सीमित स्थान और कम लागत में भी मशरूम खेती से सम्मानजनक आय अर्जित की जा सकती है।

[nd_implementation]
इस परियोजना का क्रियान्वयन जिला योजना शाखा द्वारा APP Aggregate खूँटी के सहयोग से किया जा रहा है। एक वर्षीय इस योजना के तहत लाभुकों को ऑयस्टर एवं बटन मशरूम की खेती के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक टूल किट उपलब्ध कराई जा रही है।

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इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि क्षमता निर्माण कर रही एजेंसी द्वारा उत्पादित मशरूम का बाय-बैक किया जाएगा। इससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं रहेगी और उन्हें अपनी उपज का सुनिश्चित मूल्य मिलेगा। यह मॉडल PVTG समुदाय के लिए आजीविका का स्थायी और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रहा है।

[nd_future]
आगामी चरण में गांव में मशरूम प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना, स्वयं सहायता समूहों का गठन, पैकेजिंग व ब्रांडिंग, एक्सपोज़र विज़िट तथा जिला मुख्यालय में मशरूम मार्ट स्थापित करने की योजना है। पाउडर, चिप्स, बड़ी और पापड़ जैसे मूल्य संवर्धित उत्पादों के माध्यम से ग्रामीणों को सीधे बाजार से जोड़ा जाएगा।

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Written by

डुमरी, गुमला

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