#रांची #खूंटी #महिलास्वास्थ्य : डब्ल्यूसीएसएफ फाउंडेशन ने महावारी स्वच्छता पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया।
डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन द्वारा रांची के राहे एवं खूंटी के कर्रा प्रखंड में महावारी स्वच्छता और महिला स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान में ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को वैज्ञानिक जानकारी, स्वच्छता और स्वास्थ्य जांच के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संकोच तोड़कर स्वास्थ्य संवाद को बढ़ावा देना था। बड़ी संख्या में सहभागिता ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित किया।
- डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन द्वारा राहे व कर्रा प्रखंड में व्यापक अभियान।
- ग्रामीण महिलाओं एवं किशोरियों को महावारी स्वच्छता व स्वास्थ्य की वैज्ञानिक जानकारी।
- जमीनी टीम में सुरबाला देवी, हेलेन बेक, रेखा देवी, गीता देवी, सीमा देवी की सक्रिय भूमिका।
- निदेशक उमा देवी वर्मा के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का सफल संचालन।
- 2022 से झारखंड के कई जिलों में करीब चार लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया।
रांची जिले के राहे प्रखंड तथा खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड में डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन द्वारा महावारी स्वच्छता एवं महिला स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का सुव्यवस्थित और प्रभावी आयोजन किया गया। ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को केंद्र में रखकर चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन्हें महावारी से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी देना, स्वच्छता के महत्व को समझाना तथा समग्र महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना था। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आई महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी ने इस पहल की आवश्यकता और प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाया।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
ग्रामीण समाज में आज भी महावारी से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती, जिसके कारण कई महिलाएं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझती रहती हैं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन ने राहे और कर्रा प्रखंड के गांवों में संवादात्मक जागरूकता सत्र आयोजित किए। इन सत्रों में महिलाओं को सरल भाषा में महावारी, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान यह विशेष रूप से देखा गया कि जब महिलाओं को सुरक्षित और सहज वातावरण मिला, तो उन्होंने खुलकर अपने अनुभव, समस्याएं और जिज्ञासाएं साझा कीं। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि सही मंच मिलने पर महिलाएं स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर चर्चा करने के लिए तैयार रहती हैं।
जमीनी टीम की सक्रिय भूमिका से सफल हुआ अभियान
इस जागरूकता अभियान की सफलता में डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन की जमीनी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से सुरबाला देवी, हेलेन बेक, रेखा देवी, गीता देवी एवं सीमा देवी ने स्थानीय स्तर पर गांव-गांव जाकर महिलाओं और किशोरियों को कार्यक्रम से जोड़ने का कार्य किया।
इन सभी कार्यकर्ताओं ने संवादात्मक बैठकों का आयोजन कर स्वास्थ्य विषयों पर विस्तार से जानकारी दी और महिलाओं को संकोच छोड़कर अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग होने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रयासों से कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने खुले मन से प्रश्न पूछे और कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
महावारी स्वच्छता और संक्रमण से बचाव पर विशेष जानकारी
जागरूकता सत्र के दौरान महिलाओं को महावारी के समय व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित और स्वच्छ साधनों के उपयोग, संक्रमण से बचाव तथा संतुलित पोषण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही स्वच्छ जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
महिलाओं को यह भी समझाया गया कि महावारी के दौरान स्वच्छता की अनदेखी करने से कई प्रकार के संक्रमण और स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए नियमित साफ-सफाई, सुरक्षित उत्पादों का उपयोग और सही स्वास्थ्य आदतों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
गंभीर बीमारियों की पहचान और समय पर जांच पर जोर
कार्यक्रम के दौरान गर्भाशय, स्तन कैंसर तथा सर्वाइकल कैंसर जैसे गंभीर रोगों के लक्षण, प्रारंभिक संकेत और समय पर जांच की आवश्यकता पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने महिलाओं को बताया कि यदि इन बीमारियों की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो जाए तो उपचार अधिक प्रभावी होता है और जीवन को सुरक्षित रखा जा सकता है।
महिलाओं को यह भी जागरूक किया गया कि किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं। इस जानकारी ने महिलाओं के बीच स्वास्थ्य के प्रति नई जागरूकता और सतर्कता का भाव विकसित किया।
निदेशक उमा देवी वर्मा का प्रेरक मार्गदर्शन
यह संपूर्ण कार्यक्रम डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन की निदेशक उमा देवी वर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने महिला स्वास्थ्य को समाज के समग्र विकास का आधार बताते हुए कहा:
“महिला स्वास्थ्य किसी भी समाज की प्रगति का मूल आधार है और महावारी स्वच्छता जैसे विषयों पर खुलकर संवाद करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2022 से संस्था झारखंड के चतरा, लातेहार, लोहरदगा, सिमडेगा, पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी तथा रांची जिलों में लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इन अभियानों के माध्यम से अब तक लगभग चार लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा जा चुका है और उन्हें महावारी स्वच्छता, स्तन कैंसर तथा सर्वाइकल कैंसर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।
संवादात्मक माहौल से टूटा संकोच, बढ़ी जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और किशोरियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए और स्वास्थ्य संबंधी कई प्रश्न पूछे। संवादात्मक माहौल के कारण महिलाओं में झिझक कम हुई और वे अपने स्वास्थ्य को लेकर अधिक जागरूक दिखाई दीं।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के कार्यक्रम महिलाओं के लिए एक सुरक्षित मंच प्रदान करते हैं, जहां वे बिना संकोच अपने स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सकती हैं। इससे उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है और वे स्वास्थ्य संबंधी निर्णय स्वयं लेने के प्रति प्रेरित होती हैं।
भविष्य में भी जारी रहेगा जागरूकता अभियान
डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के महावारी स्वच्छता एवं महिला स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन किया जाएगा। संस्था का लक्ष्य ग्रामीण समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, महिलाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करना और उन्हें सशक्त बनाना है।
इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वास्थ्य, स्वच्छता और जागरूकता के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है, जो समाज के दीर्घकालिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
न्यूज़ देखो: महिला स्वास्थ्य पर जागरूकता से बदल रही ग्रामीण सोच
राहे और कर्रा प्रखंड में आयोजित यह अभियान दर्शाता है कि सही जानकारी और संवाद से ग्रामीण समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। महावारी जैसे संवेदनशील विषय पर खुली चर्चा महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान दोनों के लिए जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम सरकार और समाज दोनों के लिए प्रेरणादायी मॉडल बन सकते हैं। क्या इस पहल को राज्य स्तर पर और व्यापक रूप से लागू किया जाएगा, यह भी महत्वपूर्ण प्रश्न है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक महिला ही स्वस्थ समाज की आधारशिला
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही सशक्त समाज की पहचान है।
महिलाओं और किशोरियों को सही जानकारी देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
महावारी स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच से अनेक गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।
आइए, हम भी अपने परिवार और समाज में महिला स्वास्थ्य पर खुलकर संवाद को बढ़ावा दें।
इस महत्वपूर्ण पहल पर अपनी राय कमेंट करें, खबर को अधिक से अधिक साझा करें और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश हर गांव तक पहुंचाएं।