
#विशुनपुरा #गढ़वा #जनसमस्या_धरना : आठ सूत्री मांगों पर धरना होगा।
गढ़वा जिले के विशुनपुरा अंचल कार्यालय में लंबित मामलों के समाधान में देरी को लेकर जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। इसी विरोध में 8 जनवरी 2026 को अंचल कार्यालय परिसर में एकदिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। धरना का नेतृत्व प्रखंड प्रमुख दीपा कुमारी करेंगी और प्रशासन से समयबद्ध कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस कार्यक्रम को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी नगर उंटारी को पूर्व में लिखित सूचना दे दी गई है।
- लंबित प्रमाण पत्रों के समयबद्ध निष्पादन की मांग।
- पीएम किसान योजना का लाभ सभी योग्य किसानों को।
- भूमि मामलों में म्यूटेशन प्रक्रिया तेज करने पर जोर।
- पेंशन आवेदनों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित हो।
- मंईयां सम्मान योजना से पात्र महिलाओं को जोड़ना।
- सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग।
विशुनपुरा अंचल कार्यालय में प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ यह धरना क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़ा मुद्दा बन गया है। आम जनता से जुड़े कार्यों में लगातार हो रही देरी और अनदेखी के कारण लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसी को लेकर निवर्तमान जनप्रतिनिधियों ने संगठित होकर आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल
विशुनपुरा अंचल कार्यालय की वर्तमान कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। प्रखंड प्रमुख दीपा कुमारी ने आरोप लगाया है कि जाति, निवास, आय तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे बुनियादी दस्तावेजों के लिए भी लोगों को महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा भूमि से जुड़े मामलों, म्यूटेशन और ऑपरेशन कार्य में भी अपेक्षित गति नहीं दिखाई दे रही है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 से लेकर अब तक के कई आवेदन बिना ठोस कारण के लंबित पड़े हुए हैं। इससे किसान, मजदूर, छात्र, महिलाएं और बुजुर्ग वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ सही समय पर न मिल पाना गंभीर चिंता का विषय है।
अनुमंडल पदाधिकारी को दी गई लिखित सूचना
धरना आयोजन को लेकर प्रखंड प्रमुख द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, नगर उंटारी को औपचारिक पत्र भेजकर सूचना प्रदान की गई है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। प्रशासन से आग्रह किया गया है कि धरना के दौरान विधि-व्यवस्था और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आठ सूत्री मांगें होंगी प्रस्तुत
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के समक्ष कुल 8 सूत्री मांगें रखी जाएंगी। इनमें सबसे प्रमुख मांग यह है कि सभी योग्य किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ बिना देरी के दिया जाए। इसके साथ ही निम्न मांगें भी शामिल हैं:
प्रमुख मांगों का विवरण
- जाति, निवास और आय प्रमाण पत्रों का समय पर निष्पादन।
- जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया सरल और तेज हो।
- भूमि के म्यूटेशन कार्य में तेजी लाई जाए।
- वृद्धा, दिव्यांग और सर्वजन पेंशन के लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा।
- मंईयां सम्मान योजना के तहत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को जोड़ना।
- अंचल क्षेत्र की सभी सरकारी और सार्वजनिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना।
- पंचायत जनप्रतिनिधियों का सम्मान सुनिश्चित करना।
- पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत के निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से हो।
बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की संभावना
प्रखंड प्रमुख दीपा कुमारी ने बताया कि इस धरना प्रदर्शन में प्रखंड क्षेत्र के सभी पंचायतों से जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। विशेष रूप से मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, किसान, व्यापारी, सब्जी विक्रेता महिलाएं तथा युवा और बेरोजगार वर्ग के लोग भी आंदोलन में भाग लेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि अंचल कार्यालय की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए यह धरना आम जनता की आवाज को मजबूत करने का एक माध्यम बनेगा।
सुरक्षा और सुविधाओं की मांग
धरना आयोजन को लेकर प्रशासन से पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा तथा अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग की गई है। इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि थाना प्रभारी विशुनपुरा और अंचलाधिकारी विशुनपुरा को भी भेजी गई है, ताकि सभी स्तरों पर समन्वय बनाकर व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
आंदोलन का समय और स्थान
यह एकदिवसीय धरना प्रदर्शन 8 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे से विशुनपुरा अंचल कार्यालय के समक्ष आयोजित किया जाएगा। प्रखंड प्रमुख ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगे और भी बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा समय पर
विशुनपुरा अंचल क्षेत्र आदिवासी और ग्रामीण बहुल इलाका है, जहां अधिकतर लोग सरकारी योजनाओं पर निर्भर हैं। प्रमाण पत्र और भूमि मामलों में देरी से कई लोगों के जरूरी काम अटक जाते हैं। बच्चों की पढ़ाई, नौकरी आवेदन, बैंक ऋण और पेंशन जैसे कार्य सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
जनभावना को नजरअंदाज करना उचित नहीं
पूर्व पार्षदों और पंचायत प्रतिनिधियों का मानना है कि अंचल कार्यालय को जनता की समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए। सरकारी तंत्र का काम लोगों की मदद करना है, न कि उन्हें परेशान करना। लेकिन वर्तमान समय में कार्यालय की कार्यसंस्कृति इससे उलट दिखाई दे रही है।
प्रशासन से त्वरित समाधान की अपेक्षा
धरना का मुख्य उद्देश्य प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट करना है कि लंबित मामलों का निष्पादन एक निश्चित समय सीमा के भीतर हो। प्रखंड प्रमुख ने कहा कि आम जनता की परेशानी दूर करना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।
न्यूज़ देखो: जनता की आवाज बना धरना
यह खबर विशुनपुरा अंचल कार्यालय की जमीनी हकीकत को सामने लाती है। क्या प्रशासन इस धरना के बाद लंबित मामलों पर गंभीरता दिखाएगा, यह बड़ा सवाल है। आंदोलन के माध्यम से जनप्रतिनिधियों ने अपनी जवाबदेही निभाई है। अब देखना होगा कि अधिकारियों द्वारा कितनी जल्दी ठोस कदम उठाए जाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सक्रिय नागरिकता से ही बदलेगी व्यवस्था
विशुनपुरा में होने वाला यह धरना प्रदर्शन आम जनता की सामूहिक ताकत का परिचायक है।
सरकारी योजनाओं और प्रमाण पत्रों में देरी से लोगों का भरोसा टूटता है।
जरूरी है कि प्रशासन जनता के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह बने।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा और जरूरत दोनों मौजूद हैं, उन्हें सही समय पर सहयोग मिलना चाहिए।
ऐसे आंदोलनों से ही व्यवस्था में सुधार का मार्ग खुलता है।
क्षेत्रीय विकास के लिए जनप्रतिनिधि और जनता का एकजुट होना शुभ संकेत है।
आप भी सजग रहें और अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाएं।
निवर्तमान पार्षदों की मांगों का समर्थन करें और इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें।
पीड़ित लाभुकों की मदद के लिए प्रशासनिक सुधार जरूरी है।
सजग रहें, सक्रिय बनें। विशुनपुरा की बेटियों और किसानों को समय पर न्याय दिलाना हम सबकी जिम्मेदारी है। अपनी राय कमेंट करें, खबर को दोस्तों तक पहुंचाएं और सामाजिक जागरूकता में भागीदार बनें।





