
#डुमरी #धरना_प्रदर्शन : एसडीएम और बीडीओ की पदस्थापना समेत मांगों को लेकर 12 मार्च को आंदोलन।
गिरिडीह जिले के डुमरी अनुमंडल क्षेत्र में प्रशासनिक पदों की रिक्तता को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन ने एसडीएम और बीडीओ की पदस्थापना सहित विभिन्न मांगों को लेकर 12 मार्च को डुमरी अनुमंडल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है। धरना को सफल बनाने के लिए रविवार को यूनियन पदाधिकारियों ने कई गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया और ग्रामीणों से समर्थन मांगा। यूनियन नेताओं का कहना है कि अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण आम जनता की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है।
- 12 मार्च को डुमरी अनुमंडल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित।
- झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया।
- कोरियाडीह, बलथरिया, लोहेडीह और निमियाघाट क्षेत्रों में ग्रामीणों से मुलाकात कर भागीदारी की अपील।
- यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो और केंद्रीय संरक्षक चेतलाल महतो ने प्रशासनिक पदस्थापना की मांग उठाई।
- कई विभागों में बिचौलियों के सक्रिय होने और JSLPS में कर्मियों के वर्षों से जमे रहने का आरोप।
- अभियान में सुभाष पंडित, रवींद्र कुमार, रुपलाल महतो, जयलाल प्रसाद दास, तिरवेणी दास, महावीर महतो, तेजलाल महतो समेत कई कार्यकर्ता शामिल।
डुमरी अनुमंडल क्षेत्र में प्रशासनिक पदों की रिक्तता को लेकर जनाक्रोश धीरे-धीरे तेज होता दिख रहा है। इसी मुद्दे को लेकर झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन ने 12 मार्च को डुमरी अनुमंडल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए यूनियन के पदाधिकारी लगातार गांवों में जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। रविवार को यूनियन प्रतिनिधियों ने विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को आंदोलन के उद्देश्य और मांगों की जानकारी दी। साथ ही लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।
धरना को सफल बनाने के लिए चलाया गया जनसंपर्क अभियान
रविवार को यूनियन से जुड़े पदाधिकारियों ने डुमरी अनुमंडल क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान कोरियाडीह, बलथरिया, लोहेडीह और निमियाघाट क्षेत्रों में ग्रामीणों से मुलाकात की गई। यूनियन नेताओं ने ग्रामीणों को बताया कि प्रशासनिक पदों की रिक्तता के कारण क्षेत्र में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है।
गांवों में आयोजित बैठकों के दौरान ग्रामीणों से आग्रह किया गया कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर 12 मार्च को होने वाले धरना-प्रदर्शन में शामिल हों। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल संगठन का नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़ा हुआ है।
प्रशासनिक पदस्थापना नहीं होने से बढ़ रही समस्याएं
यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो और केंद्रीय संरक्षक चेतलाल महतो ने बताया कि डुमरी अनुमंडल में एसडीएम और बीडीओ जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद लंबे समय से रिक्त हैं। इसके कारण लोगों को अपने कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पाता।
गंगाधर महतो ने कहा:
“अनुमंडल में एसडीएम और बीडीओ का पदस्थापन नहीं होने के कारण आम जनता की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है। इससे क्षेत्र के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं और लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।”
वहीं केंद्रीय संरक्षक चेतलाल महतो ने भी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारियों की अनुपस्थिति से स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया कमजोर हो जाती है, जिसका सीधा असर विकास योजनाओं और जनहित के कार्यों पर पड़ता है।
बिचौलियों के सक्रिय होने का लगाया आरोप
यूनियन नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कई सरकारी विभागों में बिचौलियों का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। इससे आम जनता को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
चेतलाल महतो ने कहा:
“कई विभागों में बिचौलियों का बोलबाला है, जिससे आम जनता को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।”
नेताओं ने कहा कि अगर प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत नहीं होगी तो योजनाओं का लाभ सही तरीके से जनता तक नहीं पहुंच पाएगा।
JSLPS में वर्षों से जमे कर्मियों पर भी सवाल
यूनियन ने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। नेताओं का कहना है कि इस संस्था में कई कर्मी वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, जिससे कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापना रहने से पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी असर पड़ता है। इसलिए इस व्यवस्था में सुधार लाना जरूरी है।
जनसंपर्क अभियान में कई पदाधिकारी रहे मौजूद
रविवार को चलाए गए जनसंपर्क अभियान में यूनियन के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें केंद्रीय उपाध्यक्ष सुभाष पंडित, केंद्रीय महासचिव रवींद्र कुमार, केंद्रीय सदस्य रुपलाल महतो, जयलाल प्रसाद दास, तिरवेणी दास, महावीर महतो और तेजलाल महतो सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
इन सभी ने गांवों में जाकर लोगों से बातचीत की और उन्हें आंदोलन के उद्देश्य से अवगत कराया। यूनियन नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।
12 मार्च को बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील
यूनियन नेताओं ने ग्रामीणों और संगठन के सदस्यों से अपील की है कि वे 12 मार्च को डुमरी अनुमंडल कार्यालय परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल हों। उनका कहना है कि जब तक प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति नहीं होगी और व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
नेताओं का मानना है कि जनता की एकजुट आवाज ही प्रशासन को समस्याओं के समाधान के लिए मजबूर कर सकती है।
न्यूज़ देखो: प्रशासनिक रिक्तियों पर बढ़ता जनदबाव
डुमरी अनुमंडल में एसडीएम और बीडीओ जैसे महत्वपूर्ण पदों का रिक्त रहना प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़ा करता है। जब स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी ही मौजूद नहीं होंगे, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा और विकास योजनाएं कैसे आगे बढ़ेंगी। झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन द्वारा उठाया गया यह मुद्दा केवल एक संगठन की मांग नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के प्रशासनिक ढांचे से जुड़ा प्रश्न है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस आंदोलन और उठाई गई मांगों पर क्या कदम उठाता है।
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अधिकारों के लिए जागरूक बनें और अपनी आवाज मजबूत करें
लोकतंत्र में जनता की जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत होती है। जब नागरिक अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर संगठित होते हैं, तब व्यवस्था में सुधार की राह बनती है।
डुमरी क्षेत्र में उठी यह आवाज प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हो सकती है। यदि लोग एकजुट होकर अपनी समस्याओं को सामने रखें, तो समाधान की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
ऐसे मुद्दों पर जागरूक रहना और सकारात्मक भागीदारी निभाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
आप भी अपनी राय जरूर रखें, खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक साझा करें और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा करें।


