
#रामगढ़ #लापता_बच्चे : 13 दिन की खोज के बाद बजरंग दल ने बच्चों को सकुशल पुलिस को सौंपा।
झारखंड की राजधानी रांची से लापता दो मासूम बच्चों को बजरंग दल रामगढ़ की सक्रियता और सतत प्रयासों से 13वें दिन सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्चों की खोज के लिए संगठन ने जिलेभर में अभियान चलाया, जिसका परिणाम चितरपुर क्षेत्र में सामने आया। बच्चों की सुरक्षित वापसी से परिजनों को बड़ी राहत मिली है और सामाजिक संगठनों की भूमिका एक बार फिर उजागर हुई है।
- रांची के धुर्वा क्षेत्र से 2 जनवरी से लापता थे दोनों बच्चे।
- 14 जनवरी को 13वें दिन हुई सकुशल बरामदगी।
- चितरपुर प्रखंड के पहाड़ियां जहाने से मिले मासूम।
- बजरंग दल रामगढ़ ने जिलेभर में चलाया खोज अभियान।
- गुलगुलिया दंपति के पास से बच्चों को किया गया बरामद।
- बरामद बच्चों को पुलिस के हवाले किया गया।
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा क्षेत्र से लापता दो मासूम बच्चे अंश कुमार राय और अंशिका कुमारी आखिरकार 13 दिनों के बाद सुरक्षित मिल गए। बच्चों की तलाश में जुटे बजरंग दल रामगढ़ जिला के युवाओं को यह सफलता 14 जनवरी को चितरपुर प्रखंड क्षेत्र में मिली। इस घटना से जहां परिजनों के चेहरे पर खुशी लौटी, वहीं पूरे क्षेत्र में बजरंग दल के प्रयासों की सराहना हो रही है।
2 जनवरी से लापता थे दोनों मासूम
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे 2 जनवरी से रांची के धुर्वा क्षेत्र से लापता थे। बच्चों के अचानक गायब होने से परिवार गहरे सदमे में था और लगातार उनकी तलाश की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्चों को खोजने वालों के लिए दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई थी।
बजरंग दल ने शुरू किया व्यापक खोज अभियान
बच्चों की सुरक्षित बरामदगी के लिए बजरंग दल रामगढ़ जिला की ओर से एक विशेष खोज अभियान चलाया गया। अभियान के तहत जिले के सभी प्रखंडों में संगठन के कार्यकर्ता सक्रिय हुए।
कार्यकर्ताओं ने उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया, जहां गुलगुलिया और मांग कर जीवन यापन करने वाले लोग निवास करते हैं। संभावित इलाकों में लगातार पूछताछ और निगरानी की गई।
चितरपुर में मिली अहम सफलता
बुधवार को बजरंग दल चितरपुर समिति के बजरंगी सचिन प्रजापति, बबलु साहू और सन्नी ने चितरपुर प्रखंड स्थित पहाड़ियां जहाने क्षेत्र में खोजबीन अभियान चलाया। इसी दौरान दोनों मासूम बच्चों को एक गुलगुलिया दंपति के पास देखा गया।
स्थिति को भांपते हुए बजरंग दल के युवाओं ने बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और तत्काल इसकी सूचना रामगढ़ पुलिस को दी।
पुलिस को सौंपे गए बच्चे
सूचना मिलने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दोनों बच्चों और गुलगुलिया दंपति को पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद रजरप्पा पुलिस बच्चों और दंपति को लेकर रामगढ़ पुलिस मुख्यालय पहुंची।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साझा की जाएगी।
क्षेत्र में बजरंग दल की हो रही सराहना
दोनों मासूमों की सकुशल बरामदगी के बाद रामगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस संवेदनशीलता, साहस और जिम्मेदारी के साथ यह अभियान चलाया गया, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है।
न्यूज़ देखो: सामाजिक जिम्मेदारी की जीवंत मिसाल
यह मामला दिखाता है कि जब सामाजिक संगठन संवेदनशीलता और समर्पण के साथ आगे आते हैं, तो बड़ी से बड़ी चुनौती को भी पार किया जा सकता है। बजरंग दल रामगढ़ ने बच्चों की जान बचाकर न सिर्फ परिजनों को राहत दी, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और मानवता के मूल्यों को भी मजबूत किया। ऐसे प्रयासों से प्रशासन और समाज के बीच विश्वास और मजबूत होता है।
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जब समाज जागता है, तब उम्मीद जिंदा रहती है
दो मासूमों की सुरक्षित वापसी हमें यह सिखाती है कि सतर्कता और सहयोग से बड़ी त्रासदी टाली जा सकती है।
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