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डुमरी प्रखंड क्षेत्र के सिरसी ता नाले उर्फ ककड़ोलता में 5 फरवरी को आयोजित सामूहिक प्रार्थना सह पूजा कार्यक्रम की समीक्षा को लेकर शनिवार को अकासी पंचायत भवन परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने की, जिसमें कार्यक्रम की सफलता, व्यवस्थाओं की समीक्षा और धार्मिक स्थल के भावी विकास को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
- पूजा स्थल पर शौचालय व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग
- धार्मिक स्थल पर प्लास्टिक उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध की आवश्यकता
- पूजा स्थल पर शराब सेवन और बोतल फोड़ने की घटनाओं पर नाराजगी
- 8 मार्च को विकास योजना को अंतिम रूप देने के लिए पुनः बैठक का निर्णय
- गरिमा, स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने का सामूहिक संकल्प
समीक्षा बैठक में उठे अहम मुद्दे
बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि ककड़ोलता पूजा स्थल के चारों ओर शौचालय की समुचित व्यवस्था अनिवार्य है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिले और स्वच्छता बनी रहे। ग्रामीणों ने विशेष रूप से प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की।
ग्रामीणों ने चिंता जताई कि पूजा के बाद फैला प्लास्टिक कचरा गाय, बैल और बकरी जैसे मवेशियों द्वारा खा लिया जाता है, जिससे उनकी मृत्यु तक हो जाती है। इसे गंभीर सामाजिक और पर्यावरणीय समस्या बताते हुए सख्त नियम लागू करने की आवश्यकता बताई गई।
शराब सेवन पर कड़ा रुख
समीक्षा के दौरान कुछ श्रद्धालुओं द्वारा पूजा स्थल पर शराब सेवन करने और बोतलें खेतों में फोड़ देने की घटनाओं पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। ग्रामीणों ने इसे धार्मिक स्थल की पवित्रता के खिलाफ बताते हुए ऐसे कृत्यों पर सख्त रोक लगाने की मांग की।
विकास के लिए ठोस प्रस्ताव पर सहमति
बैठक में पंचायत के बैगा, महतो, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया एवं ग्रामीणों ने धार्मिक स्थल के समुचित विकास के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार करने पर सहमति जताई। इस क्रम में आगामी 8 मार्च को एक वृहद बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें विकास योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
एकजुटता और संकल्प के साथ बैठक संपन्न
बैठक का समापन धार्मिक स्थल की गरिमा, स्वच्छता और समग्र विकास के संकल्प के साथ किया गया। ग्रामीणों ने भविष्य में और अधिक अनुशासित, स्वच्छ एवं भव्य आयोजन करने का भरोसा जताया।
बैठक में अकासी, नौगाई, सिरसी और पुटरुगी के बैगा, महतो, पंचायत समिति सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। मौके पर कमले उरांव, पंचायत समिति सदस्य पलासी दास उरांव, करमु मुंडा, सुखदेव मुंडा, पेचा मुंडा, अकलू भगत, जून उरांव, मंगरा उरांव, सुरेश भगत, सुमेश उरांव, वासुदेव भगत, गुलाब मुंडा, श्रीराम उरांव, राकेश भगत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
न्यूज़ देखो विश्लेषण
ककड़ोलता पूजा की समीक्षा बैठक यह दर्शाती है कि जब धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी जुड़ती है, तब विकास का रास्ता स्वतः खुलता है। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और अनुशासन जैसे मुद्दों पर ग्रामीणों की जागरूकता भविष्य के आयोजनों को और अधिक सार्थक बनाएगी।
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