
#साहिबगंज #सड़क_हादसा : बरहेट–बरहड़वा मार्ग पर भीषण टक्कर से चार जानें गईं, कई गंभीर घायल।
साहिबगंज जिले के बरहेट–बरहड़वा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे में छह वर्षीय बच्ची सहित चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। ऑटो और तेल टैंकर की आमने-सामने भिड़ंत में तीन लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में कई बच्चे समेत अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में आक्रोश और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
- बरहेट–बरहड़वा मुख्य मार्ग पर ऑटो व तेल टैंकर की आमने-सामने टक्कर।
- छह वर्षीय बच्ची समेत चार लोगों की मौत, कई घायल।
- मृतकों में समय साह, रंदनी सोरेन, जमल कुमार और शांति हेम्ब्रम शामिल।
- तीन की मौके पर मौत, ऑटो चालक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम।
- इलाज में लापरवाही के आरोप में रांगा सीएचसी में तोड़फोड़।
साहिबगंज जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बरहेट–बरहड़वा मुख्य मार्ग पर छोटा रांगा डांड़ पुल मोड़ के पास एक ऑटो और तेल टैंकर की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऑटो बरहेट से बरहड़वा की ओर जा रहा था। ऑटो में सवार सभी यात्री डाहूजोर चौक पर उतरने वाले थे। इसी दौरान सामने से आ रहे तेल टैंकर से ऑटो की सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।
हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत
इस भीषण दुर्घटना में बड़ा रांगा निवासी समय साह (30 वर्ष), घटियारी गांव की रंदनी सोरेन (30 वर्ष) और छह वर्षीय मासूम बच्ची शांति हेम्ब्रम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं ऑटो चालक जमल कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
इस हादसे में तीन बच्चों सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से कुछ की हालत गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
अस्पताल में हंगामा, इलाज में लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद जब घायलों को रांगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), पतना लाया गया, तो वहां इलाज को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। आक्रोशित लोगों ने सीएचसी परिसर में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ भी की।
ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय पर और समुचित इलाज मिलता, तो शायद ऑटो चालक की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पोस्टमार्टम को लेकर ग्रामीणों का विरोध
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया। हालांकि, इलाज में लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने शव उठाने का विरोध किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर साहिबगंज जिले में सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरहेट–बरहड़वा मार्ग पर तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन न तो स्पीड कंट्रोल के पुख्ता इंतजाम हैं और न ही सड़क पर पर्याप्त सुरक्षा संकेतक लगे हुए हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर नियमित जांच, गति सीमा का सख्ती से पालन और दुर्घटना संभावित स्थलों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
न्यूज़ देखो: दर्दनाक हादसा, जवाबदेही जरूरी
साहिबगंज का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है। एक मासूम बच्ची सहित चार लोगों की मौत ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार विभाग इससे सबक लेंगे और ठोस कदम उठाएंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सड़क पर सावधानी ही जीवन की सुरक्षा
हर दुर्घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि लापरवाही की कीमत कितनी भारी होती है।
सड़क सुरक्षा नियमों का पालन और प्रशासन की सख्ती समय की मांग है।
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