गिरिडीह में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत चला श्रमदान कार्यक्रम: अधिकारियों और कर्मियों ने लिया स्वच्छता का संकल्प

गिरिडीह में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत चला श्रमदान कार्यक्रम: अधिकारियों और कर्मियों ने लिया स्वच्छता का संकल्प

author Surendra Verma
1 Views Download E-Paper (0)
#गिरिडीह #स्वच्छताअभियान : जिला उपायुक्त के निर्देश पर एक दिन एक घंटा श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन
  • उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर श्रमदान कार्यक्रम आयोजित।
  • पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल 1 और 2 में चला वृहद सफाई अभियान।
  • अविक अंबाला ने दिलाई स्वच्छता की शपथ।
  • राहुल श्रीवास्तव ने कहा स्वच्छता है जीवन जीने की शैली।
  • यूनिसेफ और सफाई मित्रों ने भी अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

गिरिडीह जिले में शुक्रवार को जिला प्रशासन के नेतृत्व में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत “एक दिन एक घंटा श्रमदान कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहरी क्षेत्र और पंचायत स्तर पर अधिकारियों, कर्मियों और आम जनता ने साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या 1 और 2 में विशेष तौर पर यह अभियान चलाया गया, जहां यूनिसेफ और सफाई मित्रों की भी सक्रिय भागीदारी रही।

सामूहिक प्रयास से जिला हुआ सक्रिय

इस श्रमदान कार्यक्रम में कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। सभी ने परिसर की सफाई करते हुए यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी से ही सफल हो सकती है।

अविक अंबाला ने दिलाई शपथ

पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या 2 के कार्यपालक अभियंता अविक अंबाला ने मौके पर उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हमें नियमित श्रमदान कर अपने जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। उन्होंने प्लास्टिक के कम उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि हर नागरिक का योगदान जरूरी है।

अविक अंबाला ने कहा: “हमें निरंतर श्रमदान कर अपने जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना है। सामूहिक प्रयासों के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर भी योगदान देना आवश्यक है।”

राहुल श्रीवास्तव का संदेश

पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या 1 के कार्यपालक अभियंता राहुल श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक शैली है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ सफाई करना नहीं था, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाना भी था।

राहुल श्रीवास्तव ने कहा: “स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवन जीने की शैली है। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही हम स्वच्छ और स्वस्थ भारत का निर्माण कर सकते हैं।”

जागरूकता और जिम्मेदारी का संदेश

कार्यक्रम के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि स्वच्छ भारत मिशन को जन-आंदोलन का रूप तभी मिलेगा, जब हर नागरिक अपने स्तर पर पहल करेगा। सामूहिक श्रमदान और व्यक्तिगत प्रयास मिलकर ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

न्यूज़ देखो: स्वच्छता बनी जन-आंदोलन की राह

गिरिडीह में आयोजित यह श्रमदान कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि जब प्रशासन, अधिकारी और समाज मिलकर प्रयास करते हैं, तो बदलाव निश्चित होता है। यह अभियान सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूकता और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अब हम सबकी जिम्मेदारी

स्वच्छता केवल सरकार की नहीं, बल्कि हमारी भी जिम्मेदारी है। यदि हम अपने घर, गली और मोहल्ले को साफ रखें, तो यह देश स्वतः स्वच्छ हो जाएगा। अब समय है कि हम अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण छोड़ें। आइए, इस संदेश को आगे बढ़ाएं, अपनी राय कॉमेंट में साझा करें और खबर को दोस्तों तक पहुंचाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

डुमरी, गिरिडीह

🔔

Notification Preferences

error: