एलिस शैक्षणिक संस्थान में बाल दिवस पर बच्चों की उमंग और खुशियों का विशेष समारोह

एलिस शैक्षणिक संस्थान में बाल दिवस पर बच्चों की उमंग और खुशियों का विशेष समारोह

author Shivnandan Baraik
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#बानो #बालदिवस : एलिस शैक्षणिक संस्थान में चाचा नेहरू की जयंती पर बच्चों ने नृत्य, संगीत और केक कटिंग के साथ बाल दिवस उत्साहपूर्वक मनाया।
  • एलिस शैक्षणिक संस्थान में बाल दिवस का रंगारंग आयोजन किया गया।
  • निदेशक बिमल कुमार ने पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
  • बच्चों को मिठाई व केक का वितरण कर खुशी साझा की गई।
  • छोटे बच्चों ने डांस और संगीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोहा।
  • कार्यक्रम में सोनाली मर्की, परमानंद साहू, अनिल कुमार, सुष्मिता सिंह समेत कई छात्र-छात्राएँ शामिल रहे।

बानो प्रखंड स्थित एलिस शैक्षणिक संस्थान में आज बाल दिवस उत्साह और मासूम खुशियों के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक बिमल कुमार द्वारा पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू का बच्चों के प्रति प्रेम ही उन्हें ‘चाचा नेहरू’ के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध बनाता है। इसी वजह से हर वर्ष 14 नवंबर को बाल दिवस उनके सम्मान में मनाया जाता है, ताकि बच्चे देश के भविष्य निर्माता होने के महत्व को समझ सकें।

बच्चों ने नृत्य, संगीत और खिलखिलाहट से भरा माहौल

कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने रंगारंग नृत्य और संगीत प्रस्तुत कर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उनकी प्रस्तुति से पूरा स्कूल प्रांगण तालियों की गूंज से भर उठा। बच्चों के लिए मिठाई और केक का वितरण कर इस दिन को और भी खास बनाया गया। बच्चों की मुस्कुराहट और उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

उपस्थित शिक्षक और छात्र-छात्राओं की सहभागिता

इस मौके पर संस्थान की टीम—सोनाली मर्की, परमानंद साहू, अनिल कुमार और सुष्मिता सिंह—सहित कई छात्र-छात्राएँ जैसे वाणी कुमारी, नित्या सोनी, अनमोल कुमार, भारत भोक्ता, अधिविक आदि मौजूद रहे और कार्यक्रम की सफलता में योगदान दिया। सभी ने मिलकर बाल दिवस का महत्व समझाया और बच्चों को सपनों, शिक्षा और सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित किया।

न्यूज़ देखो: बच्चे देश का भविष्य, उनकी मुस्कान हमारा संकल्प

एलिस संस्थान में बाल दिवस का आयोजन इस बात का प्रतीक है कि शिक्षा केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, खुशियों और आत्मविश्वास को भी मजबूत करती है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के भीतर सृजनशीलता और सीखने की इच्छा को प्रोत्साहित करते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बचपन की मुस्कान में देश का उजाला

बच्चे हमारे कल के निर्माता हैं—उन्हें सुरक्षित, शिक्षित और प्रेरित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
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Written by

बानो, सिमडेगा

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