#पेशम #टीबीमुक्तअभियान : आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पोर्टेबल एक्स-रे सहित मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध होगी।
गिरिडीह के पेशम पंचायत में टीबी मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए 6 अप्रैल 2026 को विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आयोजित इस शिविर में पोर्टेबल एक्स-रे सहित कई जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों ने अधिक से अधिक लोगों से भाग लेने की अपील की है।
- 6 अप्रैल 2026 को पेशम में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन।
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पेशम में सुबह 10 बजे से शुरुआत।
- पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से टीबी जांच की सुविधा उपलब्ध।
- बीपी, शुगर और रक्त जांच सहित कई सेवाएं मुफ्त।
- 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए विशेष जांच व्यवस्था।
- मुखिया रागिनी सिन्हा ने ग्रामीणों से भाग लेने की अपील की।
गिरिडीह जिले के पेशम पंचायत में टीबी मुक्त अभियान को गति देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। 6 अप्रैल 2026, सोमवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पेशम में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर सुबह 10 बजे से शुरू होगा, जिसमें ग्रामीणों को कई प्रकार की मुफ्त स्वास्थ्य जांच सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
टीबी मुक्त अभियान को मिलेगा बल
यह शिविर विशेष रूप से टीबी (क्षय रोग) की पहचान और रोकथाम के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। टीबी एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जिसकी समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी होता है।
शिविर में आधुनिक पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से लोगों की जांच की जाएगी, जिससे संभावित मरीजों की पहचान आसानी से हो सकेगी।
विभिन्न स्वास्थ्य जांच की होगी व्यवस्था
शिविर में केवल टीबी जांच ही नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए भी कई स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इसमें ब्लड प्रेशर (BP), शुगर, रक्त जांच जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है, ताकि बुजुर्गों की स्वास्थ्य समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सके।
ग्रामीणों से अधिक भागीदारी की अपील
पंचायत की मुखिया रागिनी सिन्हा ने बताया कि यह शिविर ग्रामीणों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया जा रहा है, ताकि उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
रागिनी सिन्हा ने कहा: “हम चाहते हैं कि पंचायत के सभी लोग इस शिविर में आकर अपनी जांच कराएं और समय रहते बीमारियों से बचाव सुनिश्चित करें।”
उन्होंने सभी पंचायत वासियों से आग्रह किया कि वे निर्धारित समय पर पहुंचें और अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी साथ लेकर आएं।
स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करते हैं। कई बार दूर-दराज के लोगों को अस्पताल तक पहुंचने में कठिनाई होती है, ऐसे में स्थानीय स्तर पर आयोजित शिविर बेहद उपयोगी साबित होते हैं।
यह पहल न केवल टीबी मुक्त अभियान को गति देगी, बल्कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी बनाएगी।
न्यूज़ देखो: गांव-गांव स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत
पेशम में आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर दिखाता है कि यदि योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं। टीबी जैसी बीमारी के खिलाफ लड़ाई में ऐसे अभियान बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। अब जरूरत है कि ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित हों और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इनका लाभ पहुंचे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ें और जागरूक बनें
स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी संपत्ति है, और समय पर जांच ही बीमारी से बचाव का सबसे आसान तरीका है। ऐसे मुफ्त स्वास्थ्य शिविरों का लाभ उठाना हर नागरिक की जिम्मेदारी भी है और जरूरत भी।
यदि आप या आपके परिवार में कोई भी स्वास्थ्य समस्या है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच कराकर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं, अपने आसपास के लोगों को भी शिविर में आने के लिए प्रेरित करें और एक स्वस्थ समाज बनाने में अपना योगदान दें।
