
#दुमका #विज्ञान_तकनीक : गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में बन रहे डिजिटल प्लैनेटोरियम में जापानी तकनीक का इस्तेमाल।
झारखंड की उपराजधानी दुमका में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस डिजिटल तारामंडल (प्लैनेटोरियम) जल्द ही लोगों को समर्पित किया जाएगा। गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में झारखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से इसका निर्माण किया गया है। यहां जापान की कंपनी कोनिका-मिनोल्टा के आधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं, जिनकी इंस्टॉलेशन का कार्य जापान के विशेषज्ञ कर रहे हैं।
- दुमका के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में बनाया गया अत्याधुनिक डिजिटल तारामंडल।
- जापान की कंपनी कोनिका-मिनोल्टा के आधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं।
- जापानी विशेषज्ञ मिस्टर ताकेदा और मिस्टर उमेदा पिछले एक माह से इंस्टॉलेशन कार्य में जुटे हैं।
- लगभग 15 मीटर टॉप स्क्रीन वाले तारामंडल में करीब 150 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी।
- परियोजना की शुरुआत 2015 में हुई थी, भवन निर्माण पहले ही पूरा हो चुका था।
दुमका में बन रहा यह डिजिटल तारामंडल झारखंड में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में निर्मित इस प्लैनेटोरियम में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है ताकि लोगों, विशेषकर छात्रों को ब्रह्मांड और अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारियां रोचक तरीके से मिल सकें।
जापान की तकनीक से लैस होगा तारामंडल
तारामंडल में जापान की प्रतिष्ठित कंपनी कोनिका-मिनोल्टा के अत्याधुनिक प्रोजेक्टर और अन्य उपकरण लगाए जा रहे हैं। इन उपकरणों की स्थापना का कार्य आरएसए कोसमोस के माध्यम से किया जा रहा है।
जापान के विशेषज्ञ मिस्टर ताकेदा और मिस्टर उमेदा पिछले एक महीने से दुमका में रहकर प्रोजेक्टर समेत अन्य तकनीकी उपकरणों की इंस्टॉलेशन में लगे हुए हैं। इस कार्य में भारतीय वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ भी सहयोग कर रहे हैं।
छात्रों और आम लोगों के लिए होगा आकर्षण
करीब 15 मीटर के डोम स्क्रीन वाले इस तारामंडल में एक साथ लगभग 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। यहां ऑप्टोमेक्निकल प्रोजेक्टर प्रणाली के माध्यम से ग्रह-नक्षत्र, ब्रह्मांड और अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारी को बेहद आकर्षक और आधुनिक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।
इससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम लोगों को अंतरिक्ष विज्ञान को समझने का बेहतर अवसर मिलेगा।
न्यूज़ देखो: झारखंड में विज्ञान शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
दुमका में बन रहा यह अत्याधुनिक डिजिटल तारामंडल राज्य में विज्ञान शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे छात्रों को अंतरिक्ष और विज्ञान की दुनिया को करीब से जानने का मौका मिलेगा और झारखंड विज्ञान के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
विज्ञान की दुनिया को करीब से जानने का अवसर
ऐसे विज्ञान केंद्र और तारामंडल युवाओं और छात्रों को नई प्रेरणा देते हैं। विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और नई पीढ़ी को खोज और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए यह पहल बेहद महत्वपूर्ण है।


